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रॉबर्ट कियोसाकी की चेतावनी: सोना-चांदी में निवेश जरूरी

‘रिच डैड पुअर डैड’ के मशहूर लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर वैश्विक निवेशकों को झकझोर देने वाली बात कही है। अपने ताजा बयान में उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को लेकर गंभीर चेतावनी दी है और साफ कहा है कि यह संघर्ष अभी खत्म होने वाला नहीं है।

कियोसाकी के मुताबिक, दुनिया एक बड़े आर्थिक तूफान की तरफ बढ़ रही है और ऐसे में सोना, चांदी और बिटकॉइन ही आपकी संपत्ति को बचाने का एकमात्र सहारा हो सकते हैं। उनका यह नजरिया सिर्फ एक राय नहीं, बल्कि दशकों के निवेश अनुभव पर आधारित चेतावनी है।

युद्ध का असर और आर्थिक अस्थिरता

रॉबर्ट कियोसाकी का मानना है कि मिडिल ईस्ट का संकट सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला सकते हैं। जब भी दुनिया में कोई बड़ा युद्ध या संघर्ष होता है, तो निवेशकों का भरोसा पारंपरिक मुद्राओं से उठकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ चला जाता है।

कियोसाकी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि अमेरिकी डॉलर और अन्य फिएट करेंसी अब वैसी मजबूती नहीं दिखा रही जैसी पहले दिखाती थी। महंगाई बढ़ने के साथ-साथ मुद्रास्फीति का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सोना और चांदी जैसी कीमती धातुएं न सिर्फ मुद्रास्फीति से बचाव का काम करती हैं, बल्कि लंबे समय में वैल्यू भी बढ़ाती रहती हैं।

दिलचस्प बात यह है कि कियोसाकी ने अपनी चेतावनी में बिटकॉइन को भी शामिल किया है। उनका कहना है कि डिजिटल गोल्ड के रूप में बिटकॉइन भी एक बेहतरीन निवेश विकल्प हो सकता है, खासकर उन युवाओं के लिए जो टेक्नोलॉजी को समझते हैं।

भारतीय निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह संदेश

भारत में भी सोना-चांदी की परंपरा सदियों पुरानी है। हमारे यहां त्योहारों के समय और शुभ मौकों पर सोना खरीदने का रिवाज है, जो न सिर्फ सांस्कृतिक है बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी समझदारी भरा है। रॉबर्ट कियोसाकी की सलाह इस परंपरा को और भी मजबूती देती है।

हाल के महीनों में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें लगातार उछाल देख रही हैं। भारतीय बाजार में भी सोना 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार चला गया है। चांदी की कीमतें भी तेजी दिखा रही हैं। इसका मतलब यह है कि जिन निवेशकों ने पहले से ही इन कीमती धातुओं में पैसा लगाया हुआ है, उन्हें अच्छा रिटर्न मिल रहा है।

लेकिन सवाल यह है कि क्या अब भी सोना-चांदी खरीदना समझदारी है या नहीं? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं तो हां, अभी भी यह एक अच्छा विकल्प है। खासकर SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए गोल्ड ETF में निवेश करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है।

निवेश की रणनीति: सावधानी और संयम जरूरी

रॉबर्ट कियोसा

आरपारखबर डेस्क

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