6 कपड़े जिन्हें हर बार न धोएं
क्या आप भी हर कपड़े को एक बार पहनते ही तुरंत वॉशिंग मशीन में डाल देते हैं? अगर हां, तो जान लीजिए कि यह आदत आपके कपड़ों को जल्दी खराब कर सकती है। लॉन्ड्री एक्सपर्ट्स और टेक्सटाइल स्पेशलिस्ट्स के अनुसार, ओवरवॉशिंग यानी बार-बार कपड़ों को धोना उनके कपड़ों के रंग, फिटिंग, और टेक्सचर को नुकसान पहुंचाता है। साथ ही, पानी, बिजली और डिटर्जेंट की बर्बादी भी होती है। आज हम आपको उन छह कपड़ों के बारे में विस्तार से बताएंगे, जिन्हें एक बार पहनने के बाद बिना धोए कुछ दिन और पहन सकते हैं। इन कपड़ों को सही समय पर धोना और सही तरीके से रखना आपके कपड़ों की आयु बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है।
डेनिम जीन्स और जैकेट्स
डेनिम एक ऐसा कपड़ा है जिसे बार-बार धोने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। दरअसल, डेनिम के कपड़ों को ज्यादा धोने से उनका रंग फीका पड़ जाता है और कपड़े कमजोर हो जाते हैं। लॉन्ड्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, डेनिम जीन्स को महीने में एक या दो बार ही धोना चाहिए, अगर वह बहुत गंदी न हों। अगर आपकी जीन्स में हल्का दाग लगा हो तो आप उसे हाथ से स्पॉट क्लीन कर सकते हैं। इसके अलावा, डेनिम को धोते समय उल्टा करके धोना चाहिए ताकि रंग कम फीका पड़े। डेनिम जैकेट्स के साथ भी यही नियम लागू होता है। इन्हें हर बार पहनने के बाद धोने की जरूरत नहीं होती। बस सूखी जगह पर हवा दे देते हैं, तो वह पूरी तरह तरोताजा हो जाते हैं।
ब्लेजर्स और फॉर्मल आउटवियर
ब्लेजर्स, कोट्स, और अन्य फॉर्मल वियर को हर बार पहनने के बाद धोना बिल्कुल गलत है। ये कपड़े महंगे होते हैं और इनका फेब्रिक नाजुक होता है। इन्हें धोते समय रंग बदलने का खतरा रहता है। ब्लेजर्स में अगर हल्का दाग लगा हो तो उसे साफ कपड़े से हल्के हाथों से पोंछ दें। अगर कुछ महीने इस्तेमाल करने के बाद धोना हो, तो ड्राई क्लीनिंग करवाएं। ड्राई क्लीनिंग ब्लेजर्स और कोट्स के लिए सबसे बेहतर तरीका है क्योंकि इससे कपड़ों का आकार और रंग दोनों बरकरार रहते हैं। हर बार ब्लेजर पहनने के बाद बस उसे हैंगर पर सूखी जगह पर टांग दें।
स्वेटर्स और ऊनी कपड़े
ऊन के कपड़ों को बार-बार धोना उनके लिए बेहद नुकसानदेह है। ऊनी कपड़े हल्के, गर्म, और नाजुक होते हैं। इन्हें ज्यादा धोने से वह सिकुड़ जाते हैं और उनका आकार खराब हो जाता है। स्वेटर्स को महीने में एक बार या फिर आवश्यकतानुसार ही धोना चाहिए। अगर आपका स्वेटर हल्का गंदा हो गया है, तो उसे सूखी जगह पर रात भर रखें, ताकि कोई भी दुर्गंध खत्म हो जाए। स्वेटर्स को धोते समय हमेशा ठंडे पानी और विशेष ऊनी कपड़ों के लिए बने डिटर्जेंट का उपयोग करें। इसके अलावा, स्वेटर्स को कभी भी ड्राईंग मशीन में न डालें, बल्कि सूखने के लिए समतल सतह पर बिछा दें।
लेदर और सुएड के कपड़े
लेदर और सुएड के कपड़ों को पानी से धोना बिल्कुल मना है। ये कपड़े एकदम प्राकृतिक और संवेदनशील होते हैं। इनमें पानी लगते ही दाग बन जाते हैं। अगर लेदर जैकेट पर कोई दाग लग जाए, तो उसे तुरंत सूखे कपड़े या ब्रश से पोंछ लें। लेदर के कपड़ों के लिए विशेष क्लीनिंग सॉल्यूशन होते हैं, जिनका उपयोग करके आप दाग हटा सकते हैं। बाकी समय, लेदर के कपड़ों को सूखी जगह पर रखें और हर कुछ महीनों के बाद विशेष लेदर कंडीशनर लगाएं। इससे लेदर नरम और चमकदार रहता है।
सिल्क और डेलिकेट फेब्रिक्स
सिल्क के कपड़े बेहद महंगे और नाजुक होते हैं। इन्हें हर बार पहनने के बाद धोना उनकी चमक और नरमी को खत्म कर देता है। सिल्क के कपड़ों को महीने में एक या दो बार ही धोना चाहिए। अगर आप घर पर ही धोना चाहते हैं, तो हमेशा ठंडे पानी में और हाथ से धोएं। सिल्क को कभी भी फ्रिक्शन न दें, न ही उसे निचोड़ें। सिल्क को धोने के लिए विशेष सिल्क वॉश उपलब्ध है। सूखाते समय सिल्क को सूर्य की सीधी किरणों से दूर रखें, क्योंकि सूरज की तेज किरणें इसका रंग फीका कर देती हैं।
पैंट्स और ट्राउजर्स
पैंट्स और ट्राउजर्स को भी बार-बार धोने की जरूरत नहीं होती। अगर आप हल्की गतिविधि करते हुए पैंट पहनते हैं, तो उसे पांच से दस दिनों तक पहन सकते हैं। बस इस बीच उसे अच्छी हवा वाली जगह पर टांग दें। अगर पैंट पर कोई दाग लगे, तो उसे तुरंत साफ करें। महीने में एक बार या आवश्यकतानुसार ही पैंट्स को धोना चाहिए। पैंट्स को धोते समय हमेशा उल्टा करके धोएं और ठंडे पानी का उपयोग करें। गर्म पानी से कपड़ों का रंग फीका पड़ जाता है।
निष्कर्ष
कपड़ों को सही तरीके से रखना और सही समय पर धोना उनकी आयु बढ़ाने की कुंजी है। ओवरवॉशिंग से न केवल कपड़ों को नुकसान होता है, बल्कि पानी और बिजली की भी बर्बादी होती है। इसलिए, उपरोक्त छह कपड़ों को हर बार पहनने के बाद धोने से बचें। इसके बजाय, उन्हें हवा दें, स्पॉट क्लीन करें, और केवल आवश्यकतानुसार ही धोएं। इस तरह, आप अपने कपड़ों को लंबे समय तक नए जैसा रख सकते हैं और साथ ही पर्यावरण को भी बचा सकते हैं।




