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Saturday, 13 June 2026
राजनीति

ऋषिकेश में सैलानियों का हुड़दंग, गंगा किनारे शराब पीने का वीडियो वायरल

author
Komal
संवाददाता
📅 08 April 2026, 4:45 PM ⏱ 1 मिनट 👁 823 views

उत्तरखंड के प्रसिद्ध योग नगरी ऋषिकेश में एक बार फिर से सैलानियों के अनुचित व्यवहार का मामला सामने आया है। गंगा नदी के किनारे शराब पीने, पुलिस से बदसलूकी करने और तपोवन इलाके में हिंसक घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। इन घटनाओं से पवित्र धार्मिक स्थल की गरिमा को गहरा आघात पहुंचा है और स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयेंद्र रमोला भी इससे नाराज हो गए हैं।

यह घटना एक बार फिर से देश की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और पवित्र तीर्थ स्थलों की रक्षा करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। ऋषिकेश न केवल भारत के लिए बल्कि विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र है जहां लाखों श्रद्धालु और साधु-संत आते हैं। ऐसे पवित्र स्थान पर इस तरह की घटनाओं का होना न केवल अशोभनीय है बल्कि पूरे समाज के लिए शर्मनाक भी है।

गंगा किनारे शराब पीने की घटना

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो से स्पष्ट दिख रहा है कि कुछ सैलानियों ने गंगा नदी के किनारे सार्वजनिक रूप से शराब का सेवन किया। यह दृश्य न केवल हिंदू धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध है बल्कि भारतीय कानून के अंतर्गत भी दंडनीय अपराध है। गंगा को भारतीय संस्कृति में माता का दर्जा दिया जाता है और इसके किनारे ऐसा व्यवहार पूरी जनता को आहत करने वाला है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऋषिकेश में पर्यटन के विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रदूषण की समस्या भी बढ़ी है। हर साल लाखों पर्यटक इस शहर में आते हैं और उनमें से कुछ स्थानीय नियमों और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का पालन नहीं करते। यह बहुत चिंताजनक स्थिति है जिसके लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस घटना के बाद पुलिस ने संबंधित सैलानियों की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया है कि ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों होती हैं। इसके लिए प्रशासन को अधिक सतर्क और कठोर होने की जरूरत है।

पुलिस से बदसलूकी और मारपीट की घटना

वीडियो में एक और घटना दिख रही है जिसमें सैलानियों ने न केवल शराब पी बल्कि पुलिस से भी बदसलूकी की। इतना ही नहीं, तपोवन इलाके में कुछ सैलानियों ने हिंसक व्यवहार भी किया। यह घटना साधारण अपराध नहीं है बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था को चुनौती देने जैसी है।

कानूनी विशेषज्ञ कहते हैं कि पुलिस से बदसलूकी करना भारतीय दंड संहिता के विभिन्न धाराओं के अंतर्गत एक गंभीर अपराध है। ऐसे अपराधों के लिए कारावास और जुर्माने दोनों की व्यवस्था है। इसलिए प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में सख्त रुख अपनाए और अपराधियों को उचित सजा दिलाए।

तपोवन क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों के अनुसार, ऐसी घटनाएं नियमित रूप से होती हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। इस कारण से अपराधियों का हौसला बढ़ता जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन को इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए।

कांग्रेस नेता और श्रद्धालुओं की नाराजगी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयेंद्र रमोला ने इस घटना पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि ऋषिकेश एक पवित्र तीर्थ स्थल है और यहां की गरिमा को बनाए रखना सभी का दायित्व है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सख्त कानून बनाए जाएं और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

श्रद्धालुओं के मध्य भी इस घटना से बहुत नाराजगी है। वे कहते हैं कि उन्हें जब ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं तो उनका सारा आध्यात्मिक अनुभव खराब हो जाता है। एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने कहा है कि यह नई पीढ़ी को संस्कार सिखाने का समय आ गया है।

स्थानीय व्यापारियों ने भी चिंता व्यक्त की है कि ऐसी नकारात्मक घटनाओं के कारण ऋषिकेश की छवि को नुकसान हो रहा है। उन्होंने भी प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील की है ताकि पर्यटन स्थल की गरिमा बनी रहे।

निष्कर्ष

यह घटना ऋषिकेश में सैलानियों के प्रबंधन और नियंत्रण की गंभीर समस्या को उजागर करती है। प्रशासन को पवित्र स्थलों पर कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिक सख्त कदम उठाने चाहिए। साथ ही, पर्यटकों को भी सांस्कृतिक संवेदनशीलता के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। देवभूमि उत्तरखंड की गरिमा को बनाए रखना सभी का कर्तव्य है।