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Tuesday, 18 August 2026
खेल

मुकुल चौधरी: धोनी से प्रेरित IPL के फिनिशर

author
Komal
संवाददाता
📅 10 April 2026, 5:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 491 views
मुकुल चौधरी: धोनी से प्रेरित IPL के फिनिशर
📷 aarpaarkhabar.com

लखनऊ सुपर जाएंट्स के युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। महज 21 साल की उम्र में ही इस खिलाड़ी ने आईपीएल के सबसे रोमांचक मुकाबलों में अपनी शानदार बल्लेबाजी से दर्शकों को मुग्ध कर दिया है। कोलकाता नाइट राइर्स के खिलाफ खेले गए मैच में मुकुल चौधरी ने जो नाबाद 54 रन की पारी खेली, वह सिर्फ एक पारी नहीं थी बल्कि संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास का एक जीवंत उदाहरण था।

राजस्थान के झुंझुनू जिले से आने वाले मुकुल चौधरी का सफर बेहद प्रेरणादायक है। क्रिकेट के प्रति उनके जुनून की शुरुआत तब हुई जब वे महज 8-9 साल के थे। उनके पिता भी एक समय क्रिकेटर थे और अपने बेटे में उन्हें अपना सपना दिखाई दिया। लेकिन पारिवारिक आर्थिक हालात ऐसे नहीं थे कि मुकुल को आसानी से प्रशिक्षण मिल सके। फिर भी, परिवार की कुरबानियों के साथ, मुकुल के पिता ने अपने बेटे को क्रिकेट की ट्रेनिंग दिलवानी शुरू की।

संघर्ष की वह रात और दिन

मुकुल चौधरी का बचपन किसी आसान जीवन का नहीं था। उनके पिता ने अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं को दबाकर अपने बेटे के सपने को उड़ान देने का फैसला किया। उन्होंने अपनी पत्नी को समझाया और परिवार से इजाजत ली कि मुकुल को क्रिकेट की पढ़ाई पर ध्यान दिया जाए। घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए, मुकुल के माता-पिता ने काफी त्याग किया।

मुकुल जब 13-14 साल के थे, तब उन्होंने अपना घर छोड़ दिया। जयपुर में एक क्रिकेट अकादमी में दाखिला लेकर वे नई दिशा की ओर बढ़े। वहां की परिस्थितियां कठोर थीं। दूर से घर की याद आती थी, पर मुकुल के मन में एक ही लक्ष्य था - अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनना।

जयपुर की अकादमी में मुकुल ने खुद को तराशा। दिन भर की कठोर ट्रेनिंग, सूर्य के तपते मैदानों में अभ्यास, और रातों को अपनी गलतियों को सुधारने का काम। मुकुल की मेहनत धीरे-धीरे रंग लाने लगी। उनकी बल्लेबाजी में एक निखार आ गया। लेकिन यह मंजिल तक पहुंचने का रास्ता अभी बाकी था।

धोनी की प्रेरणा और आईपीएल का सपना

मुकुल चौधरी के जीवन में महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। धोनी ने जिस तरीके से अपने करियर की शुरुआत की, जिस तरीके से वे दबाव में शांत रहते थे और महत्वपूर्ण क्षणों में अपने आप को साबित करते थे, मुकुल को उसी से प्रेरणा मिली। धोनी की फिनिशिंग क्षमता, उनका क्रिकेट को समझने का तरीका - ये सब कुछ मुकुल के लिए आदर्श बन गए।

मुकुल ने धोनी के मैचों को बार-बार देखा। जब धोनी अंतिम ओवरों में आते थे, तब मुकुल पूरी एकाग्रता से उन्हें देखते थे। धोनी की शांत मुस्कान, उनकी रणनीतिक सोच - ये सब मुकुल के दिमाग में उतरता गया। वह अपने आप को धोनी की तरह तैयार करने लगे। घरेलू क्रिकेट में मुकुल ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया।

लखनऊ सुपर जाएंट्स ने इसी साल की ड्राफ्ट में मुकुल को अपनी टीम में शामिल किया। यह मुकुल के जीवन का सबसे बड़ा सपना था। आईपीएल में खेलना, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों के साथ पिच पर उतरना - यह सब अब हकीकत बन गया था।

कोलकाता के खिलाफ शानदार प्रदर्शन

जब मुकुल ने कोलकाता नाइट राइर्स के खिलाफ अपनी शानदार 54 रन की पारी खेली, तब उस रात की हर गेंद पर दबाव था। मैच का आखिरी चरण था, और लखनऊ को जीतने के लिए तेजी से रन बनाने थे। ठीक धोनी की तरह, मुकुल भी शांत रहे। उन्होंने हर गेंद को ध्यान से देखा और सही समय पर शॉट खेले।

उनकी पारी में आक्रामकता थी, लेकिन साथ ही चतुराई भी थी। उन्होंने खतरनाक गेंदों को छोड़ा, अच्छी गेंदों पर शॉट खेले। आखिरी कुछ ओवरों में जब दबाव अपने चरम पर था, तब मुकुल ने बिल्कुल भी हिचकिचाहट नहीं दिखाई। उन्होंने साहस दिखाया, सही निर्णय लिए और अपनी टीम को जीत दिलाई।

यह जीत सिर्फ एक मैच की जीत नहीं थी। यह मुकुल के संघर्ष, उनके पिता की कुरबानी, और धोनी की प्रेरणा की जीत थी। यह जीत बताती है कि कैसे एक गरीब परिवार का लड़का, अपने सपनों के पीछे भागते हुए, आज आईपीएल जैसे बड़े मंच पर अपनी काबिलियत दिखा रहा है।

आज जब मुकुल चौधरी को देखा जाता है, तो सिर्फ एक क्रिकेटर नजर नहीं आता। एक ऐसे युवा की तस्वीर दिखाई देती है जो अपने सपनों के लिए सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार है। जो अपने माता-पिता की कुरबानियों को सार्थक बनाना चाहता है। जो धोनी जैसे दिग्गजों से प्रेरणा लेते हुए अपनी खुद की पहचान बनाने पर निकला है।

क्रिकेट की दुनिया में मुकुल चौधरी का नाम अब महत्वपूर्ण हो गया है। आने वाले दिनों में इस युवा खिलाड़ी से बहुत अधिक उम्मीदें हैं। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि मुकुल चौधरी शीघ्र ही राष्ट्रीय टीम में भी अपनी जगह बना लेंगे। उनका यह सफर केवल खेल का सफर नहीं है, बल्कि एक प्रेरणा दायक कहानी है जो लाखों युवाओं को अपने सपनों का पीछा करने के लिए प्रेरित करती है।