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Saturday, 13 June 2026
अपराध

रामपुर में फर्जी पुलिस वाली जोड़ी का सच

author
Komal
संवाददाता
📅 11 April 2026, 7:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 724 views
रामपुर में फर्जी पुलिस वाली जोड़ी का सच
📷 aarpaarkhabar.com

उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक ऐसी घटना सामने आई है जो सिनेमा की कहानी से कम नहीं लगती। यहाँ एक पति-पत्नी की जोड़ी पुलिस की वर्दी पहनकर आम लोगों को ठगने का काम कर रही थी। इस फर्जी पुलिसिया ड्रामे में एक महिला अपनी पत्नी की भूमिका निभाती थी और आरोप लगाती थी, जबकि उसका पति पुलिस अधिकारी बनकर उसे गिरफ्तार करने का नाटक करता था। इसी नाटक के जरिए इस जोड़ी ने कई लोगों से कुल 5.5 लाख रुपये की वसूली कर ली थी।

यह मामला पुलिस को तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज की। जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह सब कुछ एक सुनियोजित धोखाधड़ी थी। इस गिरोह के सदस्य इलाके में घूमते थे और अलग-अलग बहानों से लोगों को डराते थे। वे दावा करते थे कि लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो रही है या फिर किसी अपराध में उनका नाम है। इसके बाद पति-पत्नी की जोड़ी लोगों को गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे की माँग करती थी।

रामपुर में चले इस धोखे का तरीका

पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, यह जोड़ी अपना काम बहुत ही सुनियोजित तरीके से अंजाम देती थी। सबसे पहले महिला किसी दुकान या घर में जाकर कोई विवाद का नाटक करती थी। फिर वह जोर-जोर से चिल्लाती थी और गिरफ्तार होने का ड्रामा करती थी। इसी बीच उसका पति पुलिस वाली वर्दी में वहाँ पहुँचता था। वह पीड़ित व्यक्ति को डराता था कि उसके खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज हैं।

जब लोग डर जाते थे, तब यह जोड़ी अपनी मांग रखती थी। वे कहते थे कि अगर पैसे दे दिए जाएँ तो मामला शांत हो सकता है। इसी तरह से उन्होंने कई लोगों को निशाना बनाया। कुछ लोगों से उन्होंने हजार रुपये माँगे, तो कुछ से लाखों की रकम छीन ली। इस धोखे में छोटे दुकानदार से लेकर व्यापारी सभी फँस गए।

पुलिस के अनुसार, यह जोड़ी गलत तरीके से प्राप्त पुलिस वर्दी पहनती थी। उनके पास असली पुलिस की आईडी नहीं थी। लेकिन उनके आत्मविश्वास और अभिनय कौशल ने ही उन्हें बचाए रखा। कई लोग उन्हें असली पुलिस समझ बैठे। ज्यादातर पीड़ित अपने डर के कारण उन्हें पैसे दे देते थे। बाद में जब उन्हें संदेह होता था, तो तब तक यह जोड़ी फरार हो जाती थी।

पकड़े जाने का सफर और पुलिस की कार्रवाई

रामपुर पुलिस को इस मामले में तब संदेह हुआ जब एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज की। उसने बताया कि एक महिला और एक पुरुष उसके घर आए थे। महिला ने किसी विवाद का ड्रामा किया और पुरुष ने पुलिस का रूप धारण कर धमकी दी। उन्होंने उससे 50 हजार रुपये माँगे थे। जब वह व्यक्ति शिकायत करने गया, तब पुलिस को सच्चाई का अहसास हुआ।

पुलिस ने तुरंत जाँच शुरू की। CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को यह जोड़ी ट्रैक करना शुरू किया। कई दिनों की निगरानी के बाद पुलिस को यह जोड़ी पकड़ने में सफलता मिली। जब इन्हें गिरफ्तार किया गया, तो उनके पास असली पुलिस की पहचान पत्र नहीं मिले। उन्हें सिर्फ नकली वर्दियाँ और कुछ दस्तावेज मिले।

पूछताछ में इस जोड़ी ने कबूल किया कि वे पिछले कई महीनों से यह धोखाधड़ी कर रहे थे। उन्होंने अपने अपराध को लेकर कोई खेद नहीं दिखाया। उनके अनुसार, उन्हें इस तरह की घटनाओं की जानकारी टीवी सीरीज से मिली थी। वे सोचते थे कि यह तरीका काफी आसान है और कोई भी उन्हें पकड़ नहीं सकता।

समाज में इस घटना का असर और सावधानी

रामपुर में इस घटना से आम लोगों में डर और संदेह का माहौल बन गया है। लोग अब किसी को भी आसानी से विश्वास नहीं करते। यहाँ तक कि असली पुलिस वाले भी लोगों को समझाने में परेशानी का सामना कर रहे हैं। पुलिस विभाग ने इस घटना के बाद लोगों को सावधान करने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं।

स्थानीय पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति को तुरंत विश्वास न करें। अगर कोई पुलिस का दावा करे, तो उसका प्रमाण माँगें। असली पुलिस के पास सरकारी आईडी कार्ड और बैज होता है। किसी भी पुलिस वाले की जानकारी पुलिस थाने में सीधे सत्यापित की जा सकती है। लोगों को किसी भी तरह का दबाव देकर पैसे न देने की सीख दी गई है।

यह घटना दिखाती है कि समाज में कितनी ज्यादा बुराई मौजूद है। हर दिन कहीं न कहीं ऐसी घटनाएँ होती हैं जहाँ लोग दूसरों को ठगने का प्रयास करते हैं। रामपुर की इस पति-पत्नी की जोड़ी को पकड़ा जाना एक अच्छा कदम है। लेकिन समाज के प्रति लोगों की सचेतता और सतर्कता ही इस तरह के अपराधों को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है। पुलिस विभाग भी ऐसे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए और भी सख्त कदम उठा रहा है।