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Wednesday, 19 August 2026
राजनीति

नेतन्याहू बुलेटप्रूफ जैकेट में लेबनान, युद्ध जारी

author
Komal
संवाददाता
📅 13 April 2026, 6:47 AM ⏱ 1 मिनट 👁 978 views
नेतन्याहू बुलेटप्रूफ जैकेट में लेबनान, युद्ध जारी
📷 aarpaarkhabar.com

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक साहसिक कदम उठाते हुए बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर दक्षिणी लेबनान का दौरा किया। इस दौरे में उन्होंने हिज्बुल्लाह के खतरे को खत्म करने का दावा किया और स्पष्ट संदेश दिया कि इजरायल अपना युद्ध जारी रखेगा। यह दौरा बेहद नाजुक समय में किया गया है जब पूरे मध्य-पूर्व में तनाव की स्थिति है।

नेतन्याहू का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। वह सीधे संघर्ष क्षेत्र में गए और वहां की जमीनी वास्तविकता को देखना चाहते थे। सुरक्षा कारणों से उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी, जो खतरे की गंभीरता को दर्शाता है। इजरायली मीडिया ने इस दौरे को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत किया है।

लेबनान में नेतन्याहू का दौरा और सुरक्षा व्यवस्था

प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दक्षिणी लेबनान दौरे के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इजरायली सेना के कमांडो और सुरक्षा बलों के साथ उन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों में ले जाया गया। बुलेटप्रूफ जैकेट पहनना इस क्षेत्र में चल रहे सशस्त्र संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है। हर कदम पर सुरक्षा के कड़े इंतजामात किए गए थे।

इजरायली सरकार के अधिकारियों ने कहा कि यह दौरा दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों की उपस्थिति को प्रदर्शित करने के लिए किया गया था। नेतन्याहू सीधे सैनिकों से मिलना चाहते थे और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहते थे। वह संघर्ष के मोर्चे पर सैनिकों के साथ समय बिताना चाहते थे ताकि उन्हें राजनीतिक नेतृत्व का समर्थन महसूस हो सके।

इजरायली मीडिया ने बताया कि नेतन्याहू सीमावर्ती इलाकों में विभिन्न सैन्य ठिकानों पर गए। वहां उन्होंने सैनिकों को संबोधित किया और हिज्बुल्लाह को हराने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान उन्होंने कई सैन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की जो लड़ाई के अग्रिम पंक्ति में हैं।

हिज्बुल्लाह को खत्म करने का दावा

नेतन्याहू ने अपने दौरे में स्पष्ट रूप से कहा कि इजरायल हिज्बुल्लाह के खतरे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि इजरायली सेना इस आतंकवादी संगठन को कमजोर करने में सफल रही है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया कि अभी और भी बहुत कुछ करना बाकी है। नेतन्याहू के अनुसार, हिज्बुल्लाह अभी भी एक बड़ा खतरा है और इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए लंबी लड़ाई की जरूरत है।

पिछले कुछ महीनों में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष तेज हुआ है। इजरायली एयरफोर्स ने लेबनान में कई हमले किए हैं। इसी के जवाब में हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट दागे हैं। इस संघर्ष में नागरिकों को भारी नुकसान हुआ है। दोनों तरफ से सैनिकों के मारे जाने की खबरें आई हैं।

नेतन्याहू ने जोर दिया कि इजरायल के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उनके अनुसार, हिज्बुल्लाह को खत्म किए बिना दक्षिणी लेबनान में शांति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष इजरायल की सुरक्षा के लिए आवश्यक है और इसे जारी रखना पड़ेगा।

युद्ध जारी रखने की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

नेतन्याहू की घोषणा में युद्ध जारी रखने की स्पष्ट चेतावनी थी। उन्होंने कहा कि इजरायल अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलेगा जब तक हिज्बुल्लाह का खतरा पूरी तरह खत्म न हो जाए। यह बयान उन अंतरराष्ट्रीय दबावों के विरुद्ध था जो इजरायल को संघर्ष रोकने के लिए कह रहे हैं।

विश्व के कई देशों ने इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष को लेकर चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र और अरब देश शांति वार्ता की मांग कर रहे हैं। लेकिन नेतन्याहू की घोषणा से साफ है कि इजरायल अभी के लिए किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है।

अमेरिका ने इजरायल के साथ अपना समर्थन जारी रखा है। अमेरिकी सरकार मानती है कि हिज्बुल्लाह एक आतंकवादी संगठन है और इजरायल को इसके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। लेकिन साथ ही अमेरिका नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय कारणों से संघर्ष को सीमित करने की बात कह रहा है।

इजरायली राजनीति में इस दौरे को एक बड़ी चाल माना जा रहा है। नेतन्याहू अपनी सैन्य शक्ति को प्रदर्शित करना चाहते हैं और घरेलू राजनीति में अपनी मजबूत स्थिति बनाना चाहते हैं। इजरायली जनता के बीच सुरक्षा एक प्रमुख मुद्दा है और नेतन्याहू इसका इस्तेमाल अपने पक्ष में करना चाहते हैं।

दक्षिणी लेबनान में हुआ यह दौरा निस्संदेह मध्य-पूर्व की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना है। यह घटना दर्शाती है कि इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच का संघर्ष अभी शांत होने वाला नहीं है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में और भी तनाव बढ़ने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।