कानपुर निकाह में चिकन लेग पीस विवाद, बरात लौटने की नौबत
चिकन लेग पीस के लिए रुक गया निकाह, बरातियों और लड़की वालों में मारपीट
कानपुर में एक निकाह समारोह में हुआ अजीबोगरीब विवाद शादी-विवाह में होने वाले तनावों की एक नई मिसाल बन गया है। चिकन लेग पीस को लेकर शुरू हुआ यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि बारात के वापस लौटने की नौबत आ गई। लड़की वालों का जवाब सुनकर बराती इतने नाराज हो गए कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।
घटना तब हुई जब बरातियों ने खाने में चिकन लेग पीस की मांग की, तो लड़की वालों का जवाब था - 'डोंगे तो भरे थे, आप सब खा गए।' यह जवाब सुनकर बराती भड़क गए और विवाद की शुरुआत हो गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

क्या था पूरा मामला
कानपुर के इस निकाह समारोह में जब खाना परोसा जा रहा था तो बरातियों में से कुछ लोगों ने चिकन के लेग पीस की मांग की। लड़की वालों ने बताया कि डोंगे तो भरकर लाए थे लेकिन सभी लोगों ने खा लिया है। यह सुनकर बराती समझ गए कि उन्हें चिकन लेग पीस नहीं मिलने वाला।
लड़की वालों के इस जवाब से बराती नाराज हो गए और उन्होंने इसे अपमान माना। उनका कहना था कि यदि पर्याप्त मात्रा में चिकन नहीं था तो पहले से बताना चाहिए था। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई जो धीरे-धीरे गर्माती गई।
निकाह रुकने की नौबत
विवाद इतना बढ़ गया कि बराती वापस लौटने की तैयारी करने लगे। निकाह की रस्म रुक गई और दोनों परिवारों में तनाव का माहौल बन गया। लड़की वालों ने समझाने की कोशिश की लेकिन बराती मानने को तैयार नहीं थे। उन्हें लगा कि उनके साथ जानबूझकर गलत व्यवहार किया गया है।
मामला जब हाथ से निकलता दिखा तो दोनों पक्षों में धक्कामुक्की और मारपीट शुरू हो गई। शादी का माहौल तनावपूर्ण हो गया और मेहमान भी परेशान होने लगे। इस हंगामे को देखकर किसी ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला
पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को शांत कराया और समझाया कि यह एक खुशी का मौका है, इसे बर्बाद न करें। पुलिस ने बताया कि छोटी-मोटी बातों को लेकर इतना बड़ा विवाद अनुचित है।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दोनों परिवारों के बुजुर्गों ने पंचायत बिठाई। उन्होंने समझाया कि शादी-विवाह में कुछ न कुछ कमी रह जाती है, इसे दिल पर नहीं लेना चाहिए। बुजुर्गों के समझाने से माहौल धीरे-धीरे सामान्य होने लगा।
समझौते के बाद पूरी हुई रस्म
काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हुआ। लड़की वालों ने अपने व्यवहार के लिए खेद जताया और बरातियों से माफी मांगी। वहीं बरातियों ने भी अपना गुस्सा शांत किया और मामले को आगे बढ़ाने से मना कर दिया।
बुजुर्गों और पुलिस की मध्यस्थता से मामला सुलझ गया। इसके बाद निकाह की रस्में पूरी कराई गईं। दुल्हा-दुल्हन का निकाह संपन्न हुआ और बारात खुशी-खुशी वापस लौटी। हालांकि यह घटना शादी-विवाह में होने वाले छोटे-मोटे विवादों की एक अजीब मिसाल बन गई है।
इस घटना से यह सीख मिलती है कि शादी-विवाह जैसे खुशी के मौकों पर धैर्य रखना और समझदारी दिखाना जरूरी होता है। छोटी-मोटी बातों को लेकर रिश्ते खराब नहीं करने चाहिए।




