प्रियदर्शन की कॉमेडी में अफरातफरी के एजेंट
बॉलीवुड की कॉमेडी फिल्मों का सफर काफी दिलचस्प रहा है। लेकिन जब बात आती है प्रियदर्शन की फिल्मों की, तो परेश रावल, असरानी और राजपाल यादव की तिकड़ी का नाम लेना बेहद जरूरी हो जाता है। ये तीनों हीरो ने पिछले दो दशकों से अपनी शानदार अदाकारी और कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाते-हंसाते पेट पकड़वा दिया है। लेकिन अब ये ट्रेंड बदलने वाला है। भूत बंगला इस महान तिकड़ी की आखिरी फिल्म साबित होने जा रही है, जहां ये तीनों एक साथ नजर आएंगे।
प्रियदर्शन की दिशा निर्देशन में बनने वाली कॉमेडी फिल्मों में परेश रावल की भोली-भाली अदा, असरानी की बेवकूफी भरी हरकतें और राजपाल यादव की मजेदार एक्टिंग का अपना ही अलग मजा रहा है। चाहे हेरा फेरी हो, या फिर फिर हेरा फेरी, इन तीनों ने हर फिल्म में अलग-अलग किरदार निभाते हुए भी एक ही तरह का जादू बिखेरा है। दर्शकों को हंसी के झरने बहा देने वाली इस तिकड़ी को देखना बॉलीवुड कॉमेडी का एक विशेष अनुभव रहा है।
प्रियदर्शन की कॉमेडी परंपरा का जादू
प्रियदर्शन को कॉमेडी फिल्मों का शहंशाह कहा जाता है। उनकी फिल्मों में एक्शन भी है, रोमांच भी है, पर कॉमेडी उनके फिल्मों की जान होती है। हेरा फेरी सीरीज़ से लेकर अन्य कॉमेडी फिल्मों तक, प्रियदर्शन ने हमेशा ऐसी कहानियां बनाई हैं जहां हर कोई हंस सके। उनकी फिल्मों में कॉमेडी कभी अलग से लगती नहीं, बल्कि कहानी का एक अभिन्न अंग बनी रहती है।
परेश रावल, असरानी और राजपाल यादव की तिकड़ी जब प्रियदर्शन की फिल्मों में आती है, तो वो कॉमेडी को एक नया आयाम देते हैं। परेश रावल की शक्ल-सूरत ही एक हंसी का विषय बन जाती है। असरानी की आवाज और उनकी अदाएं दर्शकों को लुट लेती हैं। वहीं राजपाल यादव की फिज़िकल कॉमेडी और चेहरे की भंगिमाएं किसी को भी हंसाने के लिए काफी होती हैं। ये तीनों मिलकर जो केमिस्ट्री बनाते हैं, वो बाकी सभी से अलग होती है।
प्रियदर्शन की फिल्मों में अक्षय कुमार भी होते हैं, तो खुद को हीरो साबित करने की कोशिश करते हैं। लेकिन सच कहूँ तो दर्शकों का ध्यान हमेशा इन तीनों की कॉमेडी पर ही रहता है। अक्षय कुमार भी फिल्म में इतने अच्छे लगते हैं कि यह तिकड़ी जब हंसी की बारिश करती है। तो अक्षय खुद भी पृष्ठभूमि में चले जाते हैं।
भूत बंगला - आखिरी मिलन की वेला
भूत बंगला प्रियदर्शन की एक और कॉमेडी फिल्म है, जिसमें अब तक का फॉर्मूला दोहराया जा रहा है। लेकिन इस बार ये खबर आ रही है कि यह परेश रावल, असरानी और राजपाल यादव की तिकड़ी की आखिरी फिल्म होगी, जहां ये तीनों एक साथ नजर आएंगे। यह बात सुनते ही हर कॉमेडी प्रेमी के दिल में एक अलग ही दर्द उतर जाता है।
भूत बंगला की कहानी भी एक भूतहा महल के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां ये तीनों और अक्षय कुमार भूतों से जूझते हैं। फिल्म की कॉमेडी भूतों के साथ इंसानों की नोक-झोंक से आती है। प्रियदर्शन ने इस फिल्म को भी अपने पारंपरिक तरीके से बनाया है। हर दृश्य में कॉमेडी का तड़का है। हर संवाद में हंसी की संभावना है।
इस फिल्म को देखना हर कॉमेडी प्रेमी के लिए एक जरूरी अनुभव बन गया है क्योंकि यह आखिरी बार होगा जब ये तीनों एक साथ प्रियदर्शन की फिल्म में नजर आएंगे। भविष्य में भले ही प्रियदर्शन अन्य कॉमेडी फिल्में बनाएं, पर इस जादुई तिकड़ी को फिर से एक साथ देखना शायद संभव न हो।
एक दौर का अंत और स्मृतियों का सफर
जब हम इन तीनों के साथ प्रियदर्शन की यात्रा पर गौर करते हैं, तो हमें एहसास होता है कि बॉलीवुड की एक पूरी पीढ़ी इन्हीं फिल्मों पर बड़ी हुई है। हेरा फेरी की पहली फिल्म से लेकर आज तक, इन तीनों ने हजारों बार दर्शकों को हंसाया है। हर दिवाली, हर ईद पर जब कोई प्रियदर्शन की कॉमेडी फिल्म आती है, तो घर-घर में खुशियां आती हैं।
भूत बंगला में इन तीनों को देखना एक आखिरी विदाई जैसा होगा। एक दौर का अंत। लेकिन साथ ही ये भी सच है कि इन तीनों की यादें हमेशा बॉलीवुड कॉमेडी के इतिहास में दर्ज रहेंगी। उनकी हंसी, उनकी अदाएं, उनकी मस्ती सभी के दिलों में हमेशा जगह रखेंगी।
इसलिए भूत बंगला को एक सम्मान के साथ देखना चाहिए। एक विदाई के साथ। क्योंकि कुछ चीजें जब खत्म होती हैं, तो उनके पीछे छोड़ी हुई स्मृतियां ही हमारे पास रह जाती हैं। और परेश रावल, असरानी और राजपाल यादव की ये तिकड़ी जो स्मृतियां छोड़ने वाली है, वो सोने की तरह कीमती हैं।




