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Thursday, 21 May 2026
समाचार

यूपी में स्मार्ट मीटर बदलने पर रोक, तकनीकी समिति रिपोर्ट तक रुकेगा काम

author
Komal
संवाददाता
📅 19 April 2026, 5:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 746 views
यूपी में स्मार्ट मीटर बदलने पर रोक, तकनीकी समिति रिपोर्ट तक रुकेगा काम
📷 aarpaarkhabar.com

लखनऊ - उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर बदलने का काम अब तक रोक दिया गया है। इस फैसले के पीछे तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक का इंतजार है। शनिवार रात को पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने इस बारे में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि स्मार्ट मीटर को बदलने का कार्य तुरंत रोक दिया जाए। पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर जबरदस्त बवाल चल रहा है और आम जनता असंतुष्ट दिख रही है।

हाल ही में यह मामला काफी विवादास्पद बन गया था क्योंकि नागरिकों को स्मार्ट मीटर से संबंधित कई शिकायतें मिल रही थीं। लोग अपने बिजली के बिलों में असामान्य वृद्धि की बात कह रहे थे। इसी बात को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठन और आम आदमी भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाने लगे थे। बिजली के अधिक बिल आने से जनता में नाराजगी बढ़ गई थी और लोग सड़कों पर उतर आए थे।

स्मार्ट मीटर विवाद का कारण

स्मार्ट मीटर को लेकर मुख्य समस्या यह उत्पन्न हुई कि इनमें तकनीकी खामियां पाई जा रही हैं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज की कि उनके बिजली के मीटर सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं और अवास्तविक रीडिंग दे रहे हैं। इससे महीने के बिजली बिल में बहुत अधिक बढ़ोतरी दिख रही है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके बिल पिछले महीने की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गए हैं, जबकि उन्होंने बिजली का इस्तेमाल सामान्य ही रखा है।

इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा हुई है। कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए हैं और स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। बुजुर्ग उपभोक्ताओं को तो स्मार्ट मीटर के संचालन में भी परेशानी आ रही है क्योंकि वे इतनी आधुनिक तकनीक के आदी नहीं हैं। इसके अलावा, कुछ क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर की स्थापना को लेकर भी पारदर्शिता की कमी दिख रही है।

तकनीकी समिति और जांच प्रक्रिया

इन सभी समस्याओं को देखते हुए पावर कारपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन ने एक तकनीकी समिति का गठन किया है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य स्मार्ट मीटर की सभी तकनीकी कमियों की जांच करना है। समिति को पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से काम करने की छूट दी गई है ताकि सच्चाई सामने आ सके। तकनीकी समिति में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं जिनके पास स्मार्ट मीटर तकनीक का गहरा ज्ञान है।

समिति को एक निर्धारित समय में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इस रिपोर्ट में स्मार्ट मीटर की सभी तकनीकी खामियों का विस्तृत विवरण होगा। साथ ही, समिति को यह भी सुझाव देने होंगे कि इन समस्याओं को कैसे ठीक किया जा सकता है। रिपोर्ट आने के बाद ही किसी भी प्रकार का स्मार्ट मीटर बदलने का कार्य फिर से शुरू किया जाएगा। इस बीच, सभी चल रहे कार्यों को तुरंत रोक दिया गया है।

सरकार का रुख और भविष्य की योजना

पावर कारपोरेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जनता के हित में यह कदम उठाया गया है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह से सुरक्षित और विश्वसनीय हों। किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से ज्यादा बिजली का बिल न दिया जाए, यह सरकार की प्रतिबद्धता है। प्रशासन ने साफ किया है कि तकनीकी समिति की रिपोर्ट बिल्कुल निष्पक्ष होगी और जनता के हित को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी।

विद्युत विभाग के अधिकारियों का मानना है कि स्मार्ट मीटर एक आधुनिक तकनीक है जो भविष्य में बिजली वितरण को और भी सुचारू बनाएगी। लेकिन इसके लिए सभी तकनीकी समस्याओं को पहले हल करना अत्यंत आवश्यक है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर नागरिक को सही और सटीक बिजली बिल मिले। स्मार्ट मीटर के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए, यह बात सभी स्तरों पर दोहराई जा रही है।

अब जब तक तकनीकी समिति अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती, तब तक के लिए स्मार्ट मीटर बदलने का कार्य पूरी तरह से रोक दिया गया है। उम्मीद है कि समिति शीघ्र ही अपनी जांच पूरी कर लेगी और उपभोक्ताओं को विश्वास के साथ स्मार्ट मीटर का लाभ मिल सकेगा।