🔴 ब्रेकिंग
मनप्रीत बादल भाजपा उपाध्यक्ष: मालवा राजनीति में बदलाव|मारुति फ्रॉन्क्स 28KM माइलेज, 2 लाख एक्सपोर्ट|वंदे मातरम विवाद: खरगे का जवाब और पूरा सच|हाफिज सईद के गुर्गे का दावा: LeT ने 10 हजार आतंकी भेजे|क्या डियो से ब्रेस्ट कैंसर होता है? जानें सच|विनोद तावड़े की कमबैक स्टोरी: साइडलाइन से यूपी की कमान तक|स्मृति ईरानी की राजनीतिक यात्रा: ड्रामा और ट्विस्ट|Jio Prime 300 रुपये में 1 साल, सभी सवालों के जवाब|बालों पर 25 हजार मासिक खर्च करने वाली महिला की कहानी|पहली इलेक्ट्रिक फेरारी Luce ₹383 करोड़ में बिकी|मनप्रीत बादल भाजपा उपाध्यक्ष: मालवा राजनीति में बदलाव|मारुति फ्रॉन्क्स 28KM माइलेज, 2 लाख एक्सपोर्ट|वंदे मातरम विवाद: खरगे का जवाब और पूरा सच|हाफिज सईद के गुर्गे का दावा: LeT ने 10 हजार आतंकी भेजे|क्या डियो से ब्रेस्ट कैंसर होता है? जानें सच|विनोद तावड़े की कमबैक स्टोरी: साइडलाइन से यूपी की कमान तक|स्मृति ईरानी की राजनीतिक यात्रा: ड्रामा और ट्विस्ट|Jio Prime 300 रुपये में 1 साल, सभी सवालों के जवाब|बालों पर 25 हजार मासिक खर्च करने वाली महिला की कहानी|पहली इलेक्ट्रिक फेरारी Luce ₹383 करोड़ में बिकी|
Tuesday, 18 August 2026
राजनीति

अमित शाह: नक्सलवाद खत्म, आदिवासियों को मिला न्याय

author
Komal
संवाददाता
📅 30 March 2026, 5:28 PM ⏱ 1 मिनट 👁 1.1K views
अमित शाह: नक्सलवाद खत्म, आदिवासियों को मिला न्याय
📷 Unsplash

नक्सलवाद का अंत निकट: अमित शाह का संसद में जोरदार बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि भारत में नक्सलवाद की जड़ें अब खत्म हो रही हैं और आदिवासियों को वास्तविक न्याय मिल रहा है। उन्होंने इस अवसर पर कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने इस समस्या को बढ़ने दिया था।

अमित शाह ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि आदिवासियों की आवाज अब संसद तक पहुंच रही है। यह एक बड़ा बदलाव है जो मोदी सरकार के कार्यकाल में देखने को मिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नक्सल विचारधारा ने दशकों तक आदिवासी समुदाय को गुमराह किया है, लेकिन अब स्थिति बदल रही है।

अमित शाह: नक्सलवाद खत्म, आदिवासियों को मिला न्याय

मोदी सरकार की नीतियों से आया बदलाव

गृह मंत्री ने अपने भाषण में बताया कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से नक्सलवाद के खिलाफ एक व्यापक रणनीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा, "2014 में मोदी जी आए और अब 2026 में हम कह सकते हैं कि नक्सलवाद की समस्या का समाधान हो रहा है।"

अमित शाह ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने न केवल सुरक्षा के मोर्चे पर काम किया है, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया है। रेड कॉरिडोर के राज्यों में बुनियादी ढांचे का विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार इस रणनीति का हिस्सा रहा है।

कांग्रेस पर गंभीर आरोप

अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने नक्सलवाद की समस्या को बढ़ने दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में इस मुद्दे पर गंभीरता से काम नहीं किया गया। "कांग्रेस और अन्य परिवारवादी पार्टियों ने आदिवासियों के हितों की अनदेखी की है," उन्होंने कहा।

गृह मंत्री के अनुसार, कांग्रेस शासित राज्यों में नक्सलवाद की समस्या अधिक गंभीर थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने इस चुनौती को समझते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया है।

आदिवासी समुदाय के लिए नई उम्मीद

अमित शाह ने बताया कि अब आदिवासी युवा नक्सली विचारधारा की बजाय मुख्यधारा की राजनीति में भाग ले रहे हैं। "आदिवासियों की आवाज अब संसद तक पहुंच रही है, यह एक सकारात्मक बदलाव है," उन्होंने कहा।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं और युवाओं को गलत राह पर जाने से रोकने के लिए शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए हैं। इससे नक्सली संगठनों की युवाओं पर पकड़ कमजोर हुई है।

भविष्य की रणनीति और लक्ष्य

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद को खत्म करना नहीं है, बल्कि आदिवासी समुदाय का समग्र विकास करना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।

अमित शाह के इस बयान से यह संदेश मिलता है कि केंद्र सरकार नक्सलवाद की चुनौती से निपटने में आत्मविश्वास से भरी है। उनके अनुसार, आने वाले समय में इस समस्या का पूर्ण समाधान देखने को मिलेगा।