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Friday, 05 June 2026
समाचार

DD कॉरिडोर: एक्सप्रेसवे के नीचे मेगा पार्किंग हब

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Komal
संवाददाता
📅 24 April 2026, 5:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 805 views
DD कॉरिडोर: एक्सप्रेसवे के नीचे मेगा पार्किंग हब
📷 aarpaarkhabar.com

दिल्ली की ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जाने वाला है। पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के नीचे एक विशाल इंटीग्रेटेड पार्किंग और चार्जिंग हब बनाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट शहर के लिए एक वरदान साबित होने वाला है क्योंकि इससे सड़कों पर पार्क किए गए वाहनों के कारण होने वाली भीड़ और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।

यह मेगा पार्किंग चार्जिंग हब परियोजना न केवल दिल्ली बल्कि पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक अभूतपूर्व पहल है। शहर के विकास में अगला बड़ा चरण माना जा रहा है यह प्रोजेक्ट। दिल्ली की भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर हर दिन हजारों वाहन पार्क होते हैं जिससे ट्रैफिक की समस्या बढ़ती है। इसी समस्या का समाधान करने के लिए यह उदयोग किया जा रहा है।

गांधी नगर से हटेगा पार्किंग का दबाव

गांधी नगर मार्केट दिल्ली के सबसे व्यस्त बाजारों में से एक है। यहां हर दिन हजारों ग्राहक खरीदारी के लिए आते हैं और अपनी कारें सड़कों पर पार्क करते हैं। इससे पूरे इलाके में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। इस नई परियोजना के आने से गांधी नगर और आसपास के इलाकों में पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा।

जब यह पार्किंग हब चालू हो जाएगा तो हजारों वाहनों को एक ही जगह पर सुरक्षित रूप से रखा जा सकेगा। इससे सड़कों पर अनावश्यक पार्किंग कम होगी और ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर होगा। स्थानीय दुकानदारों का भी मानना है कि इस परियोजना से उनका व्यापार बेहतर होगा क्योंकि ग्राहकों को पार्किंग की चिंता नहीं रहेगी।

दिल्ली सरकार और नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना गांधी नगर को एक आधुनिक और संगठित बाजार में बदलने का प्रयास है। इस हब में आधुनिक सुविधाएं होंगी जो पार्किंग को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी।

इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए चार्जिंग स्टेशन

यह पार्किंग हब केवल वाहनों को खड़ा करने के लिए नहीं है। इसमें सैकड़ों इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तेजी से चार्जिंग स्टेशन भी होंगे। भारत सरकार के सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन को प्रमोट करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में चार्जिंग स्टेशन की समस्या एक बड़ा मुद्दा बन गई है। इस नए हब में सुपर फास्ट चार्जिंग की सुविधा होगी जहां एक इलेक्ट्रिक कार को आधे घंटे में ही पूरी तरह चार्ज किया जा सकेगा। यह दिल्ली में एक बड़ा बदलाव लाने वाला है।

प्रोजेक्ट डिजाइनरों के अनुसार यह हब सौर ऊर्जा से भी चलेगा। यानी यह एक पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल परियोजना है। इससे शहर की वायु प्रदूषण की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

एक्सप्रेसवे के नीचे की जगह का सही उपयोग

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कुछ साल पहले पूरा हुआ था। इस एक्सप्रेसवे के नीचे काफी खाली जगह थी जिसका कोई उपयोग नहीं हो रहा था। शहर प्रशासन के विचार से यह एक सुनहरा अवसर था इस जगह का सही उपयोग करने का।

हब निर्माण के लिए चुने गए क्षेत्र को इंजीनियरों ने सावधानीपूर्वक मापा और परखा है। एक्सप्रेसवे के नीचे एक विशाल अंडरग्राउंड पार्किंग स्पेस बनाया जाएगा जो पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक होगा। इस परियोजना में सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रॉनिक एंट्री सिस्टम और अन्य आधुनिक प्रौद्योलोजी का उपयोग किया जाएगा।

यह परियोजना दिल्ली में खाली जगह का सदुपयोग करने का एक बेहतरीन उदाहरण है। शहर की भूमि की कमी को देखते हुए ऐसी पहल बहुत जरूरी थीं। प्रशासन का लक्ष्य है कि शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसे ही पार्किंग हब बनाए जाएं।

परियोजना का निर्माण और लागत

इस मेगा पार्किंग चार्जिंग हब को बनाने में करीब पांच सौ करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। यह परियोजना दो साल के अंदर पूरी हो जाने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार ने इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया है जो परियोजना की देखरेख करेगी।

निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है। विभिन्न निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं और सर्वश्रेष्ठ बिडर का चयन किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि साल 2026 के अंत तक या 2027 की शुरुआत में यह परियोजना चालू हो जाए।

इस परियोजना से न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को लाभान्वित होगा। यह एक ऐसा कदम है जो शहर को अधिक आधुनिक, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा।