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Friday, 17 July 2026
समाचार

ट्रंप के बयान पर भारत का जवाब, विदेश मंत्रालय की कड़ी प्रतिक्रिया

author
Komal
संवाददाता
📅 24 April 2026, 6:00 AM ⏱ 1 मिनट 👁 968 views
ट्रंप के बयान पर भारत का जवाब, विदेश मंत्रालय की कड़ी प्रतिक्रिया
📷 aarpaarkhabar.com

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक विवादास्पद बयान को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भारत और चीन को 'हेलहोल' यानी नरक का द्वार कहा था, जिसके बाद से यह मामला काफी विवादास्पद हो गया है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ऐसी अनुचित और तथ्यों से परे टिप्पणियां बिल्कुल अस्वीकार्य हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पहली बार इस मामले पर एक संक्षिप्त जवाब दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमने कुछ रिपोर्टें देखी हैं और हम इस मामले को यहीं छोड़ते हैं। लेकिन अब भारत की ओर से इस विषय पर और विस्तृत तथा कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत अपनी गरिमा और सम्मान की रक्षा करने में सदैव दृढ़ रहता है।

ट्रंप के बयान का विवरण

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारत और चीन को लेकर काफी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने इन दोनों देशों को 'हेलहोल' कहकर संबोधित किया, जो कि एक बेहद अशिष्ट और अस्वीकार्य भाषा है। यह टिप्पणी किसी भी कूटनीतिक मानदंड के अनुसार उचित नहीं मानी जा सकती है। ट्रंप की यह बातें अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध हैं, जहां सम्मान और शिष्टता को सर्वोच्च महत्व दिया जाता है।

यह बयान तब आया जब दोनों देशों के बीच कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे चल रहे थे। ट्रंप की यह टिप्पणी अचानक से सामने आई और तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कई मीडिया संस्थानों ने इस विवादास्पद बयान को प्रमुखता से कवर किया। भारतीय नागरिकों को यह बयान काफी आहत करने वाला लगा, क्योंकि यह भारत की परिपक्वता और विकास की नीति के बिल्कुल विरुद्ध था।

विदेश मंत्रालय की आधिकारिक प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि ये टिप्पणियां तथ्यों और वास्तविकता से परे हैं तथा इस प्रकार की बातें बिल्कुल अस्वीकार्य हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत एक जिम्मेदार और विकसनशील राष्ट्र है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि भारत अपने नागरिकों और अपनी संस्कृति के प्रति पूरी तरह से प्रतিबद्ध है।

यह प्रतिक्रिया भारत सरकार की ओर से एक सुस्पष्ट संदेश देती है कि भारत किसी भी विदेशी नेता के अनुचित बयानों को सहन नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में शिष्टता और सम्मान का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। भारत का विदेश नीति का मूल सिद्धांत यही है कि सभी देशों के साथ सम्मानपूर्ण और शांतिपूर्ण संबंध बनाए जाएं।

भारत की वैश्विक भूमिका

भारत विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों में से एक है और यह आर्थिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी अर्थव्यवस्था को काफी मजबूत किया है। भारतीय तकनीकी क्षेत्र विश्व में मान्यता प्राप्त है। भारत की सांस्कृतिक विरासत और सभ्यता विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध सभ्यताओं में से एक है।

भारत विश्व मंच पर एक जिम्मेदार भूमिका निभा रहा है और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। भारत संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर सक्रिय रूप से भाग लेता है। भारत की विदेश नीति सभी देशों के साथ समान सम्मान और सहयोग पर आधारित है। विकासशील देशों के समूह में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इस विवाद के माध्यम से भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी गरिमा से कोई समझौता नहीं करेगा। भारत की सरकार अपने नागरिकों के सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी यह संदेश मिल गया है कि भारत के साथ कूटनीतिक शिष्टता का पालन किया जाना चाहिए।