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Friday, 05 June 2026
अपराध

झूठा हलफनामा देकर पासपोर्ट बनवाया, दंपति गिरफ्तार

author
Komal
संवाददाता
📅 25 April 2026, 6:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 809 views
झूठा हलफनामा देकर पासपोर्ट बनवाया, दंपति गिरफ्तार
📷 aarpaarkhabar.com

सूरत के डिंडोली इलाके में रहने वाले एक दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, इस दंपति ने झूठा एफिडेविट यानी हलफनामा देकर नया पासपोर्ट बनवाया था। सबसे बड़ी बात यह है कि उनका पुराना पासपोर्ट राजकोट में दर्ज एक मामले में अदालत के पास सुरक्षित था। इसके बावजूद इन लोगों ने पासपोर्ट खो जाने का झूठा दावा करके नया पासपोर्ट प्राप्त कर लिया। इस नए पासपोर्ट से इन्होंने दुबई की यात्रा भी की और वापस लौट गए। यह पूरा मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अभी जांच प्रक्रिया जारी है और नया पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है।

यह घटना साधारण लगती है पर इसमें सरकारी दस्तावेजों का दुरुपयोग और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं। पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में झूठे दस्तावेज प्रस्तुत करना एक संगीन अपराध है। इस मामले में दंपति ने न केवल झूठा हलफनामा दिया बल्कि सरकारी अधिकारियों को भी गुमराह किया।

पासपोर्ट बनवाने का पूरा षड्यंत्र

सूरत के पासपोर्ट कार्यालय में इस दंपति ने आवेदन करते समय कहा कि उनका पासपोर्ट खो गया है। साथ ही उन्होंने एक झूठा हलफनामा भी प्रस्तुत किया। हालांकि, जब अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि यह दंपति पहले से ही पासपोर्ट धारक हैं। उनका पुराना पासपोर्ट राजकोट में एक केस में अदालत के पास दायर था। इसका मतलब यह था कि पासपोर्ट कहीं खोया नहीं था, बल्कि कानूनी कारणों से उसे अदालत के पास रखा गया था।

इसके बावजूद, पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों को इन लोगों के झूठे दावे पर विश्वास हो गया। उन्होंने बिना पूरी तरह से जांच किए ही नया पासपोर्ट जारी कर दिया। यह एक बहुत बड़ी चूक थी। सरकारी कार्यालयों को ऐसे आवेदनों में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर जब कोई पहले से पासपोर्ट धारक हो तो उसके पुराने पासपोर्ट की स्थिति का सत्यापन करना आवश्यक होता है।

दुबई की यात्रा और गिरफ्तारी

जब इन लोगों को नया पासपोर्ट मिल गया तो उन्होंने इसका उपयोग करके दुबई जाने की बुकिंग कर ली। वे दुबई जाकर काफी समय तक वहां रहे और विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। इस बीच उन्होंने अपनी इस यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा कीं। कोई नहीं जानता था कि यह सब कुछ धोखाधड़ी के साथ संभव हुआ था।

मामला तब सामने आया जब कोई व्यक्ति ने इसकी जानकारी पासपोर्ट कार्यालय को दी। या फिर किसी और रास्ते से यह सूचना पुलिस तक पहुंची। जैसे ही पुलिस को इस धोखाधड़ी का पता चला, उसने तुरंत कार्रवाई की। जब दंपति दुबई से भारत वापस लौटा तो उसे हवाई अड्डे पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उन दोनों को क्राइम ब्रांच में भेज दिया और उन्हें रिमांड पर ले लिया।

पुलिस की रिमांड में इस दंपति से कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पता चला कि उन्होंने जानबूझकर यह धोखाधड़ी की थी। वे अपने पुराने पासपोर्ट की समस्या से बचना चाहते थे और इसलिए नया पासपोर्ट बनवाना चाहते थे। इस उद्देश्य के लिए उन्होंने झूठे दस्तावेज तैयार किए और सरकारी कर्मचारियों को धोखा दिया।

कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा के मुद्दे

इस मामले में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। नया पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है। अभी जांच की प्रक्रिया जारी है। पुलिस उन सभी लोगों की पहचान करना चाहती है जिन्होंने इस धोखाधड़ी में मदद दी होगी। संभव है कि पासपोर्ट कार्यालय में कोई कर्मचारी भी इस षड्यंत्र में शामिल हो।

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में कितनी कमियां हैं। सरकार को इस प्रणाली को और सुदृढ़ बनाना चाहिए। अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की गहन जांच करनी चाहिए। पुरानी रिकॉर्ड्स से सत्यापन अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। केवल इसी तरह से हम ऐसी धोखाधड़ियों को रोक सकते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं। यह मामला हमें सावधान रहने की जरूरत के बारे में भी बताता है।