अहमदाबाद में 61 डिजाइनर पेन जब्त, 30 लाख की कीमत
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट पर एक बड़ी घटना सामने आई है। यहां कस्टम अधिकारियों ने जापान से आए एक यात्री से 61 डिजाइनर पेन जब्त किए हैं। इन पेनों की कुल कीमत 30 लाख रुपये से भी ज्यादा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक-एक पेन की कीमत 50 हजार रुपये तक है। यह घटना तस्करी और कस्टम ड्यूटी से बचने की एक बड़ी कोशिश को उजागर करती है।
इस मामले में कस्टम विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और सभी पेनों को जब्त कर लिया। जांच में पता चला कि यात्री ने जानबूझकर ये महंगे पेन छिपाने की कोशिश की थी ताकि उसे कस्टम ड्यूटी न देनी पड़े। यह एक संगठित तरीके से की गई तस्करी दिखाई दे रही है, जहां महंगे सामान को कानूनी तरीके से न दिखाकर सीमा पार किया जाता है।
लग्जरी पेन और उनकी कीमत की असलियत
जापान में बनने वाले डिजाइनर पेन दुनिया भर में बेहद महंगे माने जाते हैं। ये पेन केवल लिखने का काम नहीं करते, बल्कि एक स्टेटस सिंबल भी माने जाते हैं। कई सेलिब्रिटी, बिजनेसमैन और कलेक्टर इन पेनों को खरीदते हैं। जापानी पेन बनाने की परंपरा सदियों पुरानी है और यहां हाथ से बनाए जाने वाले पेन विश्व प्रसिद्ध हैं।
इस मामले में जब्त किए गए पेनों में से कुछ की कीमत 45,000 से 50,000 रुपये तक थी। ये पेन सोना, चांदी और कीमती पत्थरों से सजाए गए थे। कई पेनों में हीरे जड़े हुए थे। ऐसे महंगे पेन आमतौर पर सीमित संस्करण में बनाए जाते हैं और केवल विशेष लोगों के लिए ही उपलब्ध होते हैं।
भारत में इस तरह के लग्जरी पेनों पर अधिक कस्टम ड्यूटी लगाई जाती है। कस्टम ड्यूटी का नियम बहुत सख्त है और यात्रियों को हर महंगी चीज को डिक्लेयर करना होता है। जो लोग ये नियम तोड़ते हैं, उन्हें सजा का सामना करना पड़ता है।
कस्टम ड्यूटी बचाने की साजिश कैसे हुई खुलासा
कस्टम अधिकारियों को शक हुआ जब देख रहे थे कि यात्री के सामान में कुछ असामान्य चीजें हैं। एयरपोर्ट पर एक्स-रे स्कैनिंग के समय ये पेन पकड़े गए। स्कैनिंग में साफ दिख गया कि सामान में कई पेन छिपाए गए हैं।
जब अधिकारियों ने विस्तार से जांच की तो पता चला कि यात्री ने जानबूझकर ये पेन छिपाए थे। पेनों को विशेष पैकिंग में रखा गया था ताकि आसानी से चेक न हो सकें। यात्री ने अपने सामान की असल कीमत घोषित नहीं की थी।
अधिकारियों के सवाल पर यात्री के जवाब बेतुके थे। वह कहने लगा कि ये तो केवल उपहार हैं और उनकी कीमत बहुत कम है। लेकिन जब विशेषज्ञों ने इन पेनों का मूल्यांकन किया तो सच सामने आ गया। ये सभी पेन असली थे और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी काफी मांग है।
कस्टम अधिकारियों की सतर्कता और कानूनी कार्रवाई
सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट के कस्टम विभाग की सतर्कता ने इस बड़ी तस्करी को रोका। कस्टम विभाग का यह कदम कानून के शासन को मजबूत करता है। जब ऐसी घटनाएं होती हैं तो राष्ट्रीय राजस्व की सुरक्षा होती है।
इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। यात्री के खिलाफ भारतीय सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 111 के तहत केस दर्ज किया गया है। यह धारा तस्करी और सीमा शुल्क कानून तोड़ने के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करती है।
कस्टम अधिकारियों ने बताया कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। विदेशों से आने वाले यात्री बेशकीमती सामान छिपाकर लाते हैं और ड्यूटी चोरी करते हैं। हर महीने एयरपोर्ट पर कई ऐसे केस पकड़े जाते हैं। कस्टम विभाग ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे ईमानदारी से अपना सामान डिक्लेयर करें।
61 पेनों को जब्त करके कस्टम विभाग ने एक संदेश दिया है कि तस्करी करने वाले पकड़े जाएंगे। यह घटना दिखाती है कि कानून का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है। एयरपोर्ट पर सुरक्षा का स्तर बहुत अच्छा है और अधिकारी बहुत सतर्क रहते हैं। इसलिए किसी को भी तस्करी करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।




