🔴 ब्रेकिंग
रांची छात्रों का हाई कोर्ट में विरोध, सीएम का पुतला फूंकेंगे|बक्करवाला एनकाउंटर: भाऊ गैंग के दो शूटर गिरफ्तार|आज की टॉप न्यूज: सीमा सुरक्षा और खाप समाचार|गोविंदा दूसरी शादी करने वाले थे: सुनीता आहूजा का खुलासा|पाकिस्तान से खतरा, चीन से असली टक्कर: नरवणे|यूपी शहीद परिवार छात्राओं को स्कूटी योजना|हरियाणा खाप लिव-इन रिलेशन के खिलाफ लव मैरिज समर्थक|ईरान पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंध और चीन की भूमिका|प्याज का रस से बालों का झड़ना रोकें – जावेद हबीब का नुस्खा|UP में 9 IPS अफसरों का बड़ा तबादला, 7 जिलों के SP-SSP बदले|रांची छात्रों का हाई कोर्ट में विरोध, सीएम का पुतला फूंकेंगे|बक्करवाला एनकाउंटर: भाऊ गैंग के दो शूटर गिरफ्तार|आज की टॉप न्यूज: सीमा सुरक्षा और खाप समाचार|गोविंदा दूसरी शादी करने वाले थे: सुनीता आहूजा का खुलासा|पाकिस्तान से खतरा, चीन से असली टक्कर: नरवणे|यूपी शहीद परिवार छात्राओं को स्कूटी योजना|हरियाणा खाप लिव-इन रिलेशन के खिलाफ लव मैरिज समर्थक|ईरान पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंध और चीन की भूमिका|प्याज का रस से बालों का झड़ना रोकें – जावेद हबीब का नुस्खा|UP में 9 IPS अफसरों का बड़ा तबादला, 7 जिलों के SP-SSP बदले|
Monday, 28 September 2026
विश्व

इजरायल ने पाकिस्तान को बताया जिहादी समस्या, मध्यस्थता पर सवाल

author
Komal
संवाददाता
📅 30 March 2026, 8:11 PM ⏱ 1 मिनट 👁 406 views
इजरायल ने पाकिस्तान को बताया जिहादी समस्या, मध्यस्थता पर सवाल
📷 Unsplash

इजरायल का पाकिस्तान पर तीखा हमला - 'जिहादी आतंकवाद की समस्या को पहले सुलझाएं'

वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच जब पाकिस्तान मध्यस्थता की बात कर रहा है, तो इजरायल ने उसे करारा जवाब दिया है। इजरायली अधिकारी ने पाकिस्तान के आतंकवाद के मुद्दे पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है कि आतंक की दुनिया में जिहादी एक बड़ी समस्या हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और होर्मुज की खाड़ी लगभग अवरुद्ध हो गई है।

इजरायली राजदूत का तीखा बयान

इजरायल के विदेश मंत्रालय की विशेष राजदूत फ्लेउर हसन नाहोम ने वेस्ट एशिया में मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "मुझे नहीं पता कि पाकिस्तानियों को क्या लगता है कि वे क्या कर रहे हैं। मुझे लगता है कि वे सिर्फ तर्कसंगत बनने की कोशिश कर रहे हैं।"

इजरायल ने पाकिस्तान को बताया जिहादी समस्या, मध्यस्थता पर सवाल

इस बयान में इजरायल की स्पष्ट नाराजगी झलक रही है। राजदूत नाहोम का कहना है कि जब स्वयं पाकिस्तान आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है और जिहादी तत्वों की मौजूदगी एक बड़ी चुनौती है, तो वह कैसे अंतर्राष्ट्रीय मामलों में मध्यस्थता का दावा कर सकता है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता की पेशकश

हाल के दिनों में पाकिस्तान ने वेस्ट एशियाई संकट को लेकर मध्यस्थता की भूमिका निभाने की इच्छा जताई थी। पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा था कि वे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सभी पक्षों के साथ बातचीत करने को तैयार हैं। लेकिन इजरायल का यह तीखा जवाब दिखाता है कि वह पाकिस्तान को इस भूमिका के लिए उपयुक्त नहीं मानता।

पाकिस्तान की इस पहल के पीछे संभवतः अपनी अंतर्राष्ट्रीय छवि सुधारने और वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका बढ़ाने की रणनीति हो सकती है। हालांकि, इजरायल के इस बयान से यह साफ हो गया है कि इस दिशा में पाकिस्तान को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

क्षेत्रीय संकट की गंभीरता

वर्तमान में वेस्ट एशिया की स्थिति अत्यधिक जटिल है। अमेरिका-इजरायल गठबंधन और ईरान के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि होर्मुज की खाड़ी का परिवहन मार्ग लगभग अवरुद्ध हो गया है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है और दुनियाभर में ऊर्जा संकट की स्थिति बन रही है।

ऐसे नाजुक समय में किसी भी देश की मध्यस्थता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकिन इजरायल का यह स्पष्ट संदेश है कि वह पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी संघर्ष के संदर्भ में।

आगे की राह

इजरायल के इस कड़े बयान के बाद पाकिस्तान के लिए अंतर्राष्ट्रीय मामलों में अपनी भूमिका स्थापित करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। यह घटना दिखाती है कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की छवि अभी भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद है।

वेस्ट एशियाई संकट के समाधान के लिए जरूरी है कि सभी संबंधित पक्ष विश्वसनीय और प्रभावी मध्यस्थता स्वीकार करें। इजरायल का यह बयान स्पष्ट करता है कि इस दिशा में अभी भी लंबी राह तय करनी है।