हमीरपुर सड़क हादसा: चार बारातियों की मौत
हमीरपुर जिले के मौदहा नेशनल हाईवे-34 पर सोमवार की देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई जिसमें चार बारातियों की जान चली गई। यह हादसा छिरका के पास हुआ जहां एक ट्रक और ओमनी वैन आमने-सामने भिड़ गए। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की जानकारी के अनुसार, वह ओमनी वैन किसी शादी का जुलूस लेकर जा रही थी। वैन में लगभग पंद्रह से बीस लोग बैठे हुए थे जब एक तेज रफ्तार ट्रक सामने से आ गया। ड्राइवर को टक्कर से बचने का समय नहीं मिला और दोनों वाहनों की जबरदस्त भिड़ंत हुई। इस टक्कर की चपेट में आकर चार लोग तुरंत ही मारे गए।
दुर्घटना से घायल सात लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमें से तीन की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों ने उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है जहां उनका इलाज जारी है। बाकी घायलों को सामान्य वार्ड में रखा गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
दुर्घटना के कारण और जांच
पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस दुर्घटना का मुख्य कारण तेज रफ्तारी और लापरवाही है। ट्रक का ड्राइवर अत्यधिक गति से जा रहा था और सड़क के नियमों का पालन नहीं कर रहा था। रात के अंधेरे में और खराब दृश्यमानता के कारण टक्कर सीधी आई और दोनों गाड़ियों को भारी नुकसान हुआ। ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह से टूट गया जबकि वैन का बायां हिस्सा धंस गया।
थाना प्रभारी ने बताया कि ट्रक का ड्राइवर घटनास्थल से फरार हो गया है। पुलिस ने तुरंत ही एक केस दर्ज किया है और ड्राइवर की गिरफ्तारी के लिए तलाश शुरू कर दी है। वाहन के मालिक को भी नोटिस दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक जांच की जा रही है और साक्ष्यों को संभाल कर रखा जा रहा है।
पीड़ितों के परिवार में मातम
मौत के चारों शिकार स्थानीय गांव के निवासी थे। एक परिवार ने अपने सबसे बड़े बेटे को खो दिया जो दूसरे गांव में किसी का विवाह देखने जा रहा था। दूसरे परिवार में पिता और पुत्र दोनों की मौत हो गई जिससे पूरा परिवार टूट गया है। गांव की महिलाएं और बुजुर्ग सदमे में हैं।
मृतकों के नाम अभी पूरी तरह से पुष्टि नहीं हुई हैं लेकिन शुरुआती जानकारी से लगता है कि वे सभी २५ से ४५ साल के बीच की उम्र के थे। उनके शव अभी भी पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखे गए हैं। पुलिस ने परिवार वालों की पहचान के लिए विशेष टीम भेजी है।
सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर चिंता
यह दुर्घटना इसी क्षेत्र में कई महीनों में हुई सबसे भीषण दुर्घटना है। नेशनल हाईवे-34 पर दुर्घटनाओं की आवृत्ति बढ़ी है जिससे स्थानीय लोग बहुत चिंतित हैं। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सड़क के खतरनाक हिस्सों पर तुरंत सुधार की मांग की है।
राहुल सिंह नामक एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि इस सड़क पर स्ट्रीट लाइट्स नहीं हैं और न ही कोई उचित संकेत बोर्ड लगे हुए हैं। छिरका के पास की सड़क बेहद कर्वदार है और यहां हर महीने कोई न कोई हादसा होता है। सरकार को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए और सड़क सुरक्षा के उपायों को सख्त करना चाहिए।
जिला प्रशासन ने घटना के बाद तुरंत ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सूचित किया है। अधिकारियों ने सड़क के खतरनाक हिस्सों की निरीक्षण टीम भेजने का आदेश दिया है। साथ ही, यातायात पुलिस को सभी वाहनों पर गति नियंत्रण सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह दुर्घटना एक बार फिर से सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है। हर वाहन चालक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। रात में गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। परिवार के साथ यात्रा करते समय सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। आशा है कि इस घटना के बाद प्रशासन और समाज दोनों मिलकर सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कार्य करेंगे।




