रियलिटी शो में सोशल मीडिया की भूमिका और पेड PR
आजकल के समय में सोशल मीडिया ने रियलिटी शो की दुनिया को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। जहां एक ओर दर्शकों को मनोरंजन मिलता है, वहीं दूसरी ओर कई विवाद और जुबानी जंगें भी सामने आती हैं। बैटलग्राउंड 2 का नाम लीजिए या कोई और लोकप्रिय रियलिटी शो, हर जगह एक ही तस्वीर दिखाई देती है। सितारों के बीच होने वाली लड़ाइयां अब स्टूडियो तक सीमित नहीं रह गईं, बल्कि इंस्टाग्राम, ट्विटर, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच गई हैं।
हाल ही में बैटलग्राउंड 2 में निक्की तंबोली और फुकरा इंसान के बीच जो तनातनी देखने को मिल रही है, वह इसी का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। यह कोई पहली बार नहीं है कि दोनों के बीच किसी विषय को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। लेकिन इस बार की लड़ाई कुछ अलग ही मायने रखती है। जहां पहले रियलिटी शो में होने वाली लड़ाइयां बस शो के दर्शकों तक सीमित रहती थीं, वहीं आज के दिन में ये सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती हैं और लाखों लोगों तक पहुंचती हैं।
निक्की तंबोली ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह खुलासा किया है कि उनके खिलाफ जानबूझकर नेगेटिव पीआर अभियान चलाया जा रहा है। यह बात काफी हद तक सच भी लगती है क्योंकि आजकल रियलिटी शो में भिड़ रहे सितारे अपनी छवि को बेहतर बनाने और प्रतिद्वंद्वी की छवि को खराब करने के लिए पेड पीआर का सहारा लेते हैं। यह एक ऐसा अस्त्र बन गया है जिसका इस्तेमाल करके कोई भी व्यक्ति किसी को सोशल मीडिया पर बुरा दिखा सकता है।
सोशल मीडिया ने पेड पीआर को बना दिया हथियार
जब से सोशल मीडिया ने जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाई है, तब से पेड पीआर का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। रियलिटी शो के सितारे, हीरो, हीरोइन और यहां तक कि राजनेता भी इस चीज का सहारा ले रहे हैं। एक्सटेंसिव रिसर्च से पता चलता है कि कई इन्फ्लूएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के पास पेड पीआर अभियान चलाने के लिए पूरी टीम होती है। ये टीमें किसी भी व्यक्ति के बारे में किसी भी तरह का नरेटिव बना सकती हैं, चाहे वह सच हो या झूठ।
बैटलग्राउंड 2 में जो कुछ भी हो रहा है, वह इसी का ही एक प्रमाण है। निक्की तंबोली और फुकरा इंसान दोनों अपनी-अपनी ताकत दिखा रहे हैं। निक्की ने जहां कहा है कि उनके खिलाफ नेगेटिव पीआर चल रहा है, वहीं स्पष्ट है कि शो के अंदर जो भी जंग चल रही है, वह अब शो के बाहर भी जारी है। सोशल मीडिया के इस दौर में हर सितारा इसी में माहिर हो गया है कि अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कौन सी स्ट्रेटेजी काम करेगी।
पेड पीआर का यह खेल इतना खतरनाक साबित हो गया है कि कई बार सच्चाई का पता ही नहीं चल पाता। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर रोज हजारों पोस्ट्स शेयर होती हैं जो किसी न किसी सेलिब्रिटी या इन्फ्लूएंसर के खिलाफ नेगेटिव कंटेंट फैलाती हैं। इनमें से कई पोस्ट्स बस इसलिए शेयर की जाती हैं क्योंकि किसी ने उन्हें पैसे दिए होते हैं।
रियलिटी शो की दुनिया में बदलाव की जरूरत
रियलिटी शो की दुनिया अब वह नहीं रह गई है जो कभी थी। पहले ये शो सिर्फ मनोरंजन के लिए बने होते थे, लेकिन अब ये सितारों के लिए अपनी छवि बेचने और खरीदने का बाजार बन गए हैं। हर सितारा यही सोचता है कि शो के दौरान वह कैसे अपने लिए ज्यादा से ज्यादा सहानुभूति जीत सके और अपने प्रतिद्वंद्वी को बुरा दिखा सके।
इस समस्या का समाधान निकालना बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चाहिए कि वे पेड पीआर और झूठी जानकारी को लेकर ज्यादा कड़े कदम उठाएं। इन प्लेटफॉर्म्स के नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए ताकि ऐसे अभियान बंद किए जा सकें। साथ ही, सितारों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए कि वे जनता के सामने किस तरह की छवि पेश कर रहे हैं।
सच्चाई का पता लगाना अब मुश्किल हो गया है
सबसे बड़ी समस्या यह है कि अब दर्शकों के लिए सच्चाई का पता लगाना बेहद मुश्किल हो गया है। जब हर तरफ से नेगेटिव कंटेंट आ रहा हो, तो समझ ही नहीं आता कि क्या सच है और क्या झूठ। निक्की तंबोली ने जब कहा कि उनके खिलाफ नेगेटिव पीआर चल रहा है, तो सवाल यह उठता है कि क्या यह बात सच है या फिर यह भी एक स्ट्रेटेजी है?
इस पूरे विवाद में एक बात तो साफ है कि सोशल मीडिया ने रियलिटी शो की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। अब सितारों को सिर्फ शो में अच्छा परफॉर्मेंस देना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें सोशल मीडिया पर भी अपनी उपस्थिति बनानी होती है। उन्हें अपनी इमेज को बेहतर बनाना होता है और प्रतिद्वंद्वी को नीचा दिखाना होता है।
आने वाले समय में यह देखना होगा कि रियलिटी शो की दुनिया इस पेड पीआर और सोशल मीडिया की लड़ाई से कैसे निकल पाती है। क्या दर्शक अब भी इन शोज़ को समान रुचि से देखेंगे, यह भी एक बड़ा सवाल है। एक बात तो निश्चित है कि निक्की तंबोली, फुकरा इंसान और ऐसे ही अन्य सितारों की यह जंग अभी खत्म होने वाली नहीं है। यह जंग अब शो के अंदर भी है और बाहर भी, और सोशल मीडिया इसका सबसे बड़ा मंच बन गया है।




