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Friday, 05 June 2026
मौसम

पश्चिमी विक्षोभ: देश में गरज-चमक और आंधी-पानी के आसार

author
Komal
संवाददाता
📅 02 May 2026, 5:47 AM ⏱ 1 मिनट 👁 435 views
पश्चिमी विक्षोभ: देश में गरज-चमक और आंधी-पानी के आसार
📷 aarpaarkhabar.com

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने देश के कई राज्यों के लिए सात मई तक मौसम की सक्रिय चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी और भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, आने वाले सात दिनों में मौसम काफी अस्थिर रहेगा और आम लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

इस मौसमी प्रणाली से पूर्वी भारत सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला है। ओडिशा में दो मई को ही ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तीन मई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगर आप इन क्षेत्रों में रहते हैं तो अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। छतों पर या खुली जगहों पर जाने से बचें क्योंकि तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा रहेगा।

पश्चिमी विक्षोभ क्या है और यह कैसे काम करता है

पश्चिमी विक्षोभ एक मौसमी प्रणाली है जो भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उत्पन्न होती है और भारत की ओर आगे बढ़ती है। यह गरम और ठंडी हवाओं के टकराने से बनता है जिससे अस्थिर मौसम की स्थिति पैदा होती है। मई के महीने में जब गर्मी बढ़ने लगती है, तब ये विक्षोभ भारत के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं।

इस बार का विक्षोभ काफी सक्रिय है और इसके कारण बहुत सारे क्षेत्रों में भारी बारिश होने का अंदेशा है। पश्चिमी विक्षोभ की विशेषता यह है कि यह अचानक मौसम में बदलाव ला देता है। तापमान में तेजी से गिरावट आती है, हवाओं की गति बढ़ जाती है और कई बार तो ओलावृष्टि भी होती है।

आईएमडी के मुताबिक, यह विक्षोभ अगले सात दिनों तक सक्रिय रहेगा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और मेघालय के अलावा उत्तर प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी इसका असर दिखाई दे सकता है। हल्की से मध्यम बारिश के साथ 50 से 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

प्रभावित राज्यों में मौसम की चेतावनी और सावधानियां

ओडिशा में दो मई को ओलावृष्टि की घटनाएं दर्ज की जा सकती हैं। यह स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को भी नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक उपाय करें। पक्षियों और पशुओं को भी सुरक्षित जगहों पर रखा जाना चाहिए।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तीन मई तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे पहाड़ी इलाकों से दूर रहें और किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें।

बिहार और झारखंड में भी मौसम सक्रिय रहेगा। बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो सकता है। लोगों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। रात के समय सड़कों पर निकलने से बचना चाहिए क्योंकि दृश्यमानता कम रहेगी।

आईएमडी ने सभी राज्यों के प्रशासन को भी सतर्क किया है। आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट रखा गया है ताकि किसी भी आपातकाल की स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। स्कूल और कॉलेजों को भी सलाह दी गई है कि वे बारिश वाले दिनों में संचालन पर विचार करें।

आम जनता के लिए सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देश

घर के अंदर रहें और खिड़कियों-दरवाजों को ठीक से बंद करें। तेज हवाओं से नुकसान से बचने के लिए भारी वस्तुओं को सुरक्षित जगहों पर रखें। घर के बाहर लगे पेड़-पौधों और चिमनियों पर ध्यान दें क्योंकि तेज हवाएं उन्हें नुकसान पहुंचा सकती हैं।

बिजली के तारों से दूर रहें। बारिश में बिजली गिरने का खतरा बना रहता है। मोबाइल फोन का उपयोग कम से कम करें और हल्के धातु की वस्तुओं को हाथ में न पकड़ें। अपने परिवार के सदस्यों को भी इन सावधानियों के बारे में बताएं।

खेतों में काम करने वाले किसानों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। अगर आप खेत में हैं और मौसम बिगड़ने लगे, तो तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। ट्रैक्टर या अन्य भारी मशीनरी को सुरक्षित जगहों पर रखें।

आईएमडी ने सलाह दी है कि लोग अपने इलाके के मौसम संबंधी अपडेट्स के लिए नियमित रूप से अपडेट देखते रहें। सोशल मीडिया पर आईएमडी के आधिकारिक हिसाब को फॉलो करें ताकि सही समय पर सही जानकारी मिल सके। अगर आपका क्षेत्र विशेष रूप से प्रभावित है, तो स्थानीय आपातकालीन नंबरों को सहेज कर रखें।