मई में सामान्य से ज्यादा बारिश, IMD का पूर्वानुमास
भारतीय मौसम विभाग यानी आईएमडी की ओर से देश को गर्मी से राहत देने वाली खबर सामने आई है। विभाग ने मई के महीने के लिए अपना पूर्वानुमास जारी किया है जिसमें बताया गया है कि इस बार देशभर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। यह खबर उन लाखों लोगों के लिए खुशखबरी है जो गर्मी की तपती धूप से परेशान रहते हैं।
आईएमडी के मुताबिक मई के महीने में पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई क्षेत्रों में औसत से ज्यादा वर्षा दर्ज होने की उम्मीद है। यह मौसम चक्र के सामान्य पैटर्न से अलग है और किसानों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि विभाग ने साफ कर दिया है कि बारिश का वितरण पूरे देश में समान नहीं होगा।
मई में बारिश का वितरण कैसा होगा
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मई के महीने में बारिश का वितरण अलग-अलग इलाकों में भिन्न होगा। देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होगी तो वहीं कुछ क्षेत्रों में औसत के करीब या कम बारिश रह सकती है। पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है जबकि मध्य भारत और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत के राज्यों, विशेषकर तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इस महीने में औसत से ज्यादा वर्षा के आसार हैं। महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में भी अच्छी बारिश दर्ज होने की उम्मीद है। आईएमडी के पूर्वानुमान से पता चलता है कि मई की शुरुआत में ही कुछ इलाकों में बारिश शुरू हो सकती है।
तापमान और मौसमी स्थितियों का अनुमान
मई का महीना आमतौर पर भारत में गर्मी का चरम होता है लेकिन इस बार का अनुमान थोड़ा अलग है। यद्यपि तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है लेकिन बादलों और बारिश की वजह से कुछ कमी आ सकती है। दिन के समय तापमान सामान्य रहेगा लेकिन रात में कुछ इलाकों में गर्मी बनी रह सकती है।
आईएमडी के अनुसार मई की पूरी अवधि में मानसून की स्थितियां धीरे-धीरे सक्रिय होने लगेंगी। यह भी संकेत मिल रहे हैं कि मई के अंतिम सप्ताह में बारिश की गतिविधि बढ़ने लगेगी। इससे जून में आने वाले मानसून की शुरुआत सुचारु हो सकती है। हवाओं की दिशा में भी बदलाव देखने को मिल सकता है जो सामान्य मानसून पैटर्न के अनुरूप होगा।
किसानों और आम जनता के लिए क्या मायने रखता है
यह पूर्वानुमास कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मई के महीने में गर्मी और सूखे की वजह से खेतों में पानी की कमी हो जाती है। अगर सामान्य से अधिक बारिश होगी तो इससे जलस्रोतों में पानी की आपूर्ति बेहतर होगी। कुंओं और तालाबों में पानी का स्तर बढ़ेगा जिससे गर्मी के दौरान कृषि कार्य आसान हो जाएगा।
आम जनता के लिए भी यह खबर दिलकश है क्योंकि मई में गर्मी से बचना मुश्किल होता है। बादल और बारिश की वजह से तापमान में कमी आएगी और विद्युत की खपत भी कम होगी। इसके अलावा वायु प्रदूषण में भी सुधार होगा क्योंकि बारिश जहरीली गैसों को धरती पर ले आता है।
बहरहाल, आईएमडी का यह पूर्वानुमास प्रकृति पर निर्भर है और मौसम कभी-कभी अप्रत्याशित मोड़ ले लेता है। फिर भी, इस तरह के सकारात्मक संकेत मिलना खुद में एक अच्छी बात है। आने वाले दिनों में लोगों को इस पूर्वानुमास पर नजर रखनी चाहिए और आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए। बारिश की तैयारी करना और जल संरक्षण के उपायों को अमल में लाना अभी से शुरू कर दिया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर मई में मौसम की दृष्टि से अच्छे संकेत हैं और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि अलग-अलग इलाकों में बारिश का असर अलग हो सकता है इसलिए स्थानीय पूर्वानुमास पर भी ध्यान देना जरूरी है।




