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Wednesday, 19 August 2026
अपराध

जज अमन कुमार शर्मा की मौत से पहले के आखिरी पल

author
Komal
संवाददाता
📅 03 May 2026, 7:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 642 views
जज अमन कुमार शर्मा की मौत से पहले के आखिरी पल
📷 aarpaarkhabar.com

दक्षिणी दिल्ली के मेहरौली इलाके में स्थित ग्रीन पार्क इलाके में एक दुःखद घटना सामने आई है। तीस साल के युवा जज अमन कुमार शर्मा को उनके आवास से मृत अवस्था में पाया गया है। यह घटना पूरे न्याय व्यवस्था में हलचल मचा दी है। पुलिस विभाग इस मामले को आत्महत्या के रूप में देख रहा है, लेकिन परिवार के सदस्यों ने घटना से पहले के कुछ महत्वपूर्ण विवरण साझा किए हैं जो इस दुःखद घटना को और भी पीड़ादायक बनाते हैं।

अमन कुमार शर्मा एक प्रतिभाशाली और युवा न्यायाधीश थे जो दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रहे थे। परिवार के सूत्रों के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले अमन ने अपने पिता को एक फोन कॉल किया था। इस बातचीत में उन्होंने अपने मानसिक तनाव और पारिवारिक समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया। विशेषकर, उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन में आ रही कठिनाइयों और तनावपूर्ण रिश्ते के बारे में अपने पिता से खुलकर बात की। इस फोन कॉल में अमन की आवाज में निराशा और पीड़ा साफ झलक रही थी।

फोन पर अमन ने अपने पिता को बताया कि उनकी पत्नी के साथ संबंध बिगड़ते जा रहे हैं और घर का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। उन्होंने अपने पिता को कहा कि "जीना मुश्किल कर दिया है।" ये शब्द एक पिता के कानों तक पहुंचते ही उन्हें गहरी चिंता हुई। परिवार के अनुसार, अमन की ये बातें सुनकर उनके पिता को तुरंत एहसास हो गया कि कुछ गंभीर समस्या है। उन्होंने रात ही रात में राजस्थान के अलवर से दिल्ली के लिए रवाना होने का फैसला किया। पिता की चिंता और तुरंत पहुंचने की कोशिश इस बात का संकेत थी कि परिवार को अमन की हालत को लेकर गंभीर चिंता थी।

घर में उत्पन्न हुई तनावपूर्ण स्थिति

जब अमन के पिता दिल्ली पहुंचे, तो घर में पहले से ही तनाव का माहौल था। परिवार के सदस्यों के अनुसार, पिता के पहुंचते ही अमन और उनकी पत्नी के बीच में विवाद और अधिक तीव्र हो गया। घर में आपसी बातचीत का माहौल बहुत ही संवेदनशील और गंभीर था। दोनों पक्षों के बीच में मतभेद की खाई काफी गहरी हो चुकी थी। परिवार के सूत्रों का कहना है कि घर के भीतर जो बातचीत चल रही थी, वह काफी उत्तेजक और भावनात्मक रूप से विस्फोटक थी। सभी मौजूद लोग समस्या का कोई समाधान निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही थी।

विवाद के दौरान, अमन की मानसिक स्थिति और बदतर होती गई। घर का वह युवा सदस्य जो कानून की व्याख्या करता था, अब अपने ही जीवन के संकट से जूझ रहा था। परिवार के सदस्यों का कहना है कि विवाद के बाद अमन अपनी निजी दुनिया में चला गया। किसी को नहीं पता कि उस युवा मन में किस तरह की उथल-पुथल मची हुई थी।

त्रासद घटना और पुलिस की कार्रवाई

विवाद के कुछ समय बाद, अमन बाथरूम में चला गया। परिवार के सदस्यों को जब उसका कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने बाथरूम का दरवाजा खोला। वहां का दृश्य सभी के लिए दुःखद और हृदयविदारक साबित हुआ। अमन को बाथरूम में अपनी पत्नी की चुन्नी के साथ फंदे पर लटकी हुई अवस्था में पाया गया। तुरंत पुलिस को सूचित किया गया और अमन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

दक्षिणी दिल्ली पुलिस ने इस घटना को आत्महत्या के रूप में दर्ज किया है। पुलिस विभाग मामले की पूरी जांच-पड़ताल कर रहा है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने परिवार से विस्तार से पूछताछ की है। अभी तक पुलिस के अनुसार, कोई संदिग्ध परिस्थिति नहीं मिली है, लेकिन पूरी जांच जारी है।

यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे न्याय व्यवस्था के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। एक प्रतिभाशाली युवा न्यायाधीश जो समाज में न्याय के रक्षक के रूप में कार्य करता था, अब वह स्वयं अपने ही दर्द से जूझ नहीं पाया। मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक समस्याओं का समाधान ढूंढना कितना आवश्यक है, इस घटना से यह बात साफ हो जाती है। समाज को यह सीख लेनी चाहिए कि भावनात्मक समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और किसी भी व्यक्ति की मानसिक स्थिति को नजरअंदाज न किया जाए।