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Friday, 05 June 2026
राजनीति

ममता ने BJP पर लगाए बिजली कटौती के आरोप

author
Komal
संवाददाता
📅 04 May 2026, 7:00 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.1K views
ममता ने BJP पर लगाए बिजली कटौती के आरोप
📷 aarpaarkhabar.com

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आज सामने आने वाले हैं। मतगणना से कुछ घंटे पहले ही बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने बयान में दावा किया है कि भाजपा के संकेत पर पूरे राज्य के विभिन्न इलाकों में जानबूझकर बिजली कटौती की जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सीसीटीवी कैमरे बंद किए जा रहे हैं और स्ट्रांग रूम में संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं।

ममता बनर्जी के ये आरोप चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा मतगणना प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए यह सब कुछ कर रही है। राज्य के कई हिस्सों में बिजली की समस्या का सामना करना पड़ रहा है जिससे सामान्य जनता भी परेशानी में है। ममता का कहना है कि ये सब कुछ इरादतन किया जा रहा है।

भाजपा पर ममता के गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में भाजपा को सीधे निशाने पर रखा है। उनके आरोपों के अनुसार भाजपा के सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मतगणना के दिन बिजली की व्यवस्था को गड़बड़ा दें। इससे चुनाव प्रक्रिया में बाधा आएगी और भाजपा को अपने हिसाब से काम करने का मौका मिलेगा। ममता ने कहा कि स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरे बंद किए जा रहे हैं जहां मतपेटियों को रखा जाता है।

उन्होंने दावा किया कि स्ट्रांग रूम में विभिन्न वाहनों की आवाजाही देखी जा रही है जो कि संदिग्ध है। ममता का मानना है कि इन वाहनों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियां की जा रही हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। यह पहली बार नहीं है जब ममता ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर आरोप लगाए हों।

बिजली कटौती की समस्या

पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ दिनों से बिजली कटौती की गंभीर समस्या देखने को मिल रही है। राज्य के कई जिलों में घंटों तक बिजली नहीं है जिससे सामान्य जनता के दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ममता ने कहा है कि यह समस्या मतगणना के दिन को ध्यान में रखते हुए जानबूझकर पैदा की जा रही है। इससे देश के चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रहेगी। चुनाव आयोग को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।

बिजली विभाग से जानकारी मिली है कि राज्य में कई क्षेत्रों में विद्युत संकट है और ट्रांसफॉर्मर की समस्या के कारण बिजली नहीं मिल पा रही है। परंतु ममता इसे राजनीतिक षड्यंत्र मानती हैं। उनका कहना है कि मतगणना के समय स्ट्रांग रूम में बिजली न होने से वहां अंधकार रहेगा और संदिग्ध गतिविधियां आसानी से की जा सकेंगी। इसलिए उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

चुनाव आयोग की जिम्मेदारी

भारतीय चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है जो सभी चुनाव संबंधी कार्यों की देखरेख करता है। ममता के आरोपों के बाद चुनाव आयोग को अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। उन्हें यह देखना होगा कि मतगणना की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित है। स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरों को सही तरीके से काम करना चाहिए और उनमें किसी प्रकार की रुकावट नहीं होनी चाहिए।

चुनाव आयोग के प्रतिनिधियों को पश्चिम बंगाल में तुरंत जाकर स्थिति का आकलन करना चाहिए। उन्हें बिजली विभाग को निर्देश देना चाहिए कि मतगणना के दौरान बिजली में किसी भी प्रकार की कटौती न हो। साथ ही सभी स्ट्रांग रूम में 24 घंटे निरीक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि न हो सके। लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव की पवित्रता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

ममता बनर्जी के ये आरोप राजनीतिक दलों के बीच तनाव का संकेत देते हैं। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि ममता केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे बयान दे रही हैं। परंतु मतगणना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि या संदेह को समाप्त करना आवश्यक है। चुनाव आयोग को इस मामले में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और सभी पक्षों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे आज आने वाले हैं और यह देश के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है।