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Wednesday, 20 May 2026
राजनीति

पीएम मोदी की झालमुड़ी दुकान पर ममता का बयान

author
Komal
संवाददाता
📅 05 May 2026, 6:16 AM ⏱ 1 मिनट 👁 670 views
पीएम मोदी की झालमुड़ी दुकान पर ममता का बयान
📷 aarpaarkhabar.com

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर से नया विवाद खड़ा हो गया है। इस बार विवाद का केंद्र है झाड़ग्राम की एक छोटी सी झालमुड़ी दुकान। हालिया चुनावों में बीजेपी की जीत के बाद यह दुकान और इसके मालिक विक्रम साउ सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। कहा जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब झाड़ग्राम में रुके थे तो उन्होंने इसी दुकान से झालमुड़ी खाई थी। इस घटना के बाद से विक्रम साउ की दुकान पर भारी भीड़ उमड़ने लगी है और यह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है।

यह घटना सिर्फ एक खाने की दुकान की कहानी नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ी राजनीतिक पृष्ठभूमि है। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने हाल के चुनावों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। इस दौरान पीएम मोदी की यात्राएं और उनके आचरण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच का यह संघर्ष अब एक साधारण झालमुड़ी दुकान तक जा पहुंचा है।

विक्रम साउ और उनकी दुकान की कहानी

झाड़ग्राम की इस छोटी सी दुकान के मालिक विक्रम साउ एक साधारण दुकानदार हैं। वे गर्व के साथ बताते हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झालमुड़ी परोसा था। यह घटना पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी की यात्रा के दौरान हुई थी। विक्रम साउ के अनुसार पीएम मोदी उनकी दुकान पर रुके और उन्होंने उन्हें झालमुड़ी खिलाई। इस साधारण घटना ने विक्रम साउ को रातोंरात प्रसिद्ध बना दिया।

विक्रम साउ का कहना है कि वे किसी भी व्यक्ति को खुशी से खाना परोसते हैं। उनके लिए सभी ग्राहक समान हैं। लेकिन जब किसी सर्वोच्च पद के व्यक्ति ने उनकी दुकान से खाना खाया तो यह सामान्य बात असामान्य बन गई। अब हर रोज सैकड़ों लोग उनकी दुकान पर आते हैं और वही झालमुड़ी खाना चाहते हैं जो पीएम मोदी ने खाई थी। विक्रम साउ की यह साधारण दुकान एक पर्यटन स्थल बन गई है।

दुकानदार ने यह भी कहा है कि उन्हें इस सारे प्रचार से कोई शिकायत नहीं है। वरन, वह अपनी दुकान के लिए यह प्रसिद्धि एक आशीर्वाद मानते हैं। उनका मानना है कि यह घटना उनके कारोबार में वृद्धि के लिए अच्छी रही है। लेकिन इस सारे मामले में राजनीति का प्रवेश हो गया है।

ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया और राजनीतिक विवाद

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका बयान काफी तीखा रहा है। ममता बनर्जी का कहना है कि यह सब भाजपा की राजनीति है। वह मानती हैं कि भाजपा इस तरह की साधारण घटनाओं को बड़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करती है ताकि जनता में अपना प्रभाव बढ़ा सके।

ममता बनर्जी के अनुसार, पीएम मोदी की यात्रा और उनकी झालमुड़ी खाने की घटना को लेकर जो हल्ला मचाया जा रहा है, वह सब भाजपा की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। वह कहती हैं कि ऐसी घटनाओं को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उनका मानना है कि तृणमूल कांग्रेस को इस तरह की छोटी-मोटी बातों से विचलित नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह पश्चिम बंगाल के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं, न कि किसी की झालमुड़ी की दुकान पर।

बीजेपी की प्रतिक्रिया और लक्ष्मीकांत साहू की भूमिका

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लक्ष्मीकांत साहू ने इस मामले को एक सकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया है। उन्होंने विक्रम साउ की दुकान पर जाकर उनसे मिला और उनके साथ फोटो भी खिंचवाए। लक्ष्मीकांत साहू का कहना है कि यह घटना दर्शाती है कि पीएम मोदी कितने सरल और जमीनी स्तर के लोग हैं। वह किसी भी जगह से बिना किसी संकोच के खाना खाते हैं।

भाजपा का मानना है कि यह घटना पीएम मोदी की जनता के प्रति निष्ठा और सामान्य जनता से जुड़ाव को दर्शाती है। उनके अनुसार, यह एक सकारात्मक घटना है जो दिखाती है कि पीएम मोदी कोई दूर के नेता नहीं हैं, बल्कि आम जनता के साथ रहते हैं। इसलिए भाजपा के नेताओं ने विक्रम साउ की दुकान पर जाकर उनका समर्थन किया है।

यह पूरा मामला दर्शाता है कि कैसे एक साधारण घटना राजनीति का विषय बन जाती है। विक्रम साउ की झालमुड़ी दुकान अब सिर्फ खाने की जगह नहीं रह गई है, बल्कि राजनीतिक विमर्श का केंद्र बन गई है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह विवाद कितना महत्वपूर्ण है, यह तो आने वाले समय में पता चलेगा, लेकिन फिलहाल विक्रम साउ और उनकी दुकान देश के सोशल मीडिया पर सुर्खियों में बनी हुई हैं।