शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 900 अंक गिरा
शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देश के नागरिकों से किफायत से रहने की अपील के बाद बाजार में तेजी से बिकवाली हुई। घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में करीब 900 अंकों की गिरावट आई जबकि निफ्टी 24000 के स्तर से नीचे आ गया। यह गिरावट पिछले कुछ दिनों में सबसे बड़ी मानी जा रही है।
शुरुआती कारोबार के दौरान ही सेंसेक्स 900 अंकों तक गिर गया। इसी के साथ निफ्टी 50 सूचकांक 23950 के नीचे आ गया जो एक चिंताजनक संकेत माना जा रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से राजनीतिक बयानों और आर्थिक चिंताओं के कारण देखने को मिल रही है।
बाजार में आई भारी गिरावट के कारण
शेयर बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। सबसे पहले तो प्रधानमंत्री की ओर से देश में किफायत से रहने की अपील से बाजार में नकारात्मक सेंटीमेंट बना। जब राजनीतिक नेतृत्व ऐसे बयान देता है तो निवेशकों में चिंता की स्थिति बन जाती है। वे सोचने लगते हैं कि आर्थिक परिस्थितियां कितनी गंभीर हो सकती हैं।
दूसरा कारण वैश्विक बाजारों में आई मंदी भी है। अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार भी कमजोर प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे भारतीय निवेशकों का भरोसा कम हुआ। रुपये की कमजोरी भी एक महत्वपूर्ण कारण रही है। जब रुपया कमजोर होता है तो विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालने लगते हैं।
तीसरा कारण यह भी है कि बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में बिकवाली दिख रही है। बैंकिंग स्टॉक्स भारतीय शेयर बाजार का मुख्य आधार हैं। जब इन शेयरों में गिरावट आती है तो पूरे सूचकांक पर असर पड़ता है। ब्याज दरों की चिंता भी बैंकिंग सेक्टर को प्रभावित कर रही है।
निफ्टी और सेंसेक्स की वर्तमान स्थिति
निफ्टी 50 सूचकांक सोमवार के कारोबार में 23950 के स्तर पर पहुंच गया। यह एक महीने में सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। निफ्टी के 50 प्रमुख शेयरों में से अधिकांश शेयरों में गिरावट देखने को मिली। सूचकांक में शामिल बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त बिकवाली हुई।
सेंसेक्स 900 अंकों की गिरावट के साथ 59500 के आसपास कारोबार कर रहा है। यह भी एक चिंताजनक स्थिति है क्योंकि सेंसेक्स 60000 का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ने में असफल रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध प्रमुख कंपनियों के शेयरों में व्यापक बिकवाली देखने को मिल रही है।
टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयर भी मजबूती नहीं दिखा पाए हैं। इन्फोसिस, टीसीएस और विप्रो जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में हैं। ऑटोमोटिव सेक्टर के शेयरों ने भी निराश किया। पावर सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली।
निवेशकों के लिए सावधानी और भविष्य की रणनीति
इस तरह की बाजार की मंदी के समय निवेशकों को अपनी रणनीति में बदलाव लाना चाहिए। लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशकों को घबराना नहीं चाहिए। ऐतिहासिक तौर पर देखा जाए तो शेयर बाजार हमेशा लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न देता है।
इस समय बाजार में ऐसी कंपनियों में निवेश करना चाहिए जिनके फंडामेंटल्स मजबूत हों। ब्लू चिप कंपनियों के शेयरों में निवेश करना सुरक्षित माना जाता है। अगर आप सही समय पर सही शेयर खरीदते हैं तो लंबी अवधि में अच्छा लाभ मिल सकता है।
डिविडेंड देने वाली कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। ऐसी कंपनियां निवेशकों को नियमित आय प्रदान करती हैं। पोर्टफोलियो को विविध रखना भी बहुत जरूरी है। सभी सेक्टरों में निवेश करना चाहिए ताकि किसी एक सेक्टर की गिरावट पूरे पोर्टफोलियो को प्रभावित न करे।
हर निवेशक को अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार निवेश करना चाहिए। अगर आप युवा हैं और लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं तो थोड़ा अधिक जोखिम ले सकते हैं। लेकिन अगर आप सेवानिवृत्ति के करीब हैं तो सावधानी बरतनी चाहिए।
बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में बाजार में और गिरावट आ सकती है। लेकिन यह स्थिति स्थायी नहीं है। हमेशा की तरह बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहेंगे। लंबी अवधि में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद बाजार को ऊपर ले जाएगी। इसलिए निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए और अपनी निवेश रणनीति पर अमल करते रहना चाहिए।




