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Wednesday, 20 May 2026
राजनीति

असम में हिमंत की ताजपोशी, केरल में सस्पेंस

author
Komal
संवाददाता
📅 12 May 2026, 6:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 821 views
असम में हिमंत की ताजपोशी, केरल में सस्पेंस
📷 aarpaarkhabar.com

असम में हिमंत बिस्वा सरमा की화려व ताजपोशी

देश की राजनीति में आज एक महत्वपूर्ण दिन है। असम के नए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा आज अपना शपथ ग्रहण समारोह आयोजित कर रहे हैं। यह खबर पूरे देश में सुर्खियां बटोर रही है क्योंकि हिमंत बिस्वा सरमा का असम की राजनीति में विशेष स्थान रहा है। वे कई बार मंत्री रह चुके हैं और अब वे मुख्यमंत्री का पद संभालने जा रहे हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। वे पहले भारतीय जनता पार्टी से अलग होकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए थे, लेकिन फिर से भाजपा में वापस लौट आए। उनकी राजनीतिक चाल को लेकर हमेशा विवाद रहा है। लेकिन इस बार असम की जनता ने उन्हें विधानसभा चुनावों में जीत दिलाई है।

शपथ ग्रहण समारोह गुवाहाटी के प्रमुख स्थान पर आयोजित किया जा रहा है। राज्यपाल, कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा के शीर्ष नेता और असम के सभी बड़े राजनेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। यह समारोह असम की राजनीतिक परिदृश्य में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। हिमंत बिस्वा सरमा अपने पहले भाषण में असम के विकास और लोगों के कल्याण के बारे में बात करने वाले हैं।

केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस

जहां असम में हिमंत बिस्वा सरमा की ताजपोशी हो रही है, वहीं केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। केरल के विधानसभा चुनावों में कड़ी प्रतिद्वंद्विता देखी गई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में तनाव बना हुआ है।

केरल की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है। कई दलों के नेता मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं। कांग्रेस और एलडीएफ के बीच सीटों का बंटवारा भी विवाद का विषय बना हुआ है। राज्य की राजनीति में अभी कई महीने पहले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने हैं।

केरल में पिछले बीस सालों में सत्ता का स्विच होता रहा है। कभी वामपंथी दल सत्ता में आते हैं, तो कभी कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ। इस बार भी ऐसा ही होने की संभावना है। लेकिन अभी तक दोनों गठबंधनों के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए कोई सहमति नहीं बन पाई है। इसी वजह से केरल की राजनीति में अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।

पश्चिमी विक्षोभ से होगा मौसम में बदलाव

देश की राजनीति से हटकर अगर बात करें मौसम की तो एक महत्वपूर्ण अपडेट है। भारत के मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ की चेतावनी दी है। इस विक्षोभ के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव होने वाला है।

पश्चिमी विक्षोभ एक तूफानी प्रणाली है जो आमतौर पर शीतकालीन महीनों में भारत को प्रभावित करती है। लेकिन इस बार यह गर्मियों में आ रहा है, जो असामान्य है। इस विक्षोभ के कारण देश के उत्तरी हिस्सों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना है।

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले 48 घंटों में भारी बारिश का खतरा है। नई दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में भी कुछ हल्की बारिश हो सकती है। गर्मियों के बीच यह मौसमी परिवर्तन आराम के साथ-साथ कुछ परेशानियां भी ला सकता है।

किसान समुदाय के लिए यह सूचना महत्वपूर्ण है। बारिश के मौसम से पहले पश्चिमी विक्षोभ आना अच्छा संकेत है क्योंकि यह मिट्टी में नमी का स्तर बढ़ाएगा। लेकिन एक ही साथ भारी बारिश से फसलों को नुकसान का खतरा भी है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

आने वाले दिनों में मौसम में यह बदलाव गर्मी से राहत दिलाएगा। लेकिन इसके साथ ही लोगों को बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने जैसे खतरों से सावधान रहना होगा। सभी को मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और सलाह पर ध्यान देना चाहिए। यह एक मौसमी बदलाव है जो प्रकृति का अपना नियम है, लेकिन हमें इसके लिए तैयार रहना चाहिए।