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Friday, 05 June 2026
मौसम

मानसून जल्दी आ सकता है केरल में 25-27 मई तक

author
Komal
संवाददाता
📅 13 May 2026, 6:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 357 views
मानसून जल्दी आ सकता है केरल में 25-27 मई तक
📷 aarpaarkhabar.com

भारत में इस बार मानसून अपने निर्धारित समय से लगभग एक सप्ताह पहले आ सकता है। भारतीय मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 25 से 27 मई के बीच केरल तक पहुंच जाएगा। सामान्य तौर पर मानसून जून के पहले हफ्ते में केरल में प्रवेश करता है, लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी तंत्र के कारण यह समय से पहले आ रहा है। एक तरफ जहां दक्षिण भारत को बारिश की राहत का इंतजार है, वहीं उत्तर भारत में भीषण गर्मी और आंधी-तूफान का कहर मच रहा है।

दक्षिण में बारिश की सौगात, अंडमान में पहले से सक्रिय

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे मौसमी चक्र के कारण दक्षिणी राज्यों में बारिश के आसार बढ़ गए हैं। मौसम विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में मानसून 16 मई तक सक्रिय हो जाएगा। इसके बाद यह धीरे-धीरे तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल की ओर बढ़ेगा। 25 से 27 मई के बीच केरल के सामने समुद्र से नमी भरी हवाएं तेजी से आएंगी और मानसून की आधिकारिक घोषणा की जा सकेगी।

इस समय से पहले आने वाले मानसून से कृषि जगत को राहत मिलने वाली है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए जल्दी मानसून आना किसानों के लिए शुभ संकेत है। हालांकि, अचानक भारी बारिश से बाढ़ की चिंता भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का सतर्कता अलर्ट जारी किया है।

उत्तर भारत में भीषण गर्मी और आंधी की आशंका

जहां दक्षिण भारत में मानसून की प्रतीक्षा चल रही है, वहीं उत्तर भारत चरम गर्मी की चपेट में है। राजस्थान के बाड़मेर जिले में तापमान 48.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस मौसम का सबसे अधिक तापमान है। चूरू, जैसलमेर और श्रीगंगानगर जैसे शहरों में भी 47 डिग्री से अधिक गर्मी दर्ज की जा रही है। राजस्थान में लू चलने की भी आशंका है, जिसके कारण आने वाले दिनों में बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है।

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में तेज आंधी और धूलभरी आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चल सकती है। उत्तराखंड में भी बिजली कड़कने और अचानक भारी बारिश की संभावना है। यूपी के मैदानी इलाकों में अगले दो-तीन दिन बेहद गर्म और आंधी-तूफानी रहेंगे।

दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में भी वायु गुणवत्ता बिगड़ने की आशंका है। धूल भरी आंधी के कारण दृश्यमानता कम हो सकती है और ट्रैफिक व विमान सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि आंधी के दौरान घर के अंदर रहें और खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें।

मानसून की समय से पहले आगमन: कारण और असर

मानसून का समय से पहले आना पृथ्वी के तापमान में वृद्धि और महासागरीय प्रणालियों में परिवर्तन के कारण हो रहा है। हिंद महासागर में जल का तापमान सामान्य से अधिक है, जिससे मानसूनी हवाओं की गति तेज हो गई है। अल नीनो प्रभाव कम होने से भी मानसून की शक्ति में इजाफा हुआ है।

इस साल का मानसून सामान्य से 10-15 प्रतिशत अधिक वर्षा ला सकता है, जो देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, अत्यधिक वर्षा से बाढ़, भूस्खलन और नदियों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाता है। तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान की भी संभावना है।

किसानों को चेतावनी दी गई है कि वे अपनी बुवाई की योजना पहले से ही तैयार रखें। अगर 25-27 मई को मानसून आ जाता है, तो खरीफ सीजन जल्दी शुरू हो जाएगा। बीज, खाद और सिंचाई की व्यवस्था पहले से ही कर लेनी चाहिए।

आने वाले दिनों में मौसम विभाग की घोषणाओं पर ध्यान देना आवश्यक है। उत्तर भारत में गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और धूल भरी आंधी के दौरान बाहर न निकलें। दक्षिण भारत में मानसून की तैयारी कर लें और बारिश का पानी संरक्षित करने की व्यवस्था करें। यह साल मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होने वाला है।