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Wednesday, 22 July 2026
शिक्षा

नीट परीक्षा रद्द पर सरकार सक्रिय, शिक्षा मंत्री के घर बैठक

author
Komal
संवाददाता
📅 15 May 2026, 5:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 684 views
नीट परीक्षा रद्द पर सरकार सक्रिय, शिक्षा मंत्री के घर बैठक
📷 aarpaarkhabar.com

नीट परीक्षा को लेकर सरकार तेज गति से कार्रवाई में आ गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर गुरुवार की देर शाम एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई जिसमें परीक्षा को दोबारा कराने के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में भारत के शीर्ष शिक्षा अधिकारी और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

यह बैठक देश भर में हुई विरोध प्रदर्शनियों और माता-पिता द्वारा की गई मांगों के बीच आयोजित की गई है। नीट परीक्षा में कई विसंगतियों और संदेह के कारण हजारों छात्र और उनके माता-पिता सड़कों पर आ गए थे। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इसे जल्द से जल्द सुलझाने के लिए कदम उठा रही है।

शिक्षा मंत्री के घर हुई महत्वपूर्ण बैठक

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट परीक्षा से संबंधित सभी पहलुओं की समीक्षा के लिए इस बैठक को बुलाया था। इस बैठक में उच्च शिक्षा सचिव, स्कूली शिक्षा सचिव, एनटीए के महानिदेशक विनीत जोशी, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के चेयरपर्सन और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। यह बैठक रात के नौ बजे तक चली, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।

बैठक में एनटीए के अधिकारियों को परीक्षा के संचालन में हुई कमियों की व्याख्या करने के लिए कहा गया। साथ ही, परीक्षा को पुनः आयोजित करने की प्रक्रिया, समय सारणी और अन्य महत्वपूर्ण बातों पर विस्तृत चर्चा की गई। सरकार इस बात को सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में ऐसी स्थिति न आए और परीक्षा का आयोजन पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से हो।

एनटीए के अधिकारियों की भूमिका

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक विनीत जोशी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में सीधे जवाबदेही के लिए मौजूद थे। एनटीए परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी है और नीट परीक्षा में आई खामियों के लिए मुख्यतः यही एजेंसी जिम्मेदार मानी जा रही है। बैठक में एनटीए को सख्त निर्देश दिए गए कि वह परीक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाए।

एनटीए के अधिकारियों से पूछा गया कि परीक्षा के दौरान क्या-क्या समस्याएं आईं और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है। साथ ही, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, प्रश्न पत्र की गोपनीयता, उत्तर कुंजी की सत्यता और परिणामों की पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आने वाले परीक्षाओं में इस प्रकार की स्थिति न आए।

परीक्षा को दोबारा कराने की योजना

इस बैठक में यह तय किया गया कि नीट परीक्षा को दोबारा आयोजित किया जाएगा। सरकार को यकीन है कि छात्रों को न्याय दिया जाना चाहिए और उन्हें पुनः परीक्षा देने का अवसर दिया जाना चाहिए। परीक्षा को दोबारा कराने की तारीख और अन्य विवरण जल्द ही घोषित किए जाएंगे। सरकार इस बार अधिक सावधानी से परीक्षा का आयोजन करेगी ताकि छात्रों को विश्वास में लिया जा सके।

छात्र और माता-पिता लंबे समय से इसी मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। नीट परीक्षा में कथित अनियमितताएं आईं थीं जिससे छात्रों में निराशा और अविश्वास की स्थिति बन गई थी। सरकार की यह पहल सराहनीय है और इससे शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल होने की उम्मीद है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार शिक्षार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की प्रतिबद्धता है। एनटीए को भी यह संदेश दिया गया कि वह अपनी कार्यप्रणाली में तुरंत सुधार लाए और परीक्षा के संचालन में अधिक सावधानी बरते।

नीट परीक्षा देश के हजारों छात्रों के भविष्य का फैसला करती है इसलिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इसे पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संचालित किया जाए। सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और छात्रों को विश्वास मिलेगा कि उनके साथ न्याय किया जाएगा। आने वाले समय में एनटीए और शिक्षा विभाग को मिलकर परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना होगा।