🔴 ब्रेकिंग
तारक मेहता की अभिनेत्रियों का ग्लैमरस अवतार|बिना फ्रिज 10 मिनट में आइसक्रीम जमाने की ट्रिक|शमी को लेकर अगरकर का विवादास्पद बयान|नैनीताल हनीट्रैप नेटवर्क: लड़कियों का दुरुपयोग|29 साल के इंजीनियर ने 25 लाख की नौकरी छोड़ी|चूहों को भगाने का आसान घरेलू तरीका|मोदी और ट्रंप की फ्रांस में होगी मुलाकात|ट्रंप के बाद पुतिन चीन पहुंचे, शी से होगी महत्वपूर्ण बातचीत|यूपी के 11 जिलों में रेड अलर्ट, हीटवेव का खतरा|राजकुमार हिरानी के बेटे वीर की एक्टिंग डेब्यू|तारक मेहता की अभिनेत्रियों का ग्लैमरस अवतार|बिना फ्रिज 10 मिनट में आइसक्रीम जमाने की ट्रिक|शमी को लेकर अगरकर का विवादास्पद बयान|नैनीताल हनीट्रैप नेटवर्क: लड़कियों का दुरुपयोग|29 साल के इंजीनियर ने 25 लाख की नौकरी छोड़ी|चूहों को भगाने का आसान घरेलू तरीका|मोदी और ट्रंप की फ्रांस में होगी मुलाकात|ट्रंप के बाद पुतिन चीन पहुंचे, शी से होगी महत्वपूर्ण बातचीत|यूपी के 11 जिलों में रेड अलर्ट, हीटवेव का खतरा|राजकुमार हिरानी के बेटे वीर की एक्टिंग डेब्यू|
Wednesday, 20 May 2026
राजनीति

अडानी फ्रॉड केस बंद होने वाला है अमेरिका में

author
Komal
संवाददाता
📅 15 May 2026, 7:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.0K views
अडानी फ्रॉड केस बंद होने वाला है अमेरिका में
📷 aarpaarkhabar.com

अमेरिकी न्याय विभाग गौतम अडानी के खिलाफ चल रहे बड़े धोखाधड़ी और रिश्वत के मामले को बंद करने की ओर बढ़ रहा है। ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है कि अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट 265 मिलियन डॉलर के इस मामले को वापस लेने पर विचार कर रहा है। यह समाचार भारतीय उद्योग जगत के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि गौतम अडानी भारत के सबसे बड़े उद्यमियों में से एक हैं और उनके खिलाफ यह मामला काफी विवादास्पद रहा है।

ब्लूमबर्ग की यह रिपोर्ट न्यूयॉर्क की अदालत में दाखिल किए गए दस्तावेजों पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के सरकारी वकीलों ने कहा है कि वे इस मामले को अलग-अलग कारणों से आगे बढ़ाने के लिए तैयार नहीं हैं। यह विकास गौतम अडानी और उनकी कंपनियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सभी आरोपों से मुक्ति का रास्ता खोलता है।

यह मामला नवंबर 2024 में सामने आया था जब न्यूयॉर्क के एक जिले में अडानी और उनके सहयोगियों पर यह आरोप लगाया गया था कि वे भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देकर सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। इस मामले में गौतम अडानी के अलावा उनके अन्य सहयोगी भी शामिल थे। लेकिन भारत सरकार की तरफ से इन आरोपों को खारिज किया गया था।

अडानी के खिलाफ क्या था आरोप

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा गौतम अडानी के खिलाफ लगाए गए मुख्य आरोपों में भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देना और अंतरराष्ट्रीय रिश्वत कानूनों का उल्लंघन करना शामिल था। अमेरिकी अदालत में यह आरोप लगाया गया था कि अडानी ग्रुप ने भारतीय सरकार के अधिकारियों को 265 मिलियन डॉलर तक की रिश्वत देने का प्रस्ताव दिया था। इसका मकसद भारत सरकार के साथ बड़े सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना था।

अदालत के दस्तावेजों में कहा गया था कि यह योजना 2020 से 2023 के बीच चलाई जा रही थी। हालांकि, भारतीय सरकार ने बार-बार कहा है कि इन आरोपों का कोई आधार नहीं है और ये पूरी तरह से गलत हैं। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, गौतम अडानी और उनकी कंपनियां पूरी तरह से पारदर्शिता के साथ काम करती हैं।

अडानी ग्रुप का वक्तव्य और प्रतिक्रिया

जब पहली बार ये आरोप सामने आए थे तो अडानी ग्रुप ने तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी थी। ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा था कि ये आरोप पूरी तरह से गलत और आधारहीन हैं। अडानी ग्रुप ने साफ किया था कि वह भारत में सभी कानूनों का पालन करते हुए काम करता है और किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त नहीं है।

अडानी ग्रुप के अनुसार, वह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद बिजनेस ग्रुपों में से एक है। ग्रुप के विभिन्न विभागों में लाखों लोग काम करते हैं और यह भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अडानी ने कहा कि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में साबित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

अमेरिकी निर्णय का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

इस मामले को बंद करने का निर्णय न केवल गौतम अडानी के लिए बल्कि पूरे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। अडानी ग्रुप भारत की ऊर्जा, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करता है। इस मामले की वजह से न केवल अडानी ग्रुप को नुकसान हुआ बल्कि भारतीय व्यावसायियों की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचा।

यदि अमेरिकी न्याय विभाग इस मामले को वापस ले लेता है तो यह एक बड़ी राहत होगी। इससे गौतम अडानी अपने ब्यावसायिक कार्यों पर पूरी तरह से ध्यान दे सकेंगे। साथ ही, इससे भारतीय उद्यमियों को भी यह संदेश मिलेगा कि उन पर लगाए गए आरोपों को सही ढंग से जांचा गया है और न्याय मिला है।

ब्लूमबर्ग की यह रिपोर्ट आने के बाद से भारतीय शेयर बाजार में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में उछाल देखा गया है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह मामला सच में बंद हो जाता है तो अडानी के शेयरों में और भी तेजी आ सकती है।

कुल मिलाकर, यह विकास गौतम अडानी, उनके ग्रुप और पूरे भारतीय व्यावसायिक समुदाय के लिए सकारात्मक है। अमेरिकी न्याय विभाग का यह निर्णय साबित करता है कि सच्चाई हमेशा जीत जाती है और न्याय समय पर मिलता है। अब देखना यह है कि अमेरिकी अदालत इस मामले में अंतिम निर्णय क्या लेती है और गौतम अडानी को पूरी तरह से बरी कर देती है या नहीं।