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Tuesday, 18 August 2026
राजनीति

कोलकाता में BJP-TMC कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प

author
Komal
संवाददाता
📅 31 March 2026, 6:18 PM ⏱ 1 मिनट 👁 391 views

कोलकाता में राजनीतिक तनाव: BJP-TMC कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक बार फिर राजनीतिक तनाव का माहौल देखने को मिला। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सामने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं के बीच गंभीर झड़प हुई। यह घटना मंगलवार को हुई, जिसमें कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई।

मतदाता सूची में कथित हेरफेरी का मुद्दा इस टकराव का मुख्य कारण बना। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं में जमकर बहस हुई, जो बाद में हिंसक रूप ले गई। पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ा और स्थिति को नियंत्रण में लेना पड़ा।

कोलकाता में BJP-TMC कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प

मतदाता सूची हेरफेरी के गंभीर आरोप

TMC की तरफ से गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि फॉर्म 6 का दुरुपयोग करके बाहरी राज्यों के मतदाताओं को पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश है जो राज्य की चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता को दूषित कर रही है।

TMC के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, "हमारे पास ठोस सबूत हैं कि फॉर्म 6 के जरिए गैर-बंगाली मतदाताओं को यहाँ की सूची में जोड़ने का काम हो रहा है। यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है और हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।"

दूसरी तरफ, BJP ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि TMC झूठे आरोप लगाकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

निर्वाचन आयोग के सामने हुई हिंसक झड़प

यह घटना मंगलवार की शाम लगभग 6:26 बजे हुई जब दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर जमा हुए थे। शुरुआत में यह एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के रूप में शुरू हुआ, लेकिन जल्दी ही यह हिंसक रूप ले गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दोनों तरफ के कार्यकर्ताओं में नारेबाजी हुई, फिर वाक्युद्ध शुरू हुआ। स्थिति तब गंभीर हो गई जब कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कई वाहनों के शीशे टूट गए और कुछ वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

स्थानीय पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया। "हमने स्थिति को जल्दी नियंत्रण में ले लिया और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।"

राज्य की राजनीतिक हलचल

यह घटना पश्चिम बंगाल की बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाती है। पिछले कुछ महीनों से राज्य में TMC और BJP के बीच तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। मतदाता सूची के मुद्दे ने इस तनाव को और भी गहरा कर दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आगामी चुनावों की तैयारी का हिस्सा हो सकती है। दोनों पार्टियां अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश में लगी हुई हैं।

TMC सरकार ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची की जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि अगर वास्तव में कोई हेरफेरी हुई है तो इसकी जांच होनी चाहिए।

आगे की राह

इस घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। निर्वाचन आयोग के कार्यालय के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो सके।

निर्वाचन आयोग ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची की पवित्रता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर से दिखाती है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक स्थिति कितनी नाजुक है। दोनों पार्टियों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने कार्यकर्ताओं को संयम बरतने की सलाह दें और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करें।