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Monday, 14 September 2026
मौसम

MP Weather Today: भीषण गर्मी, 42 जिलों में लू अलर्ट

author
Komal
संवाददाता
📅 23 May 2026, 7:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 757 views
MP Weather Today: भीषण गर्मी, 42 जिलों में लू अलर्ट
📷 aarpaarkhabar.com

मध्यप्रदेश के लोग इन दिनों भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के 42 जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी कर दिया है। इसमें टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जो सबसे गंभीर स्थिति को दर्शाता है। छतरपुर जिले का नौगांव शहर 46.8 डिग्री सेल्सियस के तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर बन गया है।

इस समय मध्यप्रदेश में लू की स्थिति काफी गंभीर हो गई है। राज्य भर में तापमान 45 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है। खजुराहो में भी तापमान 46 डिग्री के करीब दर्ज किया गया है। बुंदेलखंड क्षेत्र में तो यह स्थिति और भी खतरनाक है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में लू के कारण लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

लू से बचाव के लिए जारी की गई सावधानियां

मौसम विभाग ने आम जनता को कई महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है। दोपहर के समय 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर बाहर जाना ही पड़े तो हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। सूरज से सुरक्षा के लिए टोपी, चश्मा और छाता जरूर साथ रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। शरीर में पानी की कमी न हो जाए इसका ध्यान रखना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग ने आवेदन किया है कि बुजुर्ग लोग, बच्चे और बीमार व्यक्तियों को विशेष देखभाल की जरूरत है। इन लोगों को लू से बचाया जाना चाहिए। अत्यधिक तापमान के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाना चाहिए।

प्रभावित जिले और उनका तापमान

छतरपुर जिले के अलावा टीकमगढ़, पन्ना, दमोह, सतना और दतिया जिलों में भी तापमान बहुत ऊंचा है। इंदौर, उज्जैन, देवास और राजगढ़ जैसे शहरों में भी गर्मी अपने चरम पर है। भोपाल में भी तापमान 44 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी स्थिति चिंताजनक है।

मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में कोई खास गिरावट नहीं आने वाली है। अगले 48 घंटों तक यह स्थिति बनी रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में तापमान और भी बढ़ सकता है। इसलिए लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है। राज्य सरकार ने भी नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है।

कृषि और पशुपालन पर असर

इस भीषण गर्मी का असर कृषि और पशुपालन पर भी पड़ रहा है। किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। सिंचाई के लिए जल की मांग बढ़ गई है। कई क्षेत्रों में भूजल स्तर खतरे के निकट चला गया है। पशुओं को भी पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। दूध उत्पादन में भी कमी देखी जा रही है।

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की नियमित सिंचाई करें। पशुओं को पर्याप्त पानी दें और शीतल स्थान प्रदान करें। ड्रिप सिंचाई पद्धति का उपयोग करें ताकि पानी की बचत हो सके। मल्चिंग करने से मिट्टी में नमी बनी रहती है।

यह गर्मी केवल मध्यप्रदेश में नहीं बल्कि पूरे भारत में अनुभव की जा रही है। हालांकि, मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थिति अधिक गंभीर है। इस क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से सूखे का संकट भी चल रहा है। ऐसे में लू की मार और भी खतरनाक साबित हो रही है।

आपातकालीन सेवाएं और सहायता

राज्य के सभी जिलों में आपातकालीन सेवाएं सक्रिय कर दी गई हैं। प्रशासन की ओर से लू के रोगियों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। जनता को मुफ्त पानी पिलाया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं का स्टॉक बढ़ाया गया है।

लोग आपातकाल में अपने नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। सभी जिलों में 24 घंटे के लिए चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे आपस में मदद करें। बुजुर्गों, बीमार लोगों और बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाए।

इसके अलावा, निर्माण कार्यों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। मजदूरों को भीषण गर्मी में काम न करना पड़े इसका ध्यान रखा जा रहा है। स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियां बढ़ाई गई हैं। इस पूरी स्थिति को देखते हुए कई सार्वजनिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है।

अंत में, कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है और सभी को सावधान रहने की जरूरत है। अपना ख्याल रखें, दूसरों की मदद करें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें। यह कठिन समय जल्द ही बीत जाएगा।