वरुण धवन सलमान खान नहीं बन सकते: अभिजीत भट्टाचार्य
बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक अभिजीत भट्टाचार्य ने हाल ही में वरुण धवन की फिल्म में शामिल 'चुनरी चुनरी' गाने के रीमेक वर्जन पर काफी तीखी टिप्पणी की है। अभिजीत ने न केवल इस गाने को भजन कहा बल्कि वरुण धवन को सलमान खान जैसा स्टार बनने की संभावना से भी इंकार किया है। यह विवाद बॉलीवुड में काफी सनसनी मचा गया है और इंडस्ट्री के लोग इस मुद्दे पर अपने विचार रख रहे हैं।
अभिजीत भट्टाचार्य की कड़ी आलोचना
अभिजीत भट्टाचार्य, जो मूल 'चुनरी चुनरी' गाने के सिंगर हैं, वह वरुण धवन की फिल्म में इस गाने के नए संस्करण से काफी नाराज हैं। उन्होंने कहा है कि यह रीमेक वर्जन मूल गाने की खूबसूरती और माधुर्य को पूरी तरह से नष्ट कर देता है। अभिजीत ने अपने बयान में कहा कि गाने को इस तरह से प्रस्तुत करना एक बड़ी गलती है जो संगीत की परंपरा के साथ अन्याय करता है।
गायक ने आगे कहा कि वह समझ नहीं पाते हैं कि आजकल के संगीत निर्देशक पुरानी धुनों को क्यों दोबारा बनाना चाहते हैं। अभिजीत के मुताबिक, अगर कोई गाना अच्छा है तो उसे जैसे का तैसा रखना चाहिए। नए संस्करण बनाने से पहले कम से कम ऐसी चीजें सुनी जा सकती हैं जो सवाल न उठाएं। अभिजीत की यह टिप्पणी काफी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि वह खुद इस गाने के मूल कलाकार हैं।
वरुण धवन को लेकर कड़े शब्द
अभिजीत भट्टाचार्य ने अपनी आलोचना में वरुण धवन के लिए कुछ काफी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा है कि 'वरुण धवन कभी सलमान खान नहीं बन सकते'। यह बयान काफी विवादास्पद है और बॉलीवुड में तरंगें मचा गया है। अभिजीत के अनुसार, सलमान खान के पास एक अलग ही ऑरा और व्यक्तित्व है जो वरुण धवन में नहीं पाया जाता।
गायक ने कहा कि सलमान खान की अपनी पहचान और अपनी स्टाइल है जो समय के साथ भी नहीं बदली है। वह हर फिल्म में एक अलग आयाम जोड़ते हैं। दूसरी ओर, वरुण धवन को अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है। अभिजीत ने कहा कि वरुण को अपनी पहचान बनानी चाहिए, न कि किसी और की नकल करने की कोशिश करनी चाहिए। यह टिप्पणी काफी तीखी है और वरुण के प्रशंसकों को निराश किया है।
बॉलीवुड में रीमेक का चलन
बॉलीवुड में पिछले कुछ सालों से पुरानी फिल्मों और गानों को दोबारा बनाने का चलन काफी बढ़ गया है। निर्माता और संगीत निर्देशक पुरानी धुनों को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, कई बार यह प्रयास काफी विफल साबित होता है। मूल गाने के सिंगर के तौर पर अभिजीत की नाराजगी काफी सही है क्योंकि वह समझते हैं कि उनके गाने को क्या नुकसान हो रहा है।
अभिजीत भट्टाचार्य के मुताबिक, संगीत को आजकल का स्वरूप देना ठीक है लेकिन मूल संरचना को बरकरार रखा जाना चाहिए। जब कोई गाना एक बार पूरी तरह से बदल दिया जाता है तो वह अपनी पहचान खो देता है। इसलिए, अभिजीत का मानना है कि इस तरह के रीमेक से बचना चाहिए। वह कहते हैं कि अगर कोई गाना हिट है तो उसे वैसे ही रहने दीजिए, क्योंकि दर्शकों को पहले से ही वह पसंद है।
संगीत जगत की प्रतिक्रिया
अभिजीत भट्टाचार्य की इस आलोचना पर संगीत जगत में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ संगीतकार और गायकों ने अभिजीत का समर्थन किया है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि रीमेक से नए दर्शकों तक पुरानी धुनें पहुंचती हैं। हालांकि, अभिजीत की बात में काफी दम है क्योंकि वह संगीत को समझते हैं और उसकी कीमत को भी जानते हैं।
इस विवाद ने एक बहस को जन्म दिया है कि क्या बॉलीवुड को नए गाने बनाने पर ध्यान देना चाहिए या पुराने गानों को दोबारा बनाना ठीक है। अभिजीत का मानना है कि नए गाने बनाने से संगीत की परंपरा को आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही, नए संगीतकारों को भी मौका दिया जा सकता है जो अपनी पहचान बना सकें।
अभिजीत भट्टाचार्य की यह आलोचना बॉलीवुड के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। उन्होंने साफ कर दिया है कि संगीत को सम्मान और सावधानी के साथ संभाला जाना चाहिए। हर गाना एक कला है और उसे उसी तरह से माना जाना चाहिए। वरुण धवन की फिल्म में 'चुनरी चुनरी' का रीमेक केवल एक गाना नहीं है, बल्कि यह एक विवाद का विषय बन गया है जो बॉलीवुड में संगीत के भविष्य के बारे में सवालिया निशान लगाता है।




