छत को ठंडा रखने के देसी तरीके बिना AC के
भीषण गर्मी और नौतपा के दिनों में जब छत भट्टी की तरह तप रही होती है, तो घर के अंदर का तापमान इतना बढ़ जाता है कि रहना मुश्किल हो जाता है। एयर कंडीशनर लगवाना तो बहुत महंगा है और उसका बिजली बिल भी काफी ज्यादा आता है। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है। हम आपको कुछ ऐसे देसी और आसान तरीके बताते हैं, जिनके जरिए आप अपने घर को बिना एसी के ही पांच से आठ डिग्री तक ठंडा रख सकते हैं।
आजकल के समय में हर घर में एयर कंडीशनर होना एक जरूरी चीज हो गई लगती है। लेकिन पुराने जमाने में लोग बिना एसी के ही इतनी भीषण गर्मी को झेल लेते थे। उन्होंने अपने अनुभव से कुछ ऐसे तरीके ढूंढ निकाले थे, जो न केवल गर्मी से बचाव करते हैं, बल्कि बहुत ही सस्ते और आसान भी हैं। ये तरीके आप आज भी अपना सकते हैं और अपने घर को ठंडा रख सकते हैं।
छत पर सफेद रंग का पेंट करवाएं
सबसे पहला और सबसे प्रभावी तरीका है छत पर सफेद रंग का पेंट करवाना। काले और गहरे रंगों से सूरज की गर्मी को आकर्षित होती है, जबकि सफेद रंग सूरज की किरणों को परावर्तित कर देता है। इसका अर्थ है कि जब आप अपनी छत को सफेद रंग से रंगवाते हैं, तो सूरज की गर्मी छत के ऊपर ही रह जाती है और घर के अंदर नहीं आती। यह तरीका न केवल बहुत सस्ता है, बल्कि यह लंबे समय तक प्रभावी भी रहता है। सफेद रंग की छत से घर का तापमान तीन से पांच डिग्री तक कम हो सकता है।
इसके अलावा, आप चूने की परत भी छत पर लगवा सकते हैं। चूना एक प्राकृतिक सामग्री है और इसके उपयोग से छत ठंडी रहती है। पहले के समय में लोग अपनी दीवारों और छतों पर चूना पोतते थे। यह केवल सजावट के लिए नहीं था, बल्कि इसका मुख्य कारण घर को ठंडा रखना था।
छत पर घास या सूखी पत्तियों की परत डालें
दूसरा तरीका है छत पर घास या सूखी पत्तियों की परत डालना। घास और सूखी पत्तियां गर्मी के लिए एक बहुत अच्छा इंसुलेटर होती हैं। ये सूरज की गर्मी को सोख लेती हैं और घर के अंदर गर्मी आने से रोकती हैं। आप पुरानी घास, सूखी पत्तियां या पुआल को इकट्ठा करके अपनी छत पर बिछा सकते हैं। इस परत को समय-समय पर पानी से सिंचित करते रहें। यह परत छत को ठीक उसी तरह ठंडा रखती है, जैसे एक छाता गर्मी से बचाव करता है।
यह तरीका बिल्कुल प्राकृतिक है और खेतों में काम करने वाले लोग इसे सदियों से अपना रहे हैं। घास और पत्तियों की परत गर्मी को अवशोषित करती है और हवा को भी सही तरीके से बहने देती है।
शाम को छत में पानी देना और वेंटिलेशन बेहतर बनाना
तीसरा तरीका है सही समय पर छत में पानी देना। बहुत से लोग बिल्कुल गलत समय पर छत में पानी देते हैं। सही तरीका यह है कि आप शाम के चार बजे से लेकर सूर्यास्त तक छत में पानी दें। इस समय सूरज की गर्मी कम हो जाती है, लेकिन छत में अभी भी गर्मी होती है। जब आप इस समय पानी डालते हैं, तो वह धीरे-धीरे वाष्पीकृत होता है और ठंडक प्रदान करता है। रात को छत ठंडी रहती है और पूरे घर का तापमान कम रहता है।
आप छत पर कुछ पुरानी खाली बाल्टियां या बर्तन रख सकते हैं। ये पानी को सोख लेंगे और रात भर ठंडक प्रदान करेंगे। सुबह जब सूरज निकलता है, तो यह पानी गर्मी से वाष्पीकृत हो जाता है।
चौथा तरीका है अपने घर का वेंटिलेशन बेहतर बनाना। रात को खिड़कियां और दरवाजे खोलकर सोएं। इससे ठंडी हवा घर के अंदर आती है और घर को ठंडा रखती है। सुबह जब गर्मी बढ़ जाए, तो खिड़कियों को पर्दों या चादरों से बंद कर दें। इससे सूरज की गर्मी घर के अंदर नहीं आएगी।
पांचवां तरीका है घर में पेड़-पौधों को लगाना। पेड़-पौधे न केवल ऑक्सीजन देते हैं, बल्कि गर्मी को भी सोखते हैं। छत पर और बालकनी में कुछ बड़े पेड़-पौधे लगाएं। ये पेड़-पौधे सूरज की गर्मी को सीधे घर तक आने से रोकेंगे।
ये सभी तरीके न केवल बहुत सस्ते हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अच्छे हैं। ये तरीके अपनाकर आप अपने बिजली के बिल को भी कम कर सकते हैं और साथ ही साथ एक स्वस्थ और आरामदायक घर भी बना सकते हैं। तो देरी न करके आज ही इन देसी तरीकों को अपनाएं और अपने घर को ठंडा रखें।




