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Wednesday, 22 July 2026
मौसम

नौतपा की आग में उत्तर भारत, पश्चिमी विक्षोभ से राहत

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Komal
संवाददाता
📅 28 May 2026, 5:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 680 views
नौतपा की आग में उत्तर भारत, पश्चिमी विक्षोभ से राहत
📷 aarpaarkhabar.com

उत्तर भारत में भीषण गर्मी की स्थिति

उत्तर भारत के विभिन्न इलाकों में इन दिनों नौतपा यानी भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब सहित कई राज्यों में पारा 47 से 48 डिग्री तक पहुंच गया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तो तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो बेहद चिंताजनक है। यूपी के बांदा जिले में भी तापमान 47.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

इस भीषण गर्मी के कारण देशभर में बिजली की मांग अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। घरों में एयर कंडीशनर चलाने वाले लोगों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। सड़कों पर लोग दोपहर में बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। स्कूल और कॉलेजों में भी गर्मी की वजह से अवकाश घोषित किए गए हैं। बुजुर्ग लोगों, छोटे बच्चों और मजदूरों को इस गर्मी से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य विभागों ने लू से बचाव के लिए जनता को सलाह दी है कि दिन के समय घर में रहें, ढेर सारा पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। अस्पतालों में लू से संबंधित मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई लोगों को हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के कारण अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ से राहत की संभावना

इस भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए मौसम विभाग की ओर से अच्छी खबर आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सूचित किया है कि अगले कुछ दिनों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) भारत के उत्तरी हिस्से को प्रभावित करने वाला है। इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना है।

मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगले 48 घंटों में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इसके साथ ही बिजली भी गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि इस बारिश के बाद तापमान में 6 से 8 डिग्री तक की गिरावट आने वाली है। यह गिरावट उत्तर भारत के लोगों के लिए काफी राहत देने वाली साबित होगी।

मई के अंतिम हफ्ते में यह बारिश आम तौर पर देशभर में मानसून की पूर्वबेला के रूप में जानी जाती है। बारिश के बाद जब तापमान में गिरावट आएगी, तो लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिल जाएगी। किसानों के लिए भी यह बारिश काफी महत्वपूर्ण साबित होगी क्योंकि इससे मिट्टी में नमी आएगी।

प्रधानमंत्री मोदी की अपील और सरकारी कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस भीषण गर्मी के दौरान सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के लिए कहा है। उन्होंने राहत कार्यों को सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और सिंचाई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

पीएम मोदी ने भारतीय रेलवे को भी गर्मी की वजह से सड़कों की खराबी से निपटने के लिए तत्पर रहने को कहा है। उच्च तापमान से रेलवे ट्रैकों में विकृति आ सकती है, जिससे ट्रेनों में देरी हो सकती है। इसलिए रेलवे विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।

राज्य सरकारों को भी अपने-अपने जिलों में राहत शिविरों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। सामाजिक संगठनों से भी कहा गया है कि वे जरूरतमंद लोगों को ठंडे पानी और अन्य सहायता मुहैया कराएं। बिजली विभागों को भी अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, 29 मई से 31 मई तक उत्तर भारत में बारिश की घटनाएं दर्ज की जा सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में हिमपात की भी संभावना है। गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश के आसार हैं। जून आते-आते मानसून की पूरी ताकत के साथ आने की उम्मीद है, जिससे देशभर में तापमान में काफी गिरावट आएगी।

इस दौरान किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की सिंचाई पर विशेष ध्यान दें। कपास, गेहूं और अन्य फसलें इस भीषण गर्मी से प्रभावित हो सकती हैं। पशुओं के लिए भी पर्याप्त छाया और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

आने वाले दिनों में जब पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होगा, तब तक धैर्य रखना होगा। सभी को यह याद रखना चाहिए कि भारत की जलवायु मौसमी बदलाव के अनुसार चलती है। गर्मी के बाद बारिश और ठंड आती है। यह प्राकृतिक चक्र है। इसलिए लोगों को धैर्य रखना चाहिए और साथ ही साथ अपने-अपने स्तर पर गर्मी से बचाव के उपाय करने चाहिए।

सरकार, प्रशासन और समाज सभी को मिलकर इस संकट से निपटना होगा। जब तक पश्चिमी विक्षोभ अपना काम पूरा न कर दे, तब तक सभी को सतर्क रहना होगा। आशा है कि अगले कुछ दिनों में राहत मिल जाएगी और लोग सामान्य जीवन की ओर लौट सकेंगे।