गैस-एसिडिटी से छुटकारा पाएं देसी नुस्खों से
गर्मियों की लंबी छुट्टियों में जब हम घूमने-फिरने निकलते हैं, तो बाहर का स्वादिष्ट लेकिन अनहेल्दी खाना हमारे पाचन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित करता है। इसका नतीजा यह होता है कि छुट्टियों के बाद पेट में गैस, एसिडिटी, कब्ज और सूजन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। यह समस्या खासकर भारतीय गर्मियों में बहुत आम है क्योंकि इस मौसम में हमारा पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है।
इसी समस्या का समाधान खोजते हुए मशहूर सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवाकर ने कुछ शानदार और आसान देसी नुस्खे शेयर किए हैं। ये सभी नुस्खे प्राचीन भारतीय ज्ञान पर आधारित हैं और बिल्कुल प्राकृतिक हैं। रुजुता के अनुसार, आप इन पांच आसान तरीकों से अपने पाचन तंत्र को दोबारा से सुधार सकते हैं और गैस व एसिडिटी से मुक्ति पा सकते हैं।
ग्वार की सब्जी खाएं नियमित रूप से
ग्वार की सब्जी हमारे देश में सदियों से खाई जाती आ रही है। यह सब्जी न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि पाचन के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। रुजुता के अनुसार, ग्वार की सब्जी में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है जो हमारे आंतों को स्वस्थ रखती है। जब आप गर्मियों की छुट्टियों के बाद अपना सामान्य दिनचर्या फिर से शुरू करते हैं, तो सप्ताह में कम से कम दो-तीन बार ग्वार की सब्जी अपने खाने में शामिल करनी चाहिए।
ग्वार की सब्जी बनाते समय आप इसमें अदरक, हरी मिर्च और अन्य मसाले डाल सकते हैं। इसे हल्के तेल में बनाएं ताकि यह आसानी से पच जाए। कुछ लोग ग्वार की सब्जी को दाल के साथ मिलाकर भी खाते हैं, जो पाचन के लिए और भी बेहतर होता है। यह सब्जी न केवल कब्ज को ठीक करती है बल्कि पेट की सूजन और गैस को भी कम करती है।
मौसमी फल खाएं और हाइड्रेशन बनाए रखें
गर्मियों में मौसमी फलों का सेवन करना पाचन तंत्र के लिए बहुत जरूरी है। रुजुता के अनुसार, गर्मियों में तरबूज, खरबूजा, अनार, आम और पपीता जैसे फलों का सेवन करना चाहिए। ये सभी फल न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं बल्कि पाचन को भी बेहतर बनाते हैं।
विशेषकर पपीता में एक एंजाइम होता है जिसे पेपेन कहते हैं। यह एंजाइम प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है और पाचन प्रक्रिया को आसान बनाता है। तरबूज और खरबूजे में पानी की अधिकता होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखती है और पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती है। इसके अलावा, आप दिन भर में कम से कम तीन से चार लीटर पानी जरूर पिएं। पानी का सेवन शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है और एसिडिटी को कम करता है।
हल्के व्यायाम और योग करें रोजाना
पाचन तंत्र को ठीक रखने के लिए सिर्फ सही खाना ही काफी नहीं है। रुजुता का मानना है कि शारीरिक गतिविधि भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। गर्मियों में आप तेज व्यायाम न करके हल्के-फुल्के व्यायाम करें। सुबह की सैर, योग या स्ट्रेचिंग व्यायाम करना आपके पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
योग में विशेषकर वज्रासन और भुजंगासन पाचन के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। खाना खाने के लिए आधा घंटा बाद वज्रासन में बैठने से खाना आसानी से पच जाता है। भुजंगासन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और आंतों की गतिविधि को बढ़ाता है। इसके अलावा, कपालभाति प्राणायाम भी करें जो पाचन तंत्र को शुद्ध करता है।
अन्य महत्वपूर्ण सुझाव
रुजुता ने यह भी बताया है कि गर्मियों के बाद अपने खान-पान को अचानक से परिवर्तित न करें। धीरे-धीरे स्वास्थ्यकर खाना अपने आहार में शामिल करें। तेल-मसाले वाले और बाहर के खाने को कम से कम करें। घर का बना खाना खाएं जो ताजा और पौष्टिक हो। इसके अलावा, रात का खाना हल्का रखें और सोने से कम से कम दो घंटे पहले खा लें।
छाछ, दही और नारियल पानी का सेवन भी पाचन के लिए बहुत अच्छा है। इन सभी चीजों का सेवन करके आप गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं से आसानी से मुक्ति पा सकते हैं। याद रखें कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी संपत्ति है, इसलिए अपने पाचन तंत्र की देखभाल करना बहुत जरूरी है।




