एमपी मौसम आज: 46 जिलों में लू, आंधी-बारिश की चेतावनी
मध्यप्रदेश में मई का अंत आते-आते मौसम ने दोहरी मार झेलने के लिए तैयार कर दिया है। प्रदेश के 46 जिलों में लू का प्रकोप अपने चरम पर पहुंच गया है, वहीं आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में आंधी और बारिश की भी चेतावनी दी गई है। यह संयोजन आम जनता के लिए अत्यंत कठिन साबित हो रहा है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार स्थिति काफी गंभीर है और सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लोग अपने घरों में बंद रह रहे हैं। सड़कों पर चलना-फिरना दुष्कर हो गया है। बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है क्योंकि हर घर में कूलर और एयर कंडीशनर चलाए जा रहे हैं। इस भीषण गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों को विशेष देखभाल की जरूरत है।
लू की मार और स्वास्थ्य चिंताएं
प्रदेश भर में हीट वेव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के निदेशक के अनुसार इस सप्ताह 46 जिलों में तापमान 43 डिग्री से अधिक रहने की संभावना है। इंदौर में तो पारा 46 डिग्री तक छू गया है, जो काफी खतरनाक है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को अलर्ट जारी किया है। हीट स्ट्रोक के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है।
चिकित्सकों की सलाह है कि इस मौसम में लोग सुबह-शाम बाहर निकलें। दिन के 11 बजे से 4 बजे तक घर में रहना चाहिए। ढेर सारा पानी पिएं। नारियल का पानी, छाछ, और फलों का जूस लाभदायक है। खुद को हल्के कपड़ों में रखें। पसीने को तुरंत पोंछते रहें ताकि त्वचा की समस्याएं न हों।
बिजली विभाग भी दबाव में है। ट्रांसफॉर्मर बार-बार खराब हो रहे हैं। कई इलाकों में लोड शेडिंग की नौबत आ गई है। जनरेटर और सोलर पैनल की मांग आसमान छू गई है। छत पर टंकियों का पानी भी सूख जा रहा है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में सिंचाई बढ़ा दें क्योंकि भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है।
आंधी-बारिश का खतरा और तैयारी
लेकिन यह गर्मी अधिक दिनों तक नहीं रहेगी। मौसम विभाग ने 29 मई से 31 मई के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलों की संभावना जताई है। इंदौर, उज्जैन, देवास, राजगढ़, विदिशा और भोपाल जिले इस चेतावनी के अंतर्गत आते हैं। तेज हवाओं की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।
जिला प्रशासन ने सभी को इसकी तैयारी करने के लिए कहा है। आंधी में पेड़ों की टूटी-फूटी शाखाएं गिर सकती हैं। बिजली के खंभे हिल सकते हैं। छतें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। इसलिए सभी को अपनी छतों को मजबूत करना चाहिए। ढीले-ढाले सामान को सुरक्षित करना चाहिए। बाहर की खिड़कियों और दरवाजों को बंद रखना चाहिए।
नगर निकायों ने साफ-सफाई बढ़ा दी है। नालियों की सफाई की जा रही है ताकि बारिश का पानी सही तरीके से बह सके। सड़कों पर लगी खतरनाक चीजों को हटाया जा रहा है। आपातकालीन दलों को अलर्ट रखा गया है। रेस्क्यू टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी।
नागरिकों के लिए सावधानियां और सुझाव
आम जनता को इन दिनों विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्मी और बारिश दोनों ही स्थितियां खतरनाक हो सकती हैं। पहले तो शरीर लू से जलेगा, फिर अचानक बारिश से ठंड लगेगी। इससे वायरल बुखार, खांसी और जुकाम जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
इसलिए अपने आहार पर विशेष ध्यान दें। मौसमी फल और सब्जियां खाएं। संतुलित भोजन करें। अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। अगर कहीं चोट लग जाए तो तुरंत इलाज कराएं क्योंकि गर्मी में संक्रमण जल्दी फैलता है।
बारिश के समय बाहर निकलते समय छाता और रेनकोट जरूर रखें। बिजली के खंभों के पास न जाएं। कहीं पानी भरा हो तो उससे दूर रहें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
मौसम विभाग ने नोट किया है कि यह दोहरी चेतावनी असाधारण है। ऐसी स्थिति साल में कम ही आती है। इसलिए सभी को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद के लिए तैयार रहें। आशा है कि जून की शुरुआत में मानसून आएगा और तापमान सामान्य हो जाएगा।




