नौतपा बेअसर: लू से राहत, केरल पहुंचेगा मानसून
उत्तर भारत में अभी पिछली कुछ दिनों से जो तेज गर्मी और लू का प्रकोप देखा जा रहा था, वह अब कुछ हद तक कम होने लगा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से नौतपा यानी कि घनी धूल भरी आंधी का असर बेअसर हो गया है। यह बेहद अच्छी खबर है उन लोगों के लिए जो पिछले कई दिनों से इस तीव्र गर्मी में तकलीफ झेल रहे थे।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पश्चिमी भारत के अन्य क्षेत्रों में पिछली एक हफ्ते से लू का दौर जारी था। इस बीच, मौसम विभाग की ओर से यह घोषणा की गई है कि आने वाले दिनों में बारिश और आंधी के कारण तापमान में गिरावट आने वाली है। दिल्ली, यूपी, राजस्थान और पंजाब में पांच जून तक आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। इससे न केवल गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि किसानों के लिए भी अच्छी खबर है क्योंकि गर्मियों में बारिश से फसलों को पानी मिल जाएगा।
पश्चिमी विक्षोभ लाया राहत
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में एक सक्रिय मौसम प्रणाली सक्रिय हो गई है। इसी के कारण नौतपा यानी घनी धूल भरी आंधी का असर कम हो गया है। जूनो के पहले सप्ताह में यह विक्षोभ अपनी सक्रियता बनाए रखेगा, जिससे कई क्षेत्रों में बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर में भी गुरुवार से शुक्रवार तक तेज आंधी और बारिश की संभावना है।
लू यानी तापमान में अचानक वृद्धि और सूखी गर्म हवाएं भारत के उत्तरी हिस्सों में गर्मियों का एक आम हिस्सा हैं। लेकिन इस बार की लू बेहद तीव्र थी और अनेक क्षेत्रों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इससे बिजली की खपत में असाधारण वृद्धि हुई और सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी खतरा पैदा हुआ। लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ के कारण स्थिति में सुधार आने वाला है।
केरल में मानसून की दस्तक
भारतीय मौसम विभाग की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खोज यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में केरल और तमिलनाडु के तटों पर दस्तक दे देगा। यह खबर देश के किसानों, जल संसाधन विभाग और बिजली उत्पादन क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मानसून की वक्त पर आगमन से वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है, जो देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए जीवन रक्त की तरह है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अनुकूल मौसम परिस्थितियां बन गई हैं। समुद्र की सतह का तापमान, हवाओं की दिशा और दबाव प्रणाली सभी कुछ मानसून के आने के लिए अनुकूल हो गई हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून सामान्य से दो सप्ताह की देरी के साथ आ रहा है। इस देरी का मुख्य कारण अल नीनो की घटना है, जो समुद्र के तापमान को प्रभावित करती है।
केरल में मानसून की आगमन तारीख बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी के बाद मानसून धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता है। जून के पहले सप्ताह में केरल पहुंचने के बाद मानसून धीरे-धीरे बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगा और दिल्ली तक पहुंचने में लगभग एक महीने का समय लगेगा। इस बीच, मानसून देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मात्रा में वर्षा करेगा।
यूपी और राजस्थान में आंधी की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कुछ दिनों के लिए तेज आंधी और बारिश की चेतावनी दी है। पांच जून तक इन क्षेत्रों में धूल भरी आंधी और गिरे गिरते बादलों से तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी बाहरी गतिविधियों को सीमित करें और आंधी के दौरान घर के अंदर रहें।
राजस्थान के कई जिलों में धूल भरी आंधी से कृषि उत्पादन को नुकसान का खतरा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। बिजली विभाग को भी तेज हवाओं के कारण संभावित विद्युत व्यवधान से निपटने के लिए तैयारी करने के लिए कहा गया है।
इस अवधि में देश की मौसम प्रणाली बहुत सक्रिय रहेगी। नौतपा की समाप्ति और मानसून की आगमन यह दर्शाता है कि गर्मियों का मौसम अपने अंत की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में मौसम का यह संक्रमण देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग प्रभाव डालेगा। किसान, जल संसाधन विभाग और सामान्य जनता को इस मौसम परिवर्तन के लिए तैयार रहना चाहिए।




