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Wednesday, 19 August 2026
मनोरंजन

लगान की शूटिंग: दयाशंकर पांडे का एक्सक्लूसिव साक्षात्कार

author
Komal
संवाददाता
📅 15 June 2026, 8:16 AM ⏱ 1 मिनट 👁 278 views
लगान की शूटिंग: दयाशंकर पांडे का एक्सक्लूसिव साक्षात्कार
📷 aarpaarkhabar.com

साल 2001 में जहां एक तरफ सनी देओल की 'गदर' ने खूब तहलका मचाया तो दूसरी तरफ आमिर खान ने स्क्रीन पर ऐसा छक्का जड़ा कि बॉल बाउंड्री पार करके ऑस्कर तक पहुंची। यह फिल्म थी 'लगान' जो हिंदी सिनेमा की सबसे क्लासिक और याद रखी जाने वाली फिल्मों में से एक बन गई। इस महान फिल्म को रिलीज हुए आज 25 साल पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर फिल्म में महत्वपूर्ण किरदार 'गोली' निभाने वाले प्रतिभाशाली अभिनेता दयाशंकर पांडे ने सेट से जुड़े अनसुने किस्से और यादें अपने साथ साझा की हैं।

दयाशंकर पांडे ने बताया कि 'लगान' की शूटिंग कितनी कठोर और समर्पण से भरी थी। उन्होंने कहा कि आमिर खान और पूरी टीम न केवल अभिनय के लिए बल्कि क्रिकेट की तकनीकों को सीखने के लिए भी बहुत मेहनत करती थी। फिल्म के लिए छह महीने तक लगातार शूटिंग चली थी जिसके दौरान सभी कलाकारों ने अपनी ऊर्जा और समय को पूरी तरह समर्पित कर दिया था।

आमिर खान का गॉड ब्रदर प्रेम

दयाशंकर पांडे ने अपने साक्षात्कार में बताया कि आमिर खान उन्हें 'गॉड ब्रदर' की तरह मानते थे। वह कहते हैं कि आमिर न सिर्फ एक अभिनेता थे बल्कि पूरी टीम के लिए एक प्रेरणा स्रोत थे। उन्होंने हर एक्टर के साथ भाईचारे का रिश्ता बनाया और सभी को अपने परिवार का हिस्सा माना। दयाशंकर ने कहा कि आमिर की यह खूबसूरत सोच ही थी जिससे सेट पर एक पारिवारिक माहौल बना रहा।

शूटिंग के दौरान आमिर खान ने अपने को-एक्टरों के साथ बहुत समय बिताया। वह रोज़ाना क्रिकेट की प्रैक्टिस में शामिल होते और अन्य अभिनेताओं को भी मोटिवेट करते रहते। दयाशंकर के अनुसार, आमिर की डेडिकेशन ही वह वजह थी कि पूरी टीम में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती थी। वह हर किसी से मजाक भी करते थे और सभी को अपने बराबर मानते थे।

छह महीने की मेहनत और समर्पण

लगान की शूटिंग के दौरान न केवल अभिनय करना था बल्कि क्रिकेट की खेल को सीखना भी था। दयाशंकर पांडे ने बताया कि हर दिन की शूटिंग से पहले सभी अभिनेता क्रिकेट ग्राउंड पर जाते थे और पेशेवर कोच से सीखते थे। उन्हें बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग सभी सीखना पड़ा। यह प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि सभी लोग पहली बार क्रिकेट को इतने गहराई से सीख रहे थे।

दयाशंकर ने कहा कि छह महीने की यह शूटिंग पीरियड सचमुच की एक स्कूल की तरह थी। हर दिन नई चीजें सीखना, नई चुनौतियों का सामना करना और फिर उन्हें स्क्रीन पर सही तरीके से प्रस्तुत करना - यह सब कुछ एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी थी। लेकिन पूरी टीम ने इस चुनौती को अपनाया और इसे सफल बनाया।

सेट पर यादें और रिश्ते

दयाशंकर पांडे ने अपने साक्षात्कार में बताया कि लगान की शूटिंग के दौरान बने रिश्ते आजीवन के लिए बने। आमिर खान, राज ज़हीर, आख़्तर, और पूरी कास्ट के साथ एक बहुत खास बॉन्ड बना। वह कहते हैं कि सेट पर खेले जाने वाले हर खेल, हर मजाक और हर बातचीत ने एक अलग ही रिश्ता बना दिया।

फिल्म की सबसे खास बात यह थी कि सभी अभिनेता वास्तव में क्रिकेट खेलना सीख गए थे। दयाशंकर कहते हैं कि जब फिल्म में क्रिकेट के दृश्य दिखते हैं तो वह पूरी तरह असली लगते हैं क्योंकि वास्तव में सभी अभिनेता खेल सकते थे। इसी वजह से फिल्म में वह ऑथेंटिसिटी आई जो दर्शकों को महसूस हुई।

फिल्म का वैश्विक प्रभाव

लगान न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में एक बहुत बड़ी सफलता रही। फिल्म को अकादमी पुरस्कारों के लिए नामांकित किया गया था और इसने हिंदी सिनेमा को नई ऊंचाई पर ले जाया। दयाशंकर पांडे कहते हैं कि जब फिल्म को इतनी सारी प्रशंसा मिली तो पूरी कास्ट को एक विशेष गर्व महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल एक फिल्म की सफलता नहीं थी बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा की एक जीत थी।

आज जब 25 साल हो गए हैं, दयाशंकर पांडे उन दिनों को याद करते हैं और कहते हैं कि लगान उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अनुभव रहा है। उन्होंने कहा कि फिल्म के साथ उन्हें जो सीखने का मौका मिला वह आजीवन के लिए काफी है। अगर फिर से मौका मिले तो वह फिर से वैसी ही मेहनत और समर्पण के साथ काम करेंगे।