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Friday, 17 July 2026
मौसम

देशभर में मौसम बदलाव: दिल्ली-NCR में आंधी-बारिश अलर्ट

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Komal
संवाददाता
📅 17 June 2026, 6:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 470 views
देशभर में मौसम बदलाव: दिल्ली-NCR में आंधी-बारिश अलर्ट
📷 aarpaarkhabar.com

देशभर में आने वाले दिनों में मौसम का रुख पूरी तरह बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता से उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की घटनाएं बढ़ने वाली हैं। भारतीय मौसम विभाग ने इस संबंध में एक गंभीर अलर्ट जारी किया है जिसमें लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के लिए आने वाले इक्कीस जून तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना व्यक्त की गई है। राजस्थान के कुछ प्रमुख क्षेत्रों में धूलभरी आंधी चलने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसमी बदलाव बेहद महत्वपूर्ण है और इससे तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी जा सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

पश्चिमी विक्षोभ वह मौसमी प्रणाली है जो भूमध्य सागर और आसपास के क्षेत्रों से भारत की ओर आती है। यह विक्षोभ आमतौर पर सर्दियों में प्रभावशाली होता है, लेकिन इस बार इसकी गतिविधि गर्मियों में भी देखी जा रही है। इसका प्रमुख प्रभाव हिमालयी क्षेत्र और उत्तरी भारत पर पड़ता है।

इस विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा, पंजाब और हरियाणा में भी इसका सीधा असर देखा जा सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगले चालीस-आठ घंटों में इस विक्षोभ की तीव्रता में वृद्धि होने वाली है।

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव महसूस किया जाएगा। राजधानी में अठारह से बीस जून के बीच बिजली कड़कती हुई बारिश होने की संभावना है। साथ ही, हवाओं की गति तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जो खतरनाक साबित हो सकती है।

व्यापार और यातायात पर भी इसका असर देखा जा सकता है। हवाई जहाजों की उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं और सड़क यातायात भी धीमा हो सकता है। इसलिए, यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना दोबारा बनानी चाहिए।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता

दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत के लिए वर्षा का प्रमुख स्रोत है। इस बार, मानसून की गतिविधि सामान्य से कुछ पहले ही शुरू हो गई है। तटीय क्षेत्रों में पहले से ही भारी बारिश देखी जा रही है।

केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों में पहले से ही मानसून का असर महसूस किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में पचास से सत्तर मिलीमीटर तक बारिश हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले सप्ताह में यह गतिविधि और भी तेज हो जाएगी।

उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसून का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में अत्यधिक बारिश की खबरें आ रही हैं। कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति भी देखी जा रही है।

कृषि के लिहाज से, मानसून का यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए इसी बारिश का इंतजार करते हैं। लेकिन अत्यधिक बारिश से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।

सावधानी और सुरक्षा के उपाय

आने वाले दिनों में आने वाली प्रतिकूल मौसम स्थितियों से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां रखनी चाहिए। सबसे पहले, घर की खिड़कियों और दरवाजों को मजबूत करवाया जाए और छत पर रखी हुई गैर-आवश्यक वस्तुओं को हटवाया जाए।

बिजली की तारों के करीब न जाएं, विशेषकर बारिश के समय। बाहर निकलना अत्यंत आवश्यक है तो छाता और वाटरप्रूफ कपड़े पहनें। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि वे ऐसी स्थितियों में ज्यादा संवेदनशील होते हैं।

गाड़ी चलाते समय अतिरिक्त सावधानी रखें। बारिश में सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं। कार की हेडलाइट्स चालू रखें और गति कम करें। यदि आवश्यक न हो, तो घर पर ही रहें।

बाढ़ की संभावना वाले इलाकों में रहने वाले लोग अपने कीमती सामान को ऊंचे स्थानों पर रखें। नाली और सीवर सिस्टम को पहले से ही साफ-सुथरा करवाएं ताकि पानी निकास में कोई समस्या न आए।

मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और जरूरत पड़ने पर स्थानीय आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें। आपातकालीन नंबर को अपने पास रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद लें।

इस मौसमी बदलाव के दौरान अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें। बारिश के पानी में न भिगोएं क्योंकि इससे संक्रामक रोग फैलने की संभावना बढ़ जाती है। साफ और उबला हुआ पानी पिएं। खांसी, जुकाम या बुखार की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

आने वाले दिनों में मौसम की इस गंभीर स्थिति को लेकर केंद्रीय मौसम विभाग लगातार निगरानी रख रहा है। प्रत्येक घंटे अपडेट जारी किए जा रहे हैं ताकि जनता को सही समय पर सही जानकारी मिल सके। लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम संबंधी सचेतनाएं गंभीरता से लें और आवश्यक सावधानियां अवश्य बरतें। राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण भी सभी राज्य सरकारों को सतर्क किया है ताकि किसी भी आपातकाल की स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किए जा सकें।