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Thursday, 30 July 2026
समाचार

भूतों की फोटो खींचने वाला धोखेबाज फोटोग्राफर

author
Komal
संवाददाता
📅 17 June 2026, 7:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 901 views
भूतों की फोटो खींचने वाला धोखेबाज फोटोग्राफर
📷 aarpaarkhabar.com

जब फोटोग्राफी की शुरुआत हुई थी, तो इसके जरिए लोगों से ठगी करने का तरीका भी किसी चतुर फोटोग्राफर ने ईजाद कर लिया था। यह एक ऐसी कहानी है जो इतिहास के सबसे रोचक और हैरान करने वाली घटनाओं में से एक मानी जाती है। वह फोटो में मरे हुए लोगों की 'आत्मा' दिखा देता था और इसके लिए लोगों से अच्छे-खासे पैसे वसूल करता था। हद तो तब हो गई थी, जब उसने अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के भूत की तस्वीर भी कैप्चर कर दिखा दी थी। यह बात इतनी प्रसिद्ध हुई कि हजारों लोग इस धोखाधड़ी का शिकार बने। आइए जानते हैं इसी महाठग की कहानी जो 'स्पिरिट फोटोग्राफर' के नाम से मशहूर था।

फोटोग्राफी की शुरुआत में ही शुरू हुई ठगी

उन्नीसवीं सदी के मध्य में जब फोटोग्राफी की तकनीक पूरी दुनिया में फैलने लगी, तो बहुत से लोगों को इससे जुड़ी बातें समझ नहीं आती थीं। साधारण जनता को यह तकनीक जादू-टोना जैसी लगती थी। ठीक इसी समय एक होशियार फोटोग्राफर ने एक अजीब-ओ-गरीब तरीका निकाल लिया। वह लोगों को यह बता देता था कि उसके पास एक विशेष शक्ति है, जिससे वह मरे हुए लोगों की आत्माओं को फोटो में कैप्चर कर सकता है। उस समय में विज्ञान की समझ न होने के कारण बहुत से लोग इस बात को सच मान लेते थे।

इस फोटोग्राफर का नाम विलियम मम्लर था। वह अमेरिका में रहता था और न्यूयॉर्क शहर में अपना फोटोग्राफी स्टूडियो चलाता था। विलियम मम्लर बहुत ही चतुर और समझदारी वाला व्यक्ति था। उसने समझ लिया था कि उन्नीसवीं सदी में लोगों को अपने प्रिय जनों की याद बहुत सताती थी। अगर वह किसी को यह दिखा दे कि उसके प्रिय जन की आत्मा फोटो में कैद हो गई है, तो वह व्यक्ति कुछ भी खर्च कर सकता है।

आत्मा की फोटो खींचने का जादुई तरीका

विलियम मम्लर के पास एक बहुत ही गजब का तरीका था। वह अपने ग्राहकों को अपने स्टूडियो में बैठाता था और उन्हें कहता था कि वह उनके प्रिय जन की आत्मा को अपने कैमरे के माध्यम से दिखाएगा। फिर जब फोटो खींचे जाते थे, तो उसमें असल में मरे हुए व्यक्ति की आत्मा नहीं, बल्कि कोई और आकृति दिखाई देती थी। लेकिन वह आकृति हल्की और धुंधली होती थी, जिससे लोग सोचते थे कि वह कोई अलौकिक चीज है।

दरअसल, मम्लर एक बहुत ही चतुर फोटोग्राफर था। उसने एक ऐसी तकनीक विकसित कर ली थी, जिससे वह एक ही फोटो प्लेट में कई छवियां बना सकता था। जब कोई व्यक्ति उसके स्टूडियो में आता था, तो पहले उसके अकेले की फोटो खींची जाती थी। फिर उसी प्लेट में एक दूसरी व्यक्ति की, जो किसी और को दिखता था, छवि जोड़ दी जाती थी। इस तरह अंतिम तस्वीर में दो लोग दिखाई देते थे, लेकिन दूसरी आकृति हल्की और असली न लगती थी। मम्लर इसे 'आत्मा' बता देता था।

राष्ट्रपति लिंकन की आत्मा का प्रसिद्ध प्रकरण

विलियम मम्लर की धोखाधड़ी तब और भी प्रसिद्ध हो गई, जब उसने एक ऐतिहासिक गलती कर दी। अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की 1865 में हत्या कर दी गई थी। लिंकन के मरने के बाद पूरे अमेरिका में दुःख की लहर दौड़ गई। लिंकन की पत्नी मेरी टॉड लिंकन को अपने पति की बहुत याद आती थी। इसी बीच विलियम मम्लर ने एक ऐसी तस्वीर तैयार की, जिसमें लिंकन की पत्नी की तस्वीर के पीछे राष्ट्रपति लिंकन की आत्मा को दिखाया गया था।

यह तस्वीर इतनी प्रभावशाली थी कि पूरे अमेरिका में इसका खूब प्रचार हुआ। लोगों को लगा कि शायद सच ही लिंकन की आत्मा मम्लर की तस्वीर में कैद हो गई है। इससे मम्लर की ख्याति बहुत बढ़ गई। अब वह एक 'स्पिरिट फोटोग्राफर' के रूप में पूरे अमेरिका में प्रसिद्ध हो गया। हजारों लोग उसके स्टूडियो में आने लगे। वह अपने ग्राहकों से काफी भारी रकम चार्ज करता था। कुछ लोगों ने अपनी सारी जमा-पूंजी इस धोखाधड़ी में गंवा दी।

धोखाधड़ी का पर्दाफाश

लेकिन सच्चाई को लंबे समय तक छुपाया नहीं जा सकता। आखिरकार विलियम मम्लर का सच सामने आ गया। पुलिस ने उसके ऊपर मुकदमा दर्ज किया। कोर्ट में साबित हो गया कि वह एक महान ठग था और उसने लोगों को जानबूझकर धोखा दिया था। 1869 में उसे जेल की सजा दी गई। इस तरह इतिहास का एक सबसे बड़ा फोटोग्राफी धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ।

विलियम मम्लर की यह कहानी हमें सिखाती है कि कैसे किसी भी तकनीक का दुरुपयोग करके लोगों को धोखा दिया जा सकता है। आज के समय में जब डिजिटल फोटोग्राफी इतनी आगे बढ़ चुकी है, तो ऐसी तस्वीरें बनाना और भी आसान हो गया है। इसलिए हमें हमेशा सावधान रहना चाहिए और किसी भी असामान्य चीज को तुरंत मान लेने से बचना चाहिए। विलियम मम्लर की कहानी हमें यह याद दिलाती है कि आधुनिक विज्ञान का समझ होना कितना महत्वपूर्ण है।