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Thursday, 30 July 2026
राजनीति

भारत शांति के पक्ष में है: PM मोदी जेलेंस्की से मिले

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Komal
संवाददाता
📅 18 June 2026, 7:16 AM ⏱ 1 मिनट 👁 521 views
भारत शांति के पक्ष में है: PM मोदी जेलेंस्की से मिले
📷 aarpaarkhabar.com

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की है। इस मुलाकात में पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में है। यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय नेताओं के साथ हुई बातचीत के तुरंत बाद संपन्न हुई।

यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय राजनीति के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण क्षण साबित हुई है। पीएम मोदी की यह यात्रा और जेलेंस्की से मिलना भारत की विदेश नीति के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।

पीएम मोदी का शांति संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति शांति और सहयोग पर आधारित है। भारत का मानना है कि किसी भी विवाद का समाधान संवाद और बातचीत के माध्यम से ही संभव है। पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि सैन्य टकराव कभी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।

भारत ने अपनी इस नीति को विश्व मंच पर लगातार प्रतिपादित किया है। भारत का यह रुख न केवल यूक्रेन के मामले में बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय विवादों में भी देखा जा सकता है। पीएम मोदी का मानना है कि एक बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते भारत की यह जिम्मेदारी है कि वह विश्व शांति के लिए अपनी भूमिका निभाए।

इस मुलाकात के दौरान, पीएम मोदी ने यूक्रेन की जनता के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। भारत यूक्रेन में होने वाले संघर्ष से बहुत परेशान है और वह इस स्थिति को समाप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार है। भारत का यह रुख उसकी मानवीय मूल्यों और नैतिकता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अंतरराष्ट्रीय नेताओं से पूर्व की बैठकें

पीएम मोदी की यूक्रेन के राष्ट्रपति से यह मुलाकात विश्व के अन्य शक्तिशाली नेताओं से हुई बातचीत के तुरंत बाद हुई। इससे पहले, पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

पीएम मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ भी बातचीत की। इस मुलाकात में भारत और यूरोप के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के बारे में चर्चा हुई। यूरोप के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से भी पीएम मोदी की मुलाकात हुई। इन सभी मुलाकातों ने भारत की वैश्विक उपस्थिति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है। भारत न केवल अपनी क्षेत्रीय हितों की रक्षा करता है बल्कि विश्व शांति और सुरक्षा के लिए भी कार्य करता है।

भारत की वैश्विक भूमिका और जिम्मेदारी

भारत एक प्राचीन सभ्यता वाला देश है जिसके पास शांति और सहयोग के संदेश को विश्व तक पहुंचाने का दायित्व है। भारत की विदेश नीति सदैव से ही अहिंसा और शांति के सिद्धांतों पर आधारित रही है। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर भारत आज भी विश्व शांति के लिए प्रतिबद्ध है।

वर्तमान समय में जब विश्व के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष चल रहे हैं, ऐसे में भारत की यह भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। भारत एक विकासशील राष्ट्र है जो अपनी आर्थिक प्रगति के साथ-साथ विश्व शांति के लिए भी काम करता है। पीएम मोदी की यह यात्रा और विभिन्न नेताओं से मुलाकात भारत की इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

भारत का मानना है कि विश्व शांति तभी संभव है जब सभी देश संवाद के माध्यम से अपने मतभेदों को सुलझाएं। भारत हर संघर्ष में मध्यस्थता की भूमिका निभाने के लिए तैयार रहता है। यह भारत की नैतिक शक्ति है जो उसे विश्व मंच पर एक महत्वपूर्ण स्थान देती है।

संक्षेप में, पीएम मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की यह मुलाकात भारत की शांति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का एक स्पष्ट संकेत है। भारत विश्व को यह संदेश देता है कि शांति ही एकमात्र मार्ग है जो सभी समस्याओं का हल निकाल सकता है। आने वाले समय में भारत की यह भूमिका और भी महत्वपूर्ण साबित होगी क्योंकि विश्व को भारत जैसे विवेकशील नेतृत्व की जरूरत है।