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Sunday, 13 September 2026
व्यापार

केसर आम ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड

author
Komal
संवाददाता
📅 20 June 2026, 6:16 AM ⏱ 1 मिनट 👁 659 views
केसर आम ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड
📷 aarpaarkhabar.com

गुजरात के तलाला आम मार्केट में इस बार केसर आम का सीजन बिल्कुल ही अलग साबित हुआ है। पिछले दस सालों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए इस बार महज 61 दिनों में ही 9.44 लाख पेटियों की आवक दर्ज की गई है। यह संख्या न केवल इस साल के लिए ही ऐतिहासिक है, बल्कि पिछले पूरे दशक में भी सबसे बड़ी उपलब्धि रही है। इस शानदार प्रदर्शन से गुजरात के किसानों और आम के व्यापारियों को काफी बड़ा लाभ मिला है।

तलाला आम मार्केट देश का सबसे बड़ा आम बाजार माना जाता है। यहां आने वाले केसर आम की गुणवत्ता और स्वाद के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्धि है। इस बार जब इतनी बड़ी संख्या में आम की आवक हुई, तो यह सिर्फ एक व्यावसायिक सफलता नहीं रही, बल्कि यह गुजरात की कृषि व्यवस्था की मजबूती का भी सबूत बन गई है। बेहतर मौसम, सही तापमान और उचित बारिश के कारण इस बार आम की पैदावार असाधारण रही है।

बेहतर पैदावार का सीधा असर

इस बार केसर आम की बेहतर पैदावार का सीधा असर किसानों के जेब तक पहुंचा है। जब बाजार में अच्छी मात्रा में माल आता है और उसकी गुणवत्ता भी बेहतरीन हो, तो कीमतें स्थिर रहती हैं। इस मौसम में भी किसानों को उचित दर मिल सका है, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ है। कई किसानों ने बताया कि इस साल का आम का सीजन उनके लिए सबसे लाभकारी साबित हुआ है।

गुजरात के राजस्थान सीमावर्ती इलाकों में केसर आम की खेती मुख्य रूप से होती है। यहां के किसानों ने पिछले कुछ सालों में अपनी खेती की तकनीकों में सुधार किया है। आधुनिक सिंचाई व्यवस्था, बेहतर बीज और सही समय पर खाद-पानी देने से पैदावार में काफी बृद्धि हुई है। तलाला मार्केट तक पहुंचने वाली 9.44 लाख पेटियां इसी मेहनत और लगन का नतीजा हैं।

वैश्विक बाजार में मजबूत पकड़

केसर आम का निर्यात भी इस बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 90 टन के निर्यात आंकड़े से पता चलता है कि भारतीय आम विदेशों में कितनी मांग में हैं। खासकर केसर आम के लिए तो मध्य पूर्व, यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में विशेष चाहिदा है। इन देशों के आयातकर्ता भारतीय किसानों से सीधे संपर्क में रहते हैं और पहले से ही अपने ऑर्डर दे देते हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय केसर आम की खूब तारीफ होती है। इसका मीठापन, खुशबू और रंग सब कुछ दूसरे देशों के आमों से अलग होता है। इसी कारण से विदेशी खरीदार भारत आकर सीधे किसानों और व्यापारियों से बात करते हैं। इस बार 90 टन का निर्यात पिछले सालों की तुलना में काफी ज्यादा है, जिससे साफ पता चलता है कि दुनिया भर में भारतीय आम की मांग बढ़ रही है।

व्यापारियों के लिए सुवर्ण अवसर

तलाला आम मार्केट में बड़ी संख्या में आम की आवक से व्यापारियों को भी खूब फायदा हुआ है। बड़े-बड़े व्यापारी यहां से आम खरीदकर देश भर में भेजते हैं। जब इतनी बड़ी मात्रा में माल उपलब्ध हो जाता है, तो व्यापारियों को चयन करने का अवसर मिलता है। वे अपनी मर्जी से सबसे बेहतरीन आम को चुनकर उन्हें विभिन्न बाजारों में भेज सकते हैं।

इस बार के आम सीजन से न केवल किसानों और व्यापारियों को लाभ हुआ है, बल्कि इससे गुजरात की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। जब कृषि क्षेत्र में ऐसी सफलता आती है, तो पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बल मिलता है। गांवों से लेकर शहरों तक सभी को इसका लाभ मिलता है।

मार्केट में काम करने वाले मजदूरों, ड्राइवरों, पैकेजिंग कर्मियों और अन्य सभी को इस बड़े सीजन से रोजगार मिला। 9.44 लाख पेटियां जब मार्केट से निकलीं, तो हजारों लोगों को काम करने का मौका मिला। इसीलिए तलाला आम मार्केट केवल आमों का बाजार नहीं है, बल्कि यह पूरे गुजरात की आर्थिक गतिविधि का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

आने वाले सालों में अगर यही ट्रेंड जारी रहे, तो गुजरात आम उत्पादन और निर्यात में और भी आगे बढ़ सकता है। किसानों को सही प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकें और बाजार की पूरी जानकारी देकर उनकी क्षमता को और भी बेहतर बनाया जा सकता है। तलाला का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन सभी के लिए प्रेरणा का काम कर सकता है।