PM मोदी कोलकाता में करेंगे योग, अमित शाह गुजरात में
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारी पूरे देश में जोर-शोर से चल रही है। इस बार का योग दिवस देश के लिए एक खास मायने रखता है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोलकाता में और गृह मंत्री अमित शाह गुजरात में इस महत्वपूर्ण आयोजन का नेतृत्व करेंगे। देशभर में इस अवसर पर योग के प्रति जनता की रुचि को बढ़ावा देने के लिए विशाल आयोजन किए जा रहे हैं। योग दिवस केवल एक दिन का समारोह नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा को विश्व मंच पर प्रदर्शित करने का सुअवसर है।
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' रखी गई है। यह थीम बेहद प्रासंगिक और महत्वपूर्ण है क्योंकि आधुनिक समय में बुजुर्गों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। योग के माध्यम से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है, बल्कि मानसिक शांति भी मिल सकती है। इस थीम के जरिए लोगों को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का एक अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही, स्वस्थ और सुखी जीवनशैली अपनाने के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का कोलकाता में विशेष आयोजन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोलकाता में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य समारोह का नेतृत्व करेंगे। कोलकाता का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यह शहर भारतीय संस्कृति और ज्ञान-विज्ञान का केंद्र माना जाता है। कोलकाता में होने वाले इस आयोजन में देश भर से योग प्रशिक्षक, आयुर्वेद विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तित्व शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल योग के महत्व को समझाने के लिए होगा, बल्कि वृद्धावस्था में स्वास्थ्य बनाए रखने के तरीकों को भी प्रदर्शित करेगा।
कोलकाता में योग दिवस के अवसर पर विभिन्न आयु वर्ग के लोग भाग लेंगे। विशेषकर बुजुर्गों को योग के लाभों से अवगत कराया जाएगा। योग आसन, प्राणायाम और ध्यान जैसी तकनीकों को प्रदर्शित किया जाएगा जो विशेषकर वृद्ध लोगों के लिए उपयोगी हैं। कोलकाता के मैदान में इस आयोजन की दृश्यमानता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई जाएगी। यह भारत की सॉफ्ट पावर को दुनिया के सामने रखने का एक शानदार अवसर है।
गुजरात में अमित शाह का विशेष योग आयोजन
गृह मंत्री अमित शाह गुजरात में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सह-आयोजन का नेतृत्व करेंगे। गुजरात का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रदेश महात्मा गांधी की जन्मभूमि है और यहां स्वास्थ्य एवं सुस्थता की परंपरा बहुत पुरानी है। गुजरात में होने वाले इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों लोग शामिल होंगे। अमित शाह इस अवसर पर योग को राष्ट्रीय विकास का एक महत्वपूर्ण अंग बताएंगे।
गुजरात में योग आयोजन की विशेषता यह होगी कि यहां ग्रामीण क्षेत्रों में योग को बढ़ावा देने पर अधिक जोर दिया जाएगा। योग केंद्रों की स्थापना करने और योग शिक्षकों की प्रशिक्षण योजना भी इस अवसर पर घोषित की जा सकती है। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं के लिए अलग-अलग योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। गुजरात की यह पहल पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकती है।
देशभर में योग दिवस की धूमाधाम
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश भर में एक विशाल आयोजन की तैयारी की जा रही है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और अन्य प्रमुख शहरों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्कों, स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और निजी संस्थानों में सामूहिक योग सत्र का आयोजन किया जाएगा। योग दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालयों में भी विशेष व्याख्यान और कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
देश की सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवान भी इस अवसर पर विशेष योग कार्यक्रमों में भाग लेंगे। योग के माध्यम से उनकी शारीरिक क्षमता और मानसिक तरलता को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी इस अवसर पर योग का महत्व समझाया जाएगा ताकि वे अपने रोगियों को योग के बारे में सही जानकारी दे सकें।
योग दिवस की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' का चुनाव बेहद दूरदर्शी है। आज का समाज तेजी से बुजुर्ग हो रहा है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। योग एक ऐसी विधि है जो सभी उम्र के लोगों के लिए उपयोगी है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। नियमित योग अभ्यास से हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों में कमी आती है।
इस वर्ष का योग दिवस न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए एक संदेश है कि योग और प्राचीन भारतीय ज्ञान आधुनिक समय की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी दिखाता है कि सरकार योग को कितनी गंभीरता से लेती है। आशा है कि इस योग दिवस से देश में एक योग क्रांति आएगी और लोग अपने जीवन में योग को शामिल करेंगे।




