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Saturday, 04 July 2026
राजनीति

राजस्थान यूसीसी-2026: बड़े बदलाव और विवरण

author
Komal
संवाददाता
📅 23 June 2026, 6:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 758 views
राजस्थान यूसीसी-2026: बड़े बदलाव और विवरण
📷 aarpaarkhabar.com

राजस्थान सरकार राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड-2026 को लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। यह कदम राजस्थान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाला है जो देश भर में बहुत महत्व रखता है। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आकार देने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

भजनलाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया है। यह समिति राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए आवश्यक कानूनी ढांचे को तैयार करने के लिए जिम्मेदार होगी। समिति में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ और कानून विद् शामिल हैं जो इस जटिल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ और महत्व

यूनिफॉर्म सिविल कोड एक एकीकृत कानूनी प्रणाली है जो सभी नागरिकों को धर्म, जाति और लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना समान कानूनी अधिकार देती है। इसका मुख्य उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति के मामलों में एकरूपता लाना है। वर्तमान समय में भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग धार्मिक कानून लागू हैं जो कई बार असंगति पैदा करते हैं।

राजस्थान राज्य में भी विभिन्न धार्मिक समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून हैं। यूनिफॉर्म सिविल कोड इस भ्रम को समाप्त करेगा और सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करेगा। इससे न्यायालयों में मामलों की सुनवाई में भी सरलता आएगी और कानूनी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

संभावित बड़े बदलाव और प्रभाव

राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड-2026 के लागू होने से कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। विवाह के मामलों में यह कोड विवाह की न्यूनतम आयु, वैवाहिक अधिकार और दायित्व को परिभाषित करेगा। विवाह विच्छेद के मामलों में भी यह कोड समान प्रक्रिया निर्धारित करेगा चाहे दंपत्ति किसी भी धर्म के हों।

उत्तराधिकार के कानून में भी यह महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा। संपत्ति के बंटवारे में पुत्र और पुत्री दोनों को समान अधिकार दिए जाएंगे। महिलाओं को संपत्ति के मामलों में अधिक सुरक्षा और समान अधिकार मिलेंगे। यह परिवर्तन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

तलाक के मामलों में भी यूसीसी समान प्रक्रिया और समान अधिकार सुनिश्चित करेगा। बच्चों की अभिरक्षा, गुजारा भत्ता और अन्य संबंधित मामलों में एकीकृत नियम बनेंगे। इससे विवाहित जोड़ों को तलाक के समय न्यायसंगत समाधान मिलेगा।

कार्यान्वयन की प्रक्रिया और समय सीमा

भजनलाल सरकार ने 2026 तक इस कोड को लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए समिति को एक निर्दिष्ट समय सीमा के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। समिति सभी हितधारकों से परामर्श लेगी और जनता की राय भी सुनेगी।

राजस्थान विधानसभा में इस कोड को कानून का रूप देने के लिए विधेयक पारित करना होगा। यह प्रक्रिया काफी जटिल होगी क्योंकि इसमें विभिन्न धार्मिक समुदायों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखना होगा। सरकार सभी पक्षों के साथ सहमति बनाने का प्रयास करेगी।

कानून पारित होने के बाद इसे लागू करने के लिए प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करना होगा। न्यायालयों को नए नियमों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। सामान्य जनता को भी इस नए कानून के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

राजस्थान का यह कदम देश में एक महत्वपूर्ण उदाहरण स्थापित करेगा। गुजरात के बाद यदि राजस्थान में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो जाता है तो यह पूरे देश में इसके विस्तार के लिए आधार तैयार करेगा। कानूनी विशेषज्ञ इसे एक प्रगतिशील कदम मानते हैं जो भारतीय समाज को आधुनिकता की ओर ले जाएगा।

राजस्थान सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कोड सभी नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए लागू किया जाएगा। धार्मिक स्वतंत्रता में कोई कमी नहीं की जाएगी, बल्कि सिर्फ व्यक्तिगत कानूनों को एकीकृत किया जाएगा। यह दृष्टिकोण सामाजिक सामंजस्य को बनाए रखते हुए कानूनी सुधार करने का प्रयास है।

राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड-2026 का कार्यान्वयन एक दीर्घ प्रक्रिया है लेकिन इसके लाभ असंदिग्ध हैं। यह कानून समाज में समानता, न्याय और समरसता को बढ़ावा देगा। राजस्थान के नागरिकों को एक सुदृढ़ और स्पष्ट कानूनी ढांचा मिलेगा जो उनके अधिकारों की रक्षा करेगा और उन्हें न्यायपूर्ण समाधान प्रदान करेगा।