घर में लगाएं सस्ता फायर सेफ्टी सिस्टम, बचाएं जान
लखनऊ और दिल्ली में हुई भयानक आग की घटनाओं के बाद देशभर में आग से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जहां एक तरफ इन घटनाओं ने हजारों परिवारों को तबाह कर दिया, वहीं दूसरी तरफ हर घर के मुखिया के मन में एक सवाल पैदा हो गया है कि क्या वाकई कुछ सस्ते और आसान सेफ्टी सिस्टम घर में लगाकर अपनों की जान बचाई जा सकती है। इसी सवाल का जवाब देने के लिए आज हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ बेहद कारगर और किफायती फायर सेफ्टी सिस्टम की जानकारी।
आग की घटनाएं बहुत तेजी से फैलती हैं और कई बार तो लोगों को समझ में ही नहीं आता कि क्या हो गया। लेकिन अगर आपके घर में सही तरह के सेफ्टी सिस्टम लगे हों तो न केवल आप को समय पर चेतावनी मिल जाती है, बल्कि आप तुरंत कदम उठा सकते हैं। हाल ही में हुई घटनाओं में देखा गया है कि जहां सेफ्टी डिवाइस थे, वहां लोग समय पर बाहर निकल सके, लेकिन जहां ये सिस्टम नहीं थे, वहां भारी नुकसान हुआ।
स्मोक डिटेक्टर: आपकी पहली लाइन ऑफ डिफेंस
स्मोक डिटेक्टर घर में आग की सबसे पहली चेतावनी देता है। ये छोटे से यंत्र में लगा सेंसर धुएं को तुरंत पकड़ लेता है और तेज आवाज निकालता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये बहुत सस्ते होते हैं। भारतीय बाजार में आप ₹800 से लेकर ₹2500 तक के स्मोक डिटेक्टर आसानी से खरीद सकते हैं।
घर में स्मोक डिटेक्टर लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि ये बेडरूम, किचन और ड्राइंग रूम जैसी मुख्य जगहों पर लगे हों। रोजमर्रा की सफाई भी जरूरी है क्योंकि धूल-मिट्टी जमा होने से ये सही तरह काम नहीं करता। बहुत से लोग सोचते हैं कि क्या ये बार-बार बजेगा और परेशान करेगा, लेकिन अगर आप रसोई में खाना बनाते समय ध्यान दें तो ये समस्या नहीं होगी।
फायर एक्सटिंगुइशर: घर की सुरक्षा की जिम्मेदारी
स्मोक डिटेक्टर के बाद फायर एक्सटिंगुइशर आपके घर की सुरक्षा का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा है। बहुत से लोग सोचते हैं कि ये केवल बड़ी इमारतों या ऑफिसों में लगते हैं, लेकिन यह बिल्कुल गलत है। आजकल तो हर घर में कम से कम एक छोटा फायर एक्सटिंगुइशर होना चाहिए। दिल्ली और लखनऊ की घटनाओं में भी देखा गया कि जहां घर में एक्सटिंगुइशर था, वहां लोग आग को नियंत्रित कर सके।
घर के लिए आमतौर पर 1-2 किलोग्राम का डिब्बी फायर एक्सटिंगुइशर काफी होता है। इसकी कीमत ₹1200 से ₹3000 के बीच होती है। किचन में आग लगने की सबसे ज्यादा संभावना होती है, इसलिए एक्सटिंगुइशर को किचन के करीब रखना चाहिए। बस एक बात का ध्यान रखें कि बिजली की आग पर पानी वाला एक्सटिंगुइशर न डालें। उसके लिए विशेष प्रकार के एक्सटिंगुइशर होते हैं।
स्प्रिंकलर सिस्टम और अन्य विकल्प
जो लोग थोड़ा ज्यादा खर्च कर सकते हैं, उनके लिए स्प्रिंकलर सिस्टम एक बेहतरीन विकल्प है। यह सिस्टम आग लगते ही पानी छोड़ना शुरू कर देता है। हालांकि इसे इंस्टॉल करना थोड़ा महंगा हो सकता है, लेकिन ये जीवन बचाने में बेहद कारगर साबित होता है। भारत में कई जगहों पर ये सिस्टम ₹15000 से शुरू होते हैं।
इसके अलावा आप पर्दे और फर्नीचर खरीदते समय ध्यान दें कि वो आग-रोधी सामग्री से बने हों। रसोई में गैस स्टोव के करीब से चीजें जमा न करें। बिजली के तारों को समय-समय पर जांचते रहें। पुराने या खराब तार आग का मुख्य कारण होते हैं।
एक और बहुत महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरे घर में आग की निकासी के रास्ते साफ रखें। सीढ़ियों के पास, खिड़कियों के सामने सामान न रखें। घर में आग निकलने की स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता खुला होना बेहद जरूरी है। कई घटनाओं में देखा गया है कि लोग सामान की वजह से बाहर निकल ही नहीं सके।
अपने परिवार को भी नियमित रूप से आग की स्थिति में क्या करना चाहिए, इस बारे में सिखाएं। बच्चों को बताएं कि आग लगने पर दरवाजे या खिड़की खोलने की कोशिश न करें क्योंकि इससे आग और तेजी से फैलती है। सीधे बाहर निकलने का रास्ता तलाशें। धुएं से बचने के लिए जमीन के पास घुटनों के बल चलें।
यह सच है कि ये सस्ते सेफ्टी सिस्टम हर बार आपको सफलतापूर्वक बचा पाएंगे या नहीं, लेकिन ये निश्चित है कि ये आपको समय देते हैं। आग की घटना में हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है। एक स्मोक डिटेक्टर आपको उस कीमती समय को बर्बाद करने से बचाता है जो आपके लिए जीवन और मृत्यु के बीच का फर्क हो सकता है। इसलिए देर न करते हुए आज ही अपने घर में ये सेफ्टी सिस्टम लगवा दें। यह निवेश आपके घर को दुर्घटना से बचाने का बीमा है।




