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Saturday, 13 June 2026
राजनीति

महाराष्ट्र: खरात कांड में एकनाथ शिंदे के 17 कॉल का दावा

author
Komal
संवाददाता
📅 03 April 2026, 11:42 PM ⏱ 1 मिनट 👁 745 views

खरात कांड: एकनाथ शिंदे के कॉल रिकॉर्ड से मची सियासी हलचल

महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद छिड़ गया है। दुष्कर्म के आरोपी पाखंडी बाबा अशोक खरात के कॉल रिकॉर्ड को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है। अंजलि दमानिया के चौंकाने वाले दावों ने सत्ताधारी गठबंधन को मुश्किल में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और आरोपी खरात के बीच 17 कॉल हुए हैं।

यह मामला महज कॉल रिकॉर्ड का नहीं है, बल्कि इससे राज्य की राजनीति में भूचाल आ सकता है। विपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला है और CBI जांच की मांग की है।

महाराष्ट्र: खरात कांड में एकनाथ शिंदे के 17 कॉल का दावा

अंजलि दमानिया के गंभीर आरोप

राजनीतिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने जो दावे किए हैं, वे काफी गंभीर हैं। उनके अनुसार कॉल डिटेल्स के विश्लेषण से पता चलता है कि अशोक खरात के फोन से कई बड़े नेताओं को कॉल किए गए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम को लेकर हो रही है।

दमानिया का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से पूर्ण पारदर्शिता बरतने की मांग की है।

कॉल रिकॉर्ड विवाद की तफसीलें

सूत्रों के मुताबिक, अशोक खरात के मोबाइल की कॉल डिटेल्स में कई महत्वपूर्ण नंबर दिखाई दे रहे हैं। इनमें से कुछ कॉल्स की अवधि काफी लंबी है, जो इस बात का संकेत देती है कि ये केवल औपचारिक बातचीत नहीं थीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये आरोप सच साबित होते हैं तो यह महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ा झटका होगा। खरात जैसे विवादित व्यक्ति से बार-बार संपर्क के सवाल खड़े हो रहे हैं।

### मुख्य कॉल डिटेल्स:

| व्यक्ति | कॉल्स की संख्या | अवधि |

-----------------------------------
एकनाथ शिंदे17 (दावा)विस्तृत
अन्य नेताजांच जारीअज्ञात

सत्ताधारी पार्टी का बचाव

इन गंभीर आरोपों के बाद भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपना बचाव किया है। पार्टी के प्रवक्ताओं का कहना है कि यह विपक्ष की साजिश है और इन आरोपों में कोई दम नहीं है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के समर्थकों का कहना है कि राजनेताओं से तमाम तरह के लोग संपर्क करते रहते हैं और इसका मतलब यह नहीं होता कि वे उनके गलत कामों में शामिल हैं। वे इसे राजनीतिक दुष्प्रचार बता रहे हैं।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि अगर कोई ठोस सबूत मिलता है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

विपक्ष का तीखा हमला

कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और NCP (शरद पवार) ने इस मामले को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला है। उनका कहना है कि यह सरकार की नैतिकता पर सवाल खड़े करता है।

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर ये आरोप सच हैं तो यह बेहद शर्मनाक बात है। उन्होंने तुरंत CBI जांच की मांग की है।

कांग्रेस नेताओं ने भी इस मामले में हाई कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। उनका कहना है कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी को यह जांच सौंपी जानी चाहिए।

अशोक खरात का विवादित अतीत

अशोक खरात पहले भी विवादों में रहा है। उस पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें दुष्कर्म के मामले प्रमुख हैं। वह खुद को एक धार्मिक गुरु के रूप में पेश करता था, लेकिन पुलिस जांच में उसकी असलियत सामने आई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खरात के आश्रम में कई संदिग्ध गतिविधियां होती थीं। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के कई मामले दर्ज हैं।

आगे की राह

इस पूरे मामले में अभी तक कई सवाल अनुत्तरित हैं। विपक्ष लगातार जांच की मांग कर रहा है, वहीं सरकार इन आरोपों को खारिज कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति को प्रभावित कर सकता है। यदि जांच में कुछ ठोस सबूत मिलते हैं तो यह सत्ताधारी गठबंधन के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है।

फिलहाल यह मामला अदालत और जांच एजेंसियों के हवाले है। जनता इंतजार कर रही है कि सच्चाई सामने आए और न्याय हो। महाराष्ट्र की राजनीति में इस विवाद का क्या असर होगा, यह समय बताएगा।