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Thursday, 16 July 2026
मौसम

22 राज्यों में मानसून: 4 दिनों में और राज्यों में

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Komal
संवाददाता
📅 28 June 2026, 6:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.2K views
22 राज्यों में मानसून: 4 दिनों में और राज्यों में
📷 aarpaarkhabar.com

देश के मौसम में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मानसून अब तक 22 राज्यों तक पहुंच चुका है। यह खबर गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि, अभी भी कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक है।

मानसून का यह आगमन इस बार सामान्य समय से पहले ही हो गया है। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में पहले से ही भारी बारिश हो रही है। इससे कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति भी बन गई है। अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से कई लोगों की जान चली गई है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिसमें चार लोग मारे गए हैं।

मानसून की स्थिति और प्रभावित क्षेत्र

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में बताया है कि मानसून अब तक महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर, नागालैंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और अन्य कई राज्यों में प्रवेश कर चुका है। इन सभी राज्यों में अलग-अलग तीव्रता से बारिश देखी जा रही है।

दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में मानसून का प्रभाव सबसे ज्यादा है। केरल और कर्नाटक में भारी बारिश से नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जा गया है। इससे कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। यातायात प्रभावित हो रहा है। लोगों को अपने घरों से निकलना असुरक्षित हो गया है।

पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून का कहर देखा जा रहा है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश हो रही है। ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर खतरे के स्तर को पार कर गया है। हजारों लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं। सरकार राहत कार्य में जुटी हुई है।

अगले चार दिनों में और राज्यों में दस्तक

भारतीय मौसम विभाग के निदेशक ने बताया कि आने वाले चार दिनों में मानसून उत्तर भारत के और भी कई राज्यों में प्रवेश करेगा। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात जल्दी ही मानसून के असर में आएंगे। इससे इन क्षेत्रों में मौसम में बदलाव आएगा और तापमान में गिरावट दर्ज होगी।

हालांकि, इस तेजी से आने वाली बारिश के कारण बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। अधिकारियों ने सभी जिलाधीशों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। मिलिटरी और अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया जा रहा है ताकि किसी आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

भीषण गर्मी और लू का कहर अभी जारी

जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर अभी भी कई राज्यों में भीषण गर्मी जारी है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक है। कुछ जगहों पर तो तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया है।

दिल्ली में पिछले एक सप्ताह से लू चल रही है। सड़कों पर दोपहर के समय लोगों की भीड़ नजर नहीं आ रही। स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की भीड़ लगी हुई है। सरकार ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और घर में रहने की अपील की है।

राजस्थान के कई जिलों में तो 47 डिग्री का तापमान दर्ज किया गया है। लोग घर में भी नहीं रह सकते क्योंकि बिजली की समस्या है। बिजली की कटौती से रात की बेला भी कठिनाई भरी हो गई है। पानी की कमी भी अनुभव की जा रही है। कुओं और बोरवेलों का जलस्तर नीचे चला गया है।

हरियाणा और पंजाब में भी स्थिति कुछ बेहतर नहीं है। किसान अपनी फसलों की चिंता में हैं। खरीफ का मौसम चल रहा है, लेकिन गर्मी के कारण बीजों का अंकुरण सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। कृषि विभाग ने किसानों को सिंचाई के समय को सुबह-शाम रखने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने कहा है कि आने वाले दिनों में यह स्थिति धीरे-धीरे सुधरेगी। जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ेगा, तापमान में कमी आएगी। लेकिन इस बीच लोगों को सावधान रहना होगा। बारिश के समय बाढ़ का खतरा बना रहेगा, इसलिए नदियों और जलभराव वाली जगहों से दूर रहना चाहिए। साथ ही, अभी भी जहां गर्मी है, वहां लू से बचाव के उपाय करने चाहिए।