मुंबई में भारी बारिश से जलभराव, अंधेरी सबवे बंद
मुंबई और नवी मुंबई में मॉनसून की भीषण बारिश ने पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीती रात से लगातार जारी तेज बारिश के कारण शहर के कई महत्वपूर्ण इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई है। इस भारी वर्षा के चलते यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के अंधेरी, किंग्स सर्कल, वाशी और अन्य निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है। अंधेरी सबवे पूरी तरह बंद कर दिया गया है जिससे लाखों लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से आपातकालीन व्यवस्थाएं की जा रही हैं और नागरिकों से घरों में रहने की अपील की जा रही है।
महानगर पालिका और नगर निगम की टीमें पूरी रात काम करती रहीं। बारिश की तीव्रता देखते हुए स्कूल और कालेजों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। परिवहन विभाग ने बसों और ऑटोरिक्शा की सेवाएं सीमित कर दी हैं।
अंधेरी सबवे बंद, यातायात ठप
अंधेरी सबवे के बंद होने से शहर का यातायात तंत्र पूरी तरह ठप हो गया है। हजारों यात्री सबवे का इंतजार कर रहे हैं लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे बंद रखा गया है। सबवे में पानी घुसने का खतरा था इसलिए प्रशासन को यह कठोर कदम उठाना पड़ा।
शहर की सड़कें भारी ट्रैफिक से जाम हो गईं हैं। कई इलाकों में निजी वाहनों का आवागमन मुश्किल हो गया है। पुलिस की टीमें सड़कों पर तैनात हैं और लोगों को सुरक्षित मार्ग दिखा रही हैं। मेट्रो रेल सेवा भी आंशिक रूप से प्रभावित हुई है।
नवी मुंबई के वाशी इलाके में भी जलभराव की गंभीर स्थिति है। यहां की सड़कों पर आधा मीटर तक पानी भर गया है। स्थानीय निवासियों को घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दुकानों और व्यापारियों को भी अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं।
आबादी वाले इलाकों में तबाही
मुंबई के सबसे आबाद इलाकों में भारी तबाही मचा दी है इस बारिश ने। किंग्स सर्कल जैसे व्यावसायिक केंद्रों में पानी की कई फीट गहराई हो गई है। यहां की दुकानें, बैंक और कार्यालय सभी जलभराव से जूझ रहे हैं।
दादर, मरीन ड्राइव जैसे समृद्ध इलाकों में भी पानी भर गया है। कई बहुमंजिला इमारतों के तहखानों में पानी घुस गया है जिससे वाहन और सामान को नुकसान हुआ है। निवासियों में गुस्से और निराशा का माहौल है।
जनता एक्सप्रेस हाईवे पर भी जलभराव के कारण ट्रैफिक बेहद धीमा हो गया है। कई जगह तो ट्रैफिक सिग्नल ही काम करना बंद कर गए हैं। पुलिस कर्मचारियों को मैन्युअली ट्रैफिक को संभालना पड़ रहा है।
नागरिकों की मुश्किलें और प्रशासनिक प्रयास
आम नागरिकों को बारिश से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग अपने ऑफिस नहीं जा सके और घर पर ही फंस गए हैं। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष मुश्किलें आ रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है क्योंकि जलभराव से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने साफ-सफाई और कीटनाशकों का छिड़काव शुरू कर दिया है।
नागरिक सेवा केंद्रों पर आपातकालीन नंबर खोल दिए गए हैं। एनडीआरएफ की टीमें शहर में तैनात हैं। नाव और रबर बोट्स की व्यवस्था की गई है किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए।
महापालिका ने सभी निवासियों से घरों में रहने का आग्रह किया है। बारिश रुकने तक शहर में पूर्ण पाबंदी है। आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी है। इसलिए शहर को और अधिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन सभी तैयारियां कर रहा है।
यह मुंबई के लिए मॉनसून का सबसे भारी दिन रहा है। प्रकृति की इस मार के सामने मानव शक्ति बिल्कुल नगण्य लगती है। शहर को पूरी तरह सामान्य होने में कई दिन लग सकते हैं। आशा है कि जल्द ही बारिश बंद हो जाए और जीवन पटरी पर लौट आए।




