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Saturday, 04 July 2026
राजनीति

वीबी-जी राम जी कानून लागू, ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन रोजगार

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Komal
संवाददाता
📅 01 July 2026, 6:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 246 views
वीबी-जी राम जी कानून लागू, ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन रोजगार
📷 aarpaarkhabar.com

नई दिल्ली - केंद्र सरकार ने बुधवार को 1 जुलाई से वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 को पूरे देश में लागू कर दिया है। यह ऐतिहासिक कदम ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार लाया है। इस नए कानून के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी, जो पहले 100 दिन थी। साथ ही, औसत दैनिक मजदूरी को 298.8 रुपये से बढ़ाकर 327.4 रुपये कर दिया गया है और न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन तय की गई है।

नए कानून के मुख्य प्रावधान

वीबी-जी राम जी अधिनियम ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में एक मजबूत कानूनी ढांचा स्थापित करता है। इस कानून के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों के किसी भी वयस्क सदस्य को साल भर में कम से कम 125 दिन का रोजगार देने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी। यह संख्या पहली बार 100 दिन से बढ़ाई गई है, जो ग्रामीण मजदूरों की आजीविका में महत्वपूर्ण वृद्धि सुनिश्चित करता है।

कानून में निर्धारित न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन है, जो सभी राज्यों में समान रूप से लागू होगी। औसत दैनिक मजदूरी 327.4 रुपये तय की गई है, जिससे मजदूरों की क्रय क्षमता में वृद्धि होगी। यह वेतन वृद्धि महंगाई को देखते हुए किया गया है और इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

इस कानून के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को 15 दिन के भीतर रोजगार मिल जाना चाहिए। यदि रोजगार नहीं दिया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना होगा। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि ग्रामीण मजदूरों को उनके अधिकार का पूरी तरह पालन किया जाए और कोई भी जरूरतमंद परिवार छूट न जाए।

कार्यान्वयन और पात्रता के नियम

वीबी-जी राम जी अधिनियम के कार्यान्वयन के लिए सभी जिलों में पंचायत स्तर पर कार्यान्वयन दल गठित किए जाएंगे। ग्रामीण परिवार के सदस्यों को पहले अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इस योजना के लाभ लेने के लिए आवेदनकर्ता को भारत का नागरिक होना चाहिए और ग्रामीण क्षेत्र में निवास करना चाहिए। 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति पंजीकरण करवा सकता है। पंजीकरण के बाद व्यक्ति को एक कार्ड दिया जाएगा जो उनकी पहचान और पात्रता को सिद्ध करेगा।

राज्य सरकारों को अपने क्षेत्र में रोजगार के लिए परियोजनाएं चिन्हित करनी होंगी। इन परियोजनाओं में मुख्यतः ग्रामीण बुनियादी ढांचे, जल संरक्षण, सड़क निर्माण और अन्य सार्वजनिक कार्य शामिल होंगे। इससे न केवल ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास भी होगा।

आर्थिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं

इस कानून के लागू होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। 125 दिन का रोजगार गारंटी मजदूरों को साल भर आय का एक निश्चित हिस्सा प्रदान करेगा। 327.4 रुपये की औसत दैनिक मजदूरी से एक परिवार को सालाना लगभग 40,925 रुपये की निश्चित आय मिलेगी, जो ग्रामीण परिवारों के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

यह कानून खासकर महिलाओं के लिए फायदेमंद साबित होगा। महिलाओं को पुरुषों के समान वेतन दिया जाएगा, जिससे लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा। बाल श्रम को रोकने में भी यह कानून मदद करेगा, क्योंकि परिवारों को पर्याप्त आय मिलने से बच्चों को काम पर भेजने की जरूरत नहीं होगी।

केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए पर्याप्त बजटीय आवंटन किया है। राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में इस कानून को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक सहायता भी दी जाएगी। भारतीय अर्थव्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्र का अहम् योगदान है और इस कानून के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

वीबी-जी राम जी अधिनियम एक ऐतिहासिक पहल है जो लाखों ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी। इसके माध्यम से भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और गरीबी उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। आने वाले समय में इस योजना के सकारात्मक परिणाम देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।