तमिलनाडु: DMK का सीएम पर हमला, मुरासोली में उठे सवाल
तमिलनाडु में DMK के मुखपत्र मुरासोली ने CM विजय पर निशाना साधा। अभिनेत्री को सलामी, कानून-व्यवस्था और अपराध पर उठे गंभीर सवाल।
चेन्नई - तमिलनाडु में राजनीतिक घमासान का माहौल बना हुआ है। द्रमुक पार्टी के आधिकारिक मुखपत्र मुरासोली ने विजय जोसफ की सरकार पर जोरदार हमला बोला है। इस संपादकीय में सीएम की कार्यशैली से लेकर कानून-व्यवस्था, अपराध, नशीली दवाओं की समस्या और मंत्रियों-विधायकों पर लगे गंभीर आरोपों तक कई विषयों पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही एक प्रसिद्ध अभिनेत्री को सलामी देने का मुद्दा भी इसमें शामिल है।
यह खबर तमिलनाडु की राजनीति में उथल-पुथल का संकेत दे रही है। विपक्षी पार्टी द्रमुक सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर आलोचना कर रही है। मुरासोली के इस संपादकीय में जो बातें कही गई हैं, वे राज्य की गंभीर समस्याओं की ओर इशारा करती हैं।
सीएम की कार्यशैली पर सवाल
मुरासोली में प्रकाशित संपादकीय में मुख्यमंत्री विजय जोसफ की कार्यप्रणाली को लेकर तीखी आलोचना की गई है। अखबार ने सवाल उठाया है कि क्या सरकार दिन-प्रतिदिन के प्रशासनिक कामों को सही तरीके से संभाल पा रही है। विजय जोसफ की सरकार के दो साल का कार्यकाल बीत चुका है और इस दौरान कई विवादास्पद फैसले हुए हैं।
द्रमुक का आरोप है कि वर्तमान सरकार विकास के नाम पर महिलाओं और दलितों को नजरअंदाज कर रही है। सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को भूलकर सरकार अपनी नीतियां तय कर रही है। मुरासोली ने यह भी कहा है कि सीएम की नीतियों से आम आदमी को कोई सीधा लाभ नहीं मिल रहा है। बल्कि आर्थिक मामलों में हालात और भी खराब हो गए हैं।
संपादकीय में यह भी कहा गया है कि सरकार के शीर्ष अधिकारियों के बीच आपसी सहमति की कमी है। विभिन्न विभागों के मंत्री अपने-अपने ढर्रे पर काम कर रहे हैं। इससे सरकार की नीतियों में सामंजस्य नहीं दिख रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक राज्य सरकार अपने ही विभागों के बीच तालमेल नहीं बिठा सकती।
कानून-व्यवस्था और अपराध में वृद्धि
मुरासोली की सबसे बड़ी चिंता तमिलनाडु में अपराधों की बढ़ती हुई घटनाएं हैं। संपादकीय में कहा गया है कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर असफल साबित हुई है। राज्य में हत्या, लूटपाट, बलात्कार जैसे गंभीर अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। पुलिस विभाग भी लगातार कमजोर पड़ता दिख रहा है।
अखबार ने यह सवाल उठाया है कि क्या सरकार ने कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए हैं? आम जनता को सड़कों पर सुरक्षित महसूस नहीं हो रही है। महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से अपराधों का डर सताता है। नशीली दवाओं की समस्या भी राज्य में भयंकर रूप धारण कर चुकी है।
द्रमुक का मानना है कि अगर सरकार अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत न करे तो भविष्य में राज्य की सुरक्षा को लेकर और भी गंभीर समस्याएं आएंगी। पुलिस बल को बेहतर प्रशिक्षण, पर्याप्त संसाधन और आधुनिक तकनीक से लैस करने की जरूरत है। अभी तक इसमें कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है।
अभिनेत्री को सलामी और मंत्रियों पर आरोप
मुरासोली ने एक प्रसिद्ध अभिनेत्री को सलामी देने के मुद्दे पर भी कठोर आलोचना की है। अखबार के अनुसार, सरकार ने जन्मदिन के अवसर पर इस अभिनेत्री को राजकीय सलामी दी। यह कार्य सरकार की निजी स्वार्थ और सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग को दर्शाता है।
द्रमुक का कहना है कि सरकार के पास तो जन-सेवा के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन फिल्मी सितारों को सलामी देने के लिए संसाधन हैं। यह तमिलनाडु की राजनीति में एक नया और खतरनाक रुझान है। सार्वजनिक जीवन में फिल्म जगत के प्रभाव को लेकर द्रमुक गंभीर चिंता व्यक्त करता है।
संपादकीय में मंत्रियों और विधायकों पर भी विभिन्न आरोपों का जिक्र है। कहा गया है कि कई मंत्री और विधायक अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए सरकारी पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। भ्रष्टाचार की शिकायतें सरकार के शीर्ष स्तर तक नहीं पहुंच रही हैं। इससे पार्टी के आंतरिक अनुशासन में कमी आ रही है।
तमिलनाडु की राजनीति में यह आंतरिक संकट चिंताजनक है। द्रमुक पार्टी, जो कभी सामाजिक न्याय के लिए जानी जाती थी, अब अपनी मूल विचारधारा से दूर होती दिख रही है। मुरासोली का यह संपादकीय पार्टी के भीतर आत्मचिंतन का प्रयास लगता है।
सरकार को इन सवालों का उत्तर देना चाहिए। कानून-व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सार्वजनिक संसाधनों का सही उपयोग ही सरकार की जिम्मेदारी है। अगर सरकार इन समस्याओं को नजरअंदाज करे तो आने वाले चुनावों में उसे जनता का कड़ा जवाब मिल सकता है।




