CM विजय 20 घंटे काम करते हैं, सुबह 4 बजे भी आते हैं कॉल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के 100 दिन पूरे हुए। मंत्री आधव अर्जुन ने बताया कि विजय रोजाना 18-20 घंटे काम करते हैं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने अपने कार्यकाल के शुरुआती सौ दिन बेहद मेहनत और लगन के साथ पूरे किए हैं। इन सौ दिनों में उन्होंने जो काम का तरीका अपनाया है, उससे साफ दिख रहा है कि वह राज्य के विकास के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री विजय की कर्मठता और समर्पण की चर्चा अब पूरे राज्य में हो रही है।
मुख्यमंत्री विजय के करीबी सहयोगी और राज्य मंत्री आधव अर्जुन ने हाल ही में एक साक्षात्कार में विजय के काम करने के तरीके और उनकी मेहनत की जानकारी दी है। आधव अर्जुन के मुताबिक, विजय न केवल दिन में काम करते हैं बल्कि रात को भी महत्वपूर्ण कार्यों को संभालते हैं। वह रोजाना करीब 18 से 20 घंटे तक राज्य के विभिन्न मामलों में लगे रहते हैं। यह बात सुनकर यह साफ हो जाता है कि विजय अपनी जिम्मेदारियों को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
सुबह चार बजे भी आते हैं महत्वपूर्ण कॉल
विजय की कर्मठता का अंदाजा इसी बात से लगता है कि उनके पास सुबह के चार बजे भी महत्वपूर्ण कॉल आ जाते हैं। यह दर्शाता है कि राज्य के मुख्यमंत्री के पास कितने सारे महत्वपूर्ण कार्य होते हैं जिन्हें दिन के किसी भी समय निपटाने की जरूरत पड़ सकती है। राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिले के प्रशासक और अन्य महत्वपूर्ण लोग मुख्यमंत्री से संपर्क करते हैं ताकि राज्य की समस्याओं का समाधान जल्दी हो सके।
मुख्यमंत्री विजय का दिन सुबह बहुत जल्दी शुरू हो जाता है। वह अपने कार्यालय आने से पहले ही विभिन्न विभागों की जानकारी लेना शुरू कर देते हैं। उनके सहयोगियों के मुताबिक, विजय बहुत ही विस्तार से किसी भी विषय को समझते हैं और फिर उसके बारे में निर्णय लेते हैं। वह कोई भी त्वरित या आधारहीन फैसला नहीं लेते हैं।
राज्य के विकास में लगे रहते हैं विजय
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विकास के कार्यों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और अवसंरचना विकास - ये सभी क्षेत्र उनकी प्राथमिकता में हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर विजय नियमित रूप से अपने अधिकारियों से संपर्क में रहते हैं।
विजय के इस कार्य शैली से साफ दिख रहा है कि वह राज्य के नागरिकों के कल्याण को लेकर कितने गंभीर हैं। उन्होंने अपने पहले सौ दिनों में ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं जो राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। विजय का मानना है कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी बहुत बड़ी होती है और इसलिए उन्हें दिन-रात मेहनत करनी चाहिए।
राज्य की जनता विजय के काम करने के तरीके की सराहना कर रही है। सोशल मीडिया पर लोग उनकी मेहनत और समर्पण के बारे में सकारात्मक बातें कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक भी कह रहे हैं कि अगर विजय इसी तरह मेहनत करते रहें तो तमिलनाडु निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण राज्य बन सकता है।
आधव अर्जुन ने की तारीफ
मंत्री आधव अर्जुन ने अपने बयान में विजय की तुलना एक समर्पित सैनिक से की है। उन्होंने कहा कि विजय अपने राज्य के लिए उसी तरह निष्ठावान हैं जिस तरह एक सैनिक अपने देश के लिए होता है। आधव अर्जुन के मुताबिक, विजय के साथ काम करना एक अलग ही अनुभव है क्योंकि उनमें काम को करने की अद्भुत क्षमता है।
आधव अर्जुन ने यह भी बताया कि विजय कभी-कभी रात भर जागते हैं ताकि किसी महत्वपूर्ण समस्या का समाधान निकल सके। राज्य के किसी भी कोने में अगर कोई समस्या हो तो विजय उसके बारे में जानने की कोशिश करते हैं और उसे हल करने के लिए काम करते हैं। उनकी यह नीति राज्य के विभिन्न विभागों में एक सकारात्मक माहौल बना रही है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के इस प्रयास से साफ दिख रहा है कि वह राज्य के भविष्य को लेकर कितना गंभीर हैं। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है कि राज्य में एक नई ऊर्जा दिख रही है। अगले दिनों में विजय से और भी बेहतर काम की अपेक्षा की जा रही है।




