🔴 ब्रेकिंग
विराट कोहली जॉर्डन कॉक्स का मेंटर, फोन पर सदा मिलते हैं|शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026: साढ़ेसाती से राहत|पुरानी जींस से बनाएं प्रोडक्ट्स और कमाएं पैसे|लखनऊ सिपाही को नाम के कारण गिरफ्तार किया गया|विनेश फोगाट का BJP पर तीखा हमला, बृजभूषण को बताया गुंडा|नेतन्याहू का ममदानी पर बड़ा राजनीतिक वार|सोने की खदान धंसी, 30 खनिकों की मौत|दिल्ली की हवा और यमुना प्रदूषण पर समिति की रिपोर्ट|ईरान-ओमान समझौता: ट्रंप की धमकी क्यों?|असीम और अनुज लुगुन की कविता – मेरी बाँहें आसमान|विराट कोहली जॉर्डन कॉक्स का मेंटर, फोन पर सदा मिलते हैं|शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026: साढ़ेसाती से राहत|पुरानी जींस से बनाएं प्रोडक्ट्स और कमाएं पैसे|लखनऊ सिपाही को नाम के कारण गिरफ्तार किया गया|विनेश फोगाट का BJP पर तीखा हमला, बृजभूषण को बताया गुंडा|नेतन्याहू का ममदानी पर बड़ा राजनीतिक वार|सोने की खदान धंसी, 30 खनिकों की मौत|दिल्ली की हवा और यमुना प्रदूषण पर समिति की रिपोर्ट|ईरान-ओमान समझौता: ट्रंप की धमकी क्यों?|असीम और अनुज लुगुन की कविता – मेरी बाँहें आसमान|
Wednesday, 19 August 2026
राजनीति

MEA: ट्रंप टिप्पणी और भारत-बांग्लादेश जल विवाद

विदेश मंत्रालय ने ट्रंप की टिप्पणी, भारत-बांग्लादेश जल विवाद, तीस्ता परियोजना और आतंकवाद पर विस्तृत बयान दिया।

author
Komal
संवाददाता
📅 19 August 2026, 5:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 374 views
MEA: ट्रंप टिप्पणी और भारत-बांग्लादेश जल विवाद
📷 aarpaarkhabar.com

नई दिल्ली - भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को ट्रंप की हाल की टिप्पणियों, भारत और बांग्लादेश के बीच चलने वाले जल विवादों और आतंकवाद के मुद्दे पर महत्वपूर्ण बयान दिए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार इन सभी मामलों पर अपनी स्पष्ट नीति पर दृढ़ रहेगी। यह बयान तब आया है जब भारत-बांग्लादेश संबंधों में कई मुद्दों को लेकर बातचीत चल रही है।

ट्रंप की टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय का रुख

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने कहा कि भारत अपने आंतरिक मामलों के बारे में किसी की टिप्पणी को लेकर चिंतित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत एक प्रभुसत्तासंपन्न राष्ट्र है और अपने चुनावी प्रक्रिया एवं राजनीतिक व्यवस्था के बारे में किसी से सलाह नहीं लेता है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा दुनिया में सबसे मजबूत है और हमारे नागरिक पूरी जिम्मेदारी से अपना संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करते हैं। विदेश मंत्रालय का यह बयान भारत की आत्मनिर्भरता और राजनीतिक स्वतंत्रता के प्रति दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि भारत अपनी विदेश नीति और राष्ट्रीय हित के संरक्षण में कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत की संविधान-सम्मत प्रक्रियाएं पूरी दुनिया में सराही जाती हैं। भारत के चुनावी तंत्र को लेकर किसी बाहरी व्यक्ति या संस्था की टिप्पणी भारत के लिए महत्वपूर्ण नहीं है। सरकार ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपने मामलों में किसी के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा।

भारत-बांग्लादेश जल विवाद और तीस्ता परियोजना

विदेश मंत्रालय ने भारत और बांग्लादेश के बीच जल से संबंधित मामलों पर विस्तार से अपनी स्थिति स्पष्ट की है। प्रवक्ता ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 54 नदियां साझा हैं, जिनमें से कई अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनमें से कई नदियां दोनों देशों के लिए कृषि, जलविद्युत उत्पादन और पीने के पानी का स्रोत हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने सदा ही इन नदियों के उचित बंटवारे और संरक्षण के लिए बांग्लादेश के साथ सकारात्मक तरीके से काम किया है।

तीस्ता नदी परियोजना के संबंध में विदेश मंत्रालय ने कहा कि नई दिल्ली की स्थिति पहले ही ढाका को स्पष्ट रूप से बता दी गई है। प्रवक्ता ने उल्लेख किया कि भारत का लक्ष्य ऐसे समाधान तक पहुंचना है जो दोनों देशों के लिए लाभकारी हो। भारत ने कहा कि तीस्ता परियोजना पर आगे की बातचीत के लिए दोनों देशों के बीच मौजूदा संवादों के तंत्र को उपयोग किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने जोर दिया कि ये समझौते अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और नियमों का पूर्ण पालन करते हुए किए जाएंगे। भारत इस बात पर विश्वास करता है कि सभी जल विवादों का समाधान सहयोग और पारस्परिक सम्मान के माध्यम से संभव है।

आतंकवाद पर भारत की कड़ी नीति

विदेश मंत्रालय ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की दृढ़ नीति को दोहराते हुए कहा कि नई दिल्ली इसे शून्य सहिष्णुता के साथ देखता है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत के क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों को खत्म करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत बांग्लादेश से भी अपेक्षा करता है कि वह अपने क्षेत्र से आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने या उन्हें आश्रय देने की अनुमति न दे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपनी सुरक्षा एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता देता है ताकि वे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर सकें। विदेश मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद विरोधी एजेंसियों के साथ घनिष्ठ सहयोग करता है। भारत का मानना है कि आतंकवाद एक वैश्विक खतरा है और इसके खिलाफ लड़ाई में सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

विदेश मंत्रालय के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत सरकार अपनी विदेश नीति, जल विवाद और आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर कोई विचलन नहीं करेगी। विदेश मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि भारत बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करते हुए अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता रहेगा। प्रवक्ता के बयान से यह भी संकेत मिलता है कि भारत दोनों देशों के बीच विद्यमान मुद्दों को हल करने के लिए रचनात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना जारी रखेगा।